चरखी दादरी। महेंद्रगढ़ चुंगी पर नगर परिषद द्वारा बनाए गए डंपिंग प्वाइंट का विरोध करने पर प्रशासन ने 2018 में पूर्व विधायक और तत्कालीन पार्षदों पर केस दर्ज करवाया था। इस मामले की सोमवार को कोर्ट परिसर में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूर्व विधायक राजदीप फौगाट और आठ तत्कालीन पार्षदों समेत 11 लोगों को बरी किया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में दादरी के तत्कालीन विधायक राजदीप फौगाट के नेतृत्व में दादरी के महेंद्रगढ़ चुंगी स्थित डंपिंग प्वाइंट को बंद करवाने के लिए एक आंदोलन किया गया था। लंबे संघर्ष के बाद भी जब प्रशासन द्वारा शहरवासियों की जायज मांग पूरी नहीं की गई तो लोग तत्कालीन विधायक राजदीप फौगाट के नेतृत्व में कूड़ा-कचरे को ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर जिला उपायुक्त के निवास पर डालने के लिए पहुंचे थे। जिला पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लोगों को उपायुक्त निवास पर कूड़ा डालने से रोक लिया था और तुरंत प्रभाव से उनकी मांग मानते हुए महेंद्रगढ़ चुंगी पर बने अवैध डंपिंग प्वाइंट को बंद कर दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने उपायुक्त निवास पर कूड़ा डालने का प्रयास करने पर तत्कालीन विधायक राजदीप फौगाट, हरियाणा सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन जांघू, तत्कालीन पार्षदों मनोज वर्मा, सुभाष स्वामी, विरेंद्र सांगवान, दीपक श्योराण, महेश गुप्ता, कृष्ण कुमार, दिनेश जांगड़ा, सूरज बैनीवाल, बबलू, पंकज फौगाट, रोहताश, बबलू चौधरी व सचिन फौगाट पर अवैध रूप से कूड़ा उठाने, शहर में दुर्गंध फैलाने जैसे आरोप लगाते हुए दादरी सिटी पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग मामले दर्ज करवाए गए थे। इसके अलावा इस कार्य में प्रयोग किए गए ट्रैक्टरों के एक लाख 30 हजार रुपए के चालान किए। उसके बाद से ही ये मामले न्यायालय में विचाराधीन थे। सोमवार को माननीय न्यायालय ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं, एक मामले में ये पहले ही बरी हो चुके हैं।