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Charkhi Dadri News: ओवरलोड वाहन चलाने पर 29 चालकों के लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त

Fri, 23 Aug 2024 06:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 23 Aug 2024 06:09 AM IST
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action on 29 overload vhicles
आरटीए टीम की ओर से जब्त किए गए ओवरलोड वाहन। संवाद
अमर उजाला एक्सकलूसिव:
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प्रस्तावितलीड:
पहली बार चरखी दादरी जिले में आरटीए टीम ने की ऐसी कार्रवाई, 140 ओवरलोड वाहनों पर 60 लाख का जुर्माना भी ठोका
जिले में हुए हादसों में से 40 प्रतिशत का कारण भारी वाहन
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। दादरी जिले में ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए आरटीए विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत पहली बार ओवरलोड वाहन चलाने वाले 29 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त किए गए हैं। साथ ही उनके वाहनों के चालान भी किए गए हैं। लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई जिले में पहली बार हुई है। अगर ये कार्रवाई विभाग ने आगे भी जारी रखी तो ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर काफी हद तक रोक लग सकती है।
दादरी जिले में ओवरलोडिंग बड़ी समस्या है। यह समस्या पिछले कई सालों से बरकरार है। अहम बात यह है कि ओवरलोड वाहनों से जिले में नियमित हादसे हो रहे हैं। अब तक आरटीए टीम केवल ओवरलोड वाहनों के चालान करने तक सीमित थी। अब विभाग ने अपनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। हाल ही में विभाग ने 29 चालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की है। यह ओवरलोड वाहन माफिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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दरअसल, ओवरलोड वाहनों के चालान का पॉवर आरटीए के अलावा दोनों एसडीएम और स्वयं उपायुक्त के पास है। इनके अलावा प्रवर्तन दल को भी ओवरलोड वाहनों की जांच कर चालान करने का अधिकार है। जिले में फिलहाल आरटीए टीम ही ओवरलोड वाहनों पर सख्त नजर आ रही है। अगस्त माह की अब तक की स्थिति देखें तो आरटीए टीम 143 ओवरलोड वाहनों के चालान कर 53.61 लाख रुपये जुर्माना ठोक चुकी है।
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दूसरी ओर प्रवर्तन दल अगस्त में अब तक दो ही चालान कर पाया है। एसडीएम की ओर से फिलहाल ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि, इसका कारण चुनावी व्यस्तता है। अगर प्रशासनिक अमला मिलकर ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करे तो जिले से यह समस्या खत्म की जा सकती है।

- सात माह में 62 सड़क हादसों में 45 लोगों गंवा चुके हैं जान
जिले में हर साल औसतन 100 हादसे होते हैं। इनमें से 40 फीसदी हादसे भारी वाहनों के चलते होते हैं। जनवरी से जुलाई 2024 तक के आंकड़ें देखें तो एनएच-152 डी, 334 बी और 148 बी पर भारी वाहनों के कारण हुए हादसों में 63 लोगों ने अपनी जान गंवाई है जबकि 73 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

- प्रशासन की ओवरलोडिंग रोकने की योजना अभी नहीं चढ़ी सिरे
दादरी जिला प्रशासन ने ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने के लिए पिछले दो साल में दो योजनाएं तैयार की हैं। दोनों अभी सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। इनमें से एक योजना क्रशर जोन में नाके लगाकर ओवरलोड वाहनों को वहीं रोकने की थी। दूसरी योजना एनएच 152 डी टोल प्लाजा पर वेट मशीन लगाने की थी। ताकि ओवरलोड वाहनों का पता चल सके। अगर ये दोनों योजनाएं भी प्रशासन सिरे चढ़ा ले तो स्थिति और बेहतर हो सकती है।


- कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठा मुद्दा
ओवरलोड वाहनों का मुद्दा कष्ट निवारण समिति की बैठक में कई बार उठ चुका है। शिकायतकर्ता पक्ष ओवरलोडिंग में मिलीभगत का आरोप लगा चुका है। पिछली दो बैठक से उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा के पास ये शिकायतें पहुंचीं और उनकी ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।


वर्सन :
टीम हादसों पर नकेल कसने के लिए लगातार ओवरलोड वाहनों के चालान कर रही है। टीम ने 16 अगस्त तक 29 हैवी ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त किए हैं जबकि 143 ओवरलोड वाहनों के चालान भी किए हैं।
-बलबीर सिंह, आरटीए सहायक सचिव

वर्सन:
सरकार ने हमें ओवरलोड वाहनों के चालान करने के लिए अनुमतिपत्र नहीं दिया है। हम केवल आरटीए टीम का सहयोग कर रहे हैं।

-अनूप सिंह, एसआई, प्रवर्तन दल



फोटो:01
आरटीए टीम की ओर से जब्त किए गए ओवरलोड वाहन। संवाद
फोटो 02
रावलधी-दिल्ली बाईपास से गुजरते भारी वाहन। संवाद
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