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Charkhi Dadri News: जिले में 69.30 प्रतिशत हुआ मतदान, वर्ष 2019 के मुकाबले 2 प्रतिशत ज्यादा
Sun, 06 Oct 2024 04:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 06 Oct 2024 04:07 AM IST
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आदमपुर डाढ़ी गांव के बूथ पर वोट डालने के लिए दोपहर बाद लगी महिलाओं की लंबी कतार। संवाद
दादरी हलके में 67.10 तो बाढड़ा हलके में हुआ 71.60 प्रतिशत मतदान, पिछले चुनाव के मुकाबले दोनों हलकों में बढ़ा मतदान प्रतिशत
ईवीएम में कैद हुआ 33 प्रत्याशियों का भाग्य, जिले में ओवरऑल 69.30 प्रतिशत हुआ मतदान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। भारत निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की मतदाता जागरूकता मुहिम रंग लाई। इस बार विधानसभा चुनाव में वर्ष 2019 के मुकाबले 2 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। खास बात यह रही कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार दोनों हलकों में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। अब दोनों हलकों के 33 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद है। देर रात ईवीएम स्ट्रॉग रूम में जमा हो गईं। अब 8 अक्तूबर की सुबह तक ईवीएम अर्धसैनिक बल के सुरक्षा घेरे में रहेंगी।
वर्ष 2024 के चुनाव में दोनों हलकों में हुए मतदान के आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार भी बाढड़ा के मतदाता आगे रहे। पिछले 72 साल के चुनावी इतिहास को देखें तो 14 चुनावों में से दो बार ही दादरी हलके के मतदाता बाढड़ा हलके के मतदाताओं से ज्यादा मतदान कर पाए हैं। इस बार भी बाढड़ा हलके के मतदाताओं ने मतदान में दादरी हलके के मतदाताओं को पछाड़ दिया।
अब अगर वर्ष 2019 और 2024 के चुनाव में हुए मतदान की तुलना करें तो दादरी हलके में इस बार 2 प्रतिशत मतदान ज्यादा हुआ है। वर्ष 2019 के चुनाव में दादरी हलके में 65.10 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि इस बार 67.10 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
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इसी प्रकार, बाढड़ा में वर्ष 2019 में 70.20 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि इस बार 71.60 प्रतिशत मतदान हुआ है। ऐसे में वर्ष 2019 के चुनाव के मुकाबले इस बार 1.40 प्रतिशत मत मतदान हुआ है।
- दोनों हलकों में वर्ष 2014 के चुनाव में हुआ सर्वाधिक मतदान
1967 के चुनाव में दोनों हलकों के मतदाताओं के बीच कड़ा मुकाबला रहा। इसमें दादरी केवल 1.4 फीसदी मतदान न होने से इस दौड़ में बाढड़ा से पीछे रह गया। दूसरी ओर आज तक के चुनावी इतिहास में बाढड़ा हलके में कभी 56 फीसदी से कम मतदान नहीं हुआ है। जबकि दादरी हलके में सबसे कम मतदान साल 1968 में हुआ। इसमें मात्र 40 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। अब अगर बात करें हलका अनुसार सर्वाधिक मतदान की तो दोनों में साल 2014 के चुनाव में अधिक मतदान हुआ। इसमें बाढड़ा हलके में कुल 78.1 जबकि दादरी में 75.1 फीसदी मतदान हुआ। यह अपने चुनाव सालों में हलके का सबसे अधिक मतदान रहा है। इस बार दोनों हलकों में मतदान प्रतिशत गिरा है।
- अब आठ अक्तूबर को मतगणना पर रहेगी नजर
दादरी हलके से इस बार 18 और बाढड़ा हलके से 15 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है। इन 33 प्रत्याशियों को मतदान के बाद अब आठ अक्तूबर को होने वाली मतगणना का इंतजार रहेगा। 8 को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि किस हलके में विधायक का ताज किस प्रत्याशी के सिर सजेगा।
दोनों हलकों में अब तक के मतदान की स्थिति
चुनावी वर्ष - बाढड़ा - दादरी
1967 - 69.9 - 68.5
1968 - 57.20 - 40.20
1972 - 66 - 58.50
1977 - 64.20 - 61.80
1982 - 56.20 - 58.30
1987 - 67.60 - 66.30
1991 - 62.30 - 62.60
1996 - 70.40 - 68.90
2000 - 73.70 - 69.90
2005 - 76.20 - 73.60
2009 - 71.10 - 67.20
2014 - 78.10 - 75.10
2019 - 70.20 - 65.10
2024- 71.60- 67.10
फोटो - 43
घूंघट में मतदान...मिर्च गांव के मतदान केंद्र पर कतार में खड़ी महिला मतदाता। संवाद
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ईवीएम में कैद हुआ 33 प्रत्याशियों का भाग्य, जिले में ओवरऑल 69.30 प्रतिशत हुआ मतदान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। भारत निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की मतदाता जागरूकता मुहिम रंग लाई। इस बार विधानसभा चुनाव में वर्ष 2019 के मुकाबले 2 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। खास बात यह रही कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार दोनों हलकों में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। अब दोनों हलकों के 33 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद है। देर रात ईवीएम स्ट्रॉग रूम में जमा हो गईं। अब 8 अक्तूबर की सुबह तक ईवीएम अर्धसैनिक बल के सुरक्षा घेरे में रहेंगी।
वर्ष 2024 के चुनाव में दोनों हलकों में हुए मतदान के आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार भी बाढड़ा के मतदाता आगे रहे। पिछले 72 साल के चुनावी इतिहास को देखें तो 14 चुनावों में से दो बार ही दादरी हलके के मतदाता बाढड़ा हलके के मतदाताओं से ज्यादा मतदान कर पाए हैं। इस बार भी बाढड़ा हलके के मतदाताओं ने मतदान में दादरी हलके के मतदाताओं को पछाड़ दिया।
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अब अगर वर्ष 2019 और 2024 के चुनाव में हुए मतदान की तुलना करें तो दादरी हलके में इस बार 2 प्रतिशत मतदान ज्यादा हुआ है। वर्ष 2019 के चुनाव में दादरी हलके में 65.10 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि इस बार 67.10 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
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इसी प्रकार, बाढड़ा में वर्ष 2019 में 70.20 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि इस बार 71.60 प्रतिशत मतदान हुआ है। ऐसे में वर्ष 2019 के चुनाव के मुकाबले इस बार 1.40 प्रतिशत मत मतदान हुआ है।
- दोनों हलकों में वर्ष 2014 के चुनाव में हुआ सर्वाधिक मतदान
1967 के चुनाव में दोनों हलकों के मतदाताओं के बीच कड़ा मुकाबला रहा। इसमें दादरी केवल 1.4 फीसदी मतदान न होने से इस दौड़ में बाढड़ा से पीछे रह गया। दूसरी ओर आज तक के चुनावी इतिहास में बाढड़ा हलके में कभी 56 फीसदी से कम मतदान नहीं हुआ है। जबकि दादरी हलके में सबसे कम मतदान साल 1968 में हुआ। इसमें मात्र 40 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। अब अगर बात करें हलका अनुसार सर्वाधिक मतदान की तो दोनों में साल 2014 के चुनाव में अधिक मतदान हुआ। इसमें बाढड़ा हलके में कुल 78.1 जबकि दादरी में 75.1 फीसदी मतदान हुआ। यह अपने चुनाव सालों में हलके का सबसे अधिक मतदान रहा है। इस बार दोनों हलकों में मतदान प्रतिशत गिरा है।
- अब आठ अक्तूबर को मतगणना पर रहेगी नजर
दादरी हलके से इस बार 18 और बाढड़ा हलके से 15 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है। इन 33 प्रत्याशियों को मतदान के बाद अब आठ अक्तूबर को होने वाली मतगणना का इंतजार रहेगा। 8 को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि किस हलके में विधायक का ताज किस प्रत्याशी के सिर सजेगा।
दोनों हलकों में अब तक के मतदान की स्थिति
चुनावी वर्ष - बाढड़ा - दादरी
1967 - 69.9 - 68.5
1968 - 57.20 - 40.20
1972 - 66 - 58.50
1977 - 64.20 - 61.80
1982 - 56.20 - 58.30
1987 - 67.60 - 66.30
1991 - 62.30 - 62.60
1996 - 70.40 - 68.90
2000 - 73.70 - 69.90
2005 - 76.20 - 73.60
2009 - 71.10 - 67.20
2014 - 78.10 - 75.10
2019 - 70.20 - 65.10
2024- 71.60- 67.10
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घूंघट में मतदान...मिर्च गांव के मतदान केंद्र पर कतार में खड़ी महिला मतदाता। संवाद