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Charkhi Dadri News: 65 जलघरों में 15 दिन का पेयजल हुआ स्टॉक
Sun, 22 Mar 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:39 AM IST
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जिले की नहर में बहता पानी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। नहरों में 15 दिन लगातार पानी चलने व बारिश होने की वजह से सभी जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी भरा गया है। अब 15 दिन तक पेयजल संकट से राहत मिल सकेगी। नहरी पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों ने नहरों की मॉनिटरिंग की। इस बार बारिश होने से पानी की चोरी भी नहीं हुई जिससे पानी टेल तक पहुंचा है। सिंचाई विभाग अ??धिकारियों एवं कर्मचारियों जलघरों में पानी डलवाने के साइट का नियमित रूप से दौरा किया। आगामी गर्मी को देखते हुए पानी की कमी न रहे इसके लिए विभाग ने नहरी साइटों की निगरानी बढ़ाई।
अब 24 दिन बाद मिलेगा पानी
नहरों में पांच मार्च को 900 क्यूसिक पानी पहुंचा है। उस समय अधिकतर जलघर खाली थे। जिले में 65 से ज्यादा जलघर हैं। 23 एमएम बारिश होने की वजह से रबी की फसलों में सिंचाई के लिए भी पानी की जरूरत नहीं रही। जिले का करीब 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र नहरी पानी पर ही निर्भर करता है। इस बार पानी की चोरी भी नहीं हुई। जनवरी माह की टर्न में नहरी पानी चोरी के 500 मामले पकड़े गए थे।
167 गांव में होगी है जलापूर्ति
जिले के 167 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी,मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है। इस बार इन सभी जलघरों में पानी भरा गया है।
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नहरों से जुड़े है 78 जाेहड़
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 78 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिला की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। आने वाले गर्मी सीजन को देखते हुए फिलहाल जोहड़ व जलघर पानी से लबालब हो गए हैं। वैसे आने वाले दिनों में पानी की खपत दिन प्रतिदिन बढऩे वाली है। सिंचाई विभाग अ??धिकारियों के अनुसार इस बार भी पानी पर्याप्त मात्रा में मिला है। जलघरों में पर्याप्त पानी डाला गया है।
वर्सन:
पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। जलघरों में पानी भरवा दिया गया है। नहरी पानी की कमी नहीं है। लोग पानी की एक-एक बूंद बचाने का काम करें। -सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अधिकारी, सिंचाई विभाग।
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अब 24 दिन बाद मिलेगा पानी
नहरों में पांच मार्च को 900 क्यूसिक पानी पहुंचा है। उस समय अधिकतर जलघर खाली थे। जिले में 65 से ज्यादा जलघर हैं। 23 एमएम बारिश होने की वजह से रबी की फसलों में सिंचाई के लिए भी पानी की जरूरत नहीं रही। जिले का करीब 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र नहरी पानी पर ही निर्भर करता है। इस बार पानी की चोरी भी नहीं हुई। जनवरी माह की टर्न में नहरी पानी चोरी के 500 मामले पकड़े गए थे।
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167 गांव में होगी है जलापूर्ति
जिले के 167 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी,मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है। इस बार इन सभी जलघरों में पानी भरा गया है।
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नहरों से जुड़े है 78 जाेहड़
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 78 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिला की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। आने वाले गर्मी सीजन को देखते हुए फिलहाल जोहड़ व जलघर पानी से लबालब हो गए हैं। वैसे आने वाले दिनों में पानी की खपत दिन प्रतिदिन बढऩे वाली है। सिंचाई विभाग अ??धिकारियों के अनुसार इस बार भी पानी पर्याप्त मात्रा में मिला है। जलघरों में पर्याप्त पानी डाला गया है।
वर्सन:
पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। जलघरों में पानी भरवा दिया गया है। नहरी पानी की कमी नहीं है। लोग पानी की एक-एक बूंद बचाने का काम करें। -सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अधिकारी, सिंचाई विभाग।