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Charkhi Dadri News: 18 माह पहले सेना में बताैर चालक भर्ती हुए थे अमित, छह माह बाद होनी थी शादी
Wed, 07 May 2025 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 07 May 2025 12:32 AM IST
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चरखी दादरी के गांव सारंगपुर निवासी बलिदानी जवान अमित सांगवान की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित
चरखी दादरी। सारंगपुर निवासी बलिदानी जवान अमित सांगवान को मंगलवार दोपहर लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। इससे पहले धीरान गांव से पैतृक गांव तक तिरंगे से ढके ताबूत के साथ उनकी शव यात्रा निकाली गई। इस दौरान सड़क शहीद अमित सांगवान अमर रहे के नारों से गूंज उठी।
अमित सांगवान की उम्र साढ़े 23 वर्ष थी। गांव के राजकीय स्कूल से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई की। इसके बाद भिवानी के कॉलेज से बीकॉम की। डेढ़ साल पहले वह सेना में बतौर चालक भर्ती हुए और उनकी पोस्टिंग पठानकोट में थी। रविवार को वह सेना के ट्रक में साथी जवानों के साथ जम्मू कश्मीर गए थे और उसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। छह माह बाद उनकी शादी होनी थी।
अमित के घर में दादा आजाद सिंह, दादी ओमपति और मां कृष्णा सांगवान हैं जबकि पिता राजेश सांगवान की करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। दादा आजाद सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं और अब गांव में ही खेती करते हैं। मां कृष्णा सांगवान और दादी ओमपति गृहिणी हैं।
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अमित की बड़ी बहन सीमा की शादी हो चुकी है। जवान की मौत के बाद पूरे परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है। मंगलवार को अमित सांगवान के पंचतत्व में विलीन होने तक अंतिम यात्रा में शामिल लोग भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा-अमित सांगवान तेरा नाम रहेगा...के नारे लगाते रहे।
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अमित सांगवान की उम्र साढ़े 23 वर्ष थी। गांव के राजकीय स्कूल से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई की। इसके बाद भिवानी के कॉलेज से बीकॉम की। डेढ़ साल पहले वह सेना में बतौर चालक भर्ती हुए और उनकी पोस्टिंग पठानकोट में थी। रविवार को वह सेना के ट्रक में साथी जवानों के साथ जम्मू कश्मीर गए थे और उसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। छह माह बाद उनकी शादी होनी थी।
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अमित के घर में दादा आजाद सिंह, दादी ओमपति और मां कृष्णा सांगवान हैं जबकि पिता राजेश सांगवान की करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। दादा आजाद सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं और अब गांव में ही खेती करते हैं। मां कृष्णा सांगवान और दादी ओमपति गृहिणी हैं।
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अमित की बड़ी बहन सीमा की शादी हो चुकी है। जवान की मौत के बाद पूरे परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है। मंगलवार को अमित सांगवान के पंचतत्व में विलीन होने तक अंतिम यात्रा में शामिल लोग भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा-अमित सांगवान तेरा नाम रहेगा...के नारे लगाते रहे।