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Charkhi Dadri News: राहगीरों को पानी पिलाकर सड़क पर छोड़ दिए प्लास्टिक के गिलास
Sun, 08 Jun 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:40 AM IST
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नगर परिषद कार्यालय के सामने स्थित दुकानों के सामने लगा प्लास्टिक गिलासों का ढेर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। निर्जला एकादशी व द्वादशी के दिन धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं में राहगीरों को मीठा पानी पिलाने की होड़ सी लगी रही। इन दो दिनों में राहगीरों को पानी पिलाने के लिए इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक के गिलास हवा के झोंकों के साथ शनिवार मुख्य सड़कों पर उड़ते नजर आए। ऐसे में आस्था के नाम पर लोगों ने जाने-अनजाने में प्रदूषण को बढ़ावा दिया।
दो दिनों की बात करें तो जिलेभर में पांच लाख से अधिक प्लास्टिक के गिलासों की खपत होने का अनुमान है। वहीं, हैरानी की बात यह है कि किसी भी अधिकारी ने इन गिलासों को इस्तेमाल न करने के लिए लोगों को प्रेरित नहीं किया। जबकि दो दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह दादरी आकर लोगों को प्लास्टिक का प्रयोग न करने का संदेश देकर गए थे।
वीरवार सुबह विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनता कॉलेज में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 36 मिनट का भाषण दिया था। इसमें मुख्य रूप से प्लास्टिक से बनने वाली वस्तुओं का इस्तेमाल न करने का आह्वान किया गया था, लेकिन, इस अपील का दादरी जिले में लोगों पर ज्यादा असर नजर नहीं आया।
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शहर में बिकीं 100 से अधिक पेटियां :निर्जला एकादशी व द्वादशी पर शहर की दुकानों से 100 से अधिक प्लास्टिक गिलास की पेटियां बिकीं। नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय दुकानदार ने बताया कि एक पेटी में 5 हजार तक प्लास्टिक के गिलास आते हैं। ऐसे में 100 से अधिक पेटियों में पांच लाख से अधिक गिलासों के बिकने का अनुमान है।
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चरखी दादरी। निर्जला एकादशी व द्वादशी के दिन धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं में राहगीरों को मीठा पानी पिलाने की होड़ सी लगी रही। इन दो दिनों में राहगीरों को पानी पिलाने के लिए इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक के गिलास हवा के झोंकों के साथ शनिवार मुख्य सड़कों पर उड़ते नजर आए। ऐसे में आस्था के नाम पर लोगों ने जाने-अनजाने में प्रदूषण को बढ़ावा दिया।
दो दिनों की बात करें तो जिलेभर में पांच लाख से अधिक प्लास्टिक के गिलासों की खपत होने का अनुमान है। वहीं, हैरानी की बात यह है कि किसी भी अधिकारी ने इन गिलासों को इस्तेमाल न करने के लिए लोगों को प्रेरित नहीं किया। जबकि दो दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह दादरी आकर लोगों को प्लास्टिक का प्रयोग न करने का संदेश देकर गए थे।
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वीरवार सुबह विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनता कॉलेज में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 36 मिनट का भाषण दिया था। इसमें मुख्य रूप से प्लास्टिक से बनने वाली वस्तुओं का इस्तेमाल न करने का आह्वान किया गया था, लेकिन, इस अपील का दादरी जिले में लोगों पर ज्यादा असर नजर नहीं आया।
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शहर में बिकीं 100 से अधिक पेटियां :निर्जला एकादशी व द्वादशी पर शहर की दुकानों से 100 से अधिक प्लास्टिक गिलास की पेटियां बिकीं। नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय दुकानदार ने बताया कि एक पेटी में 5 हजार तक प्लास्टिक के गिलास आते हैं। ऐसे में 100 से अधिक पेटियों में पांच लाख से अधिक गिलासों के बिकने का अनुमान है।