फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   apl card holders demanded ration

Charkhi Dadri News: महंगाई का दौर, सरकार करे गौर

Sat, 02 Nov 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 02 Nov 2024 02:57 AM IST
विज्ञापन
apl card holders demanded ration
एपीएल राशन कार्डधारकों ने उठाई सस्ती दर पर डिपो से राशन मुहैया कराने की मांग
विज्ञापन

पहले सहकारी समितियों के माध्यम से आम कार्डधारक को सस्ती दर पर मिलती थी चीनी व गेहूं
सरकार से की बंद की गई योजना दोबारा शुरू करने की मांग


संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सामान्य व अन्य श्रेणी के एपीएल (एबव पाॅवर्टी लाइन) राशन कार्डधारकों ने सरकारी एवं सस्ती दर पर राशन डिपो से चीनी, गेहूं व अन्य जरूरत के सामान उपलब्ध करवाने की मांग की है। इन कार्डधारकों का तर्क है कि आज से करीब साढ़े तीन दशक पहले सरकार सभी श्रेणी के कार्डधारकों को सस्ती दर पर सामान उपलब्ध करवाती थी। इनका कहना है कि महंगाई का दौर है। सरकार को इस मामले पर गौर करना चाहिए।
कार्डधारकों ने बताया कि सरकार ने एपीएल श्रेणी के लोगों के राशन कार्ड तो बनवा दिए, लेकिन, अब इसका कहीं प्रयोग नहीं हो पा रहा है। पहले सहकारी समितियों के माध्यम से चीनी व गेहूं सस्ती दर पर मिलते थे।
विज्ञापन


एपीएल कार्डधारक राजेश, मुन्नी, कविता, सुरेंद्र व जगमोहन ने बताया कि पहले सामान्य ही नहीं, सभी श्रेणी के लोगों को सस्ती दर पर राशन डिपो से चीनी, गेहूं व तेल मिलता था। अनाज व चीनी प्रति व्यक्ति के हिसाब से मिलती थी। बाद में सरकार ने यह सुविधा बंद कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब कुछ सालों से सरकार ने गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के अलग से राशन कार्ड बनवा दिए। इनमें गुलाबी व बीपीएल कार्ड शामिल हैं। शेष श्रेणी के लोगों के एपीएल नाम से बने राशन कार्ड का कोई फायदा नहीं है। यह राशन कार्ड कई मौकों पर पहचानपत्र का भी काम नहीं कर रहा है। आधार कार्ड की वजह से एपीएल कार्ड का कोई वजूद नहीं है। बीती योजना में एपीएल कार्ड बनाए गए हैं। तीन दशक से एपीएल कार्ड बनाए ही नहीं जा रहे थे। हर साल पुराने राशन कार्ड की समयावधि बढ़ा दी जाती थी।

कार्डधारक बोले : सस्ती दर पर राशन देने का पुराना नियम लागू हो

-महंगाई का दौर है। चीनी काफी महंगी है। सरकार को चाहिए कि एपीएल राशन कार्डधारकों को सरकारी एवं सस्ती दर पर चीनी व अनाज उपलब्ध करवाए। इससे आम कार्ड धारकों को काफी राहत मिल सकेगी।

-मुकेश, कार्डधारक


-एक समय था जब सामान्य ही नहीं, सभी श्रेणी के लोगों को सरकारी दर पर सस्ते दामों में चीनी, गेहूं, कपड़ा व तेल मिलता था। यह सुविधा सरकार को फिर से शुरू करनी चाहिए। ताकि, आमजन को महंगाई के इस दौर में कुछ राहत मिल सके।

-मंजीत, कार्डधारक


सरकार को सरकारी रेट पर चीनी व गेहूं आदि देने का पुराना नियम फिर से लागू करना चाहिए। चाहे सामान की मात्रा कम ही दे दी जाए, इससे आम आदमी को काफी हद तक राहत मिल सकेगी। यह योजना फिर से शुरू होनी चाहिए।

-साहिल, कार्डधारक
-बीपीएल व गुलाबी कार्ड तो पिछली तीन योजनाओं से शुरू हुए हैं। पहले सभी लोगों का आम राशन कार्ड होता था। इस कार्ड पर प्रति व्यक्ति सरकारी दर पर चीनी, गेहूं व कपड़ा आदि मिलता था। सरकार को यह योजना फिर से शुरू करनी चाहिए।


-राजेंद्र, कार्डधारक



वर्सन :
सामान्य श्रेणी के एपीएल कार्ड को कुछ जगह पहचानपत्र के रूप में ही प्रयोग किया जा रहा है। अगर सरकार ऐसी कोई योजना फिर से लाती है तो एपीएल कार्डधारकों को भी सरकारी दर पर चीनी व गेहूं देने के लिए विभाग तैयार है।
-कुलदीप सिंह, लेखाकार, खाद्य आपूर्ति विभाग


खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

फोटो-28
शहर स्थित राशन वितरण डिपो। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed