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Charkhi Dadri News: ओपीडी में 590 मरीजों ने करवाया उपचार, एक सिजेरियन सहित चार ऑपरेशन हुए
Tue, 09 Dec 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:15 AM IST
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नागरिक अस्पताल का दौरा करते उपायुक्त, एसडीएम व सिविल सर्जन।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। एसएमओ पद पर सीधी भर्ती रोकने सहित अन्य मांगों के लिए स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों ने सोमवार से दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल कर रहे चिकित्सकों ने ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी, लेबर रूम व पोस्टमार्टम जैसी सेवाएं भी सुचारू न रखने का एलान किया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल को बेअसर करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। इसका नतीजा यह हुआ कि मरीजों को अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। ओपीडी व आपातकालीन वार्ड में आने वाले मरीजों को उपचार देने के लिए विभाग ने आयुष विभाग, एनएचएम के तहत कार्यरत चिकित्सकों को तैनात किया, वहीं गुरुग्राम व रोहतक से भी चिकित्सक बुलाए गए। इनके अलावा मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी तैनात किया गया था जिसके कारण मरीजों को अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा और काफी हद तक स्थिति नियंत्रण में रही। सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी ड्रेस में रहने के निर्देश दिए। सोमवार को ओपीडी में 590 मरीजों ने दवाई लीं।
करीब 90 चिकित्सक रहे हड़ताल पर
जिला स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 81 मेडिकल ऑफिसर सोमवार को हड़ताल पर रहे। इनमें प्रोबेशन अवधि के 35 मेडिकल ऑफिसर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। इनके अलावा विभिन्न जिलों से यहां डेपुटेशन पर आए चिकित्सक भी हड़ताल में शामिल बताए गए हैं। एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी भी हड़ताल में शामिल रहे।
ओपीडी में आए 590 मरीज
चिकित्सकों की ओर से हड़ताल की घोषणा के चलते सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम मरीज नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने आए। सामान्य दिनों में जहां ओपीडी 800 से 900 तक रहती हैं, वहीं सोमवार को केव 590 मरीज की उपचार करवाने पहुंचे। जो मरीज पहुंचे, उनका उपचार किया गया।
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नसबंदी के हुए तीन ऑपरेशन, एक महिला की हुई सिजेरियन डिलीवरी
सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि सोमवार को हड़ताल के बावजूद नागरिक अस्पताल में नसबंदी के तीन ऑपरेशन हुए। इनके अलावा एक महिला की सिजेरियन डिलीवरी करवाई गई। वहीं दो महिलाओं की सामान्य डिलीवरी करवाई गई। इनके अलावा अस्पताल में एक्स-रे, आईसीयू, आपातकालीन वार्ड, लैब आदि में सामान्य दिनों की तरह सेवाएं जारी रहीं।
ये चिकित्सक रहे तैनात
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनएचएम के तहत कार्यरत 12 चिकित्सक, आयुष विभाग से 10 चिकित्सक, चार कंसलटेंट इनमें एक गुरुग्राम व एक रोहतक से, 34 कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम आदि में तैनात किए गए थे। इनके अलावा 15 जूनियर रेजिडेंट स्टूडेंट और 6 सीनियर रेजिडेंट स्टूडेंट भी तैनात रहे।
उपायुक्त, एसडीएम पहुंचे अस्पताल
उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम योगेश सैनी ने भी नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंच कर मरीजों से बात की और स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी सेवाएं बिना किसी अवरोध के जारी रहें और मरीजों की आवश्यकताओं के अनुसार दवाइयों व चिकित्सकीय सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मरीजों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़ : डॉ. राजीव
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन दादरी के अध्यक्ष डॉ. राजीव बेनीवाल ने कहा कि चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान एएमओ, सीएचओ व मेडिकल कॉलेज से विद्यार्थियों को बुलाया गया है। यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। एमएलसी नहीं बनीं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की मांगों में मुख्य रूप से एसएमओ पद पर सीधी भर्ती को तुरंत बंद करना तथा संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना जारी करना है।
वर्सन :
सभी महत्वपूर्ण सेवाएं पूर्व की भांति सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई।- डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।
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करीब 90 चिकित्सक रहे हड़ताल पर
जिला स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 81 मेडिकल ऑफिसर सोमवार को हड़ताल पर रहे। इनमें प्रोबेशन अवधि के 35 मेडिकल ऑफिसर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। इनके अलावा विभिन्न जिलों से यहां डेपुटेशन पर आए चिकित्सक भी हड़ताल में शामिल बताए गए हैं। एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी भी हड़ताल में शामिल रहे।
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ओपीडी में आए 590 मरीज
चिकित्सकों की ओर से हड़ताल की घोषणा के चलते सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम मरीज नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने आए। सामान्य दिनों में जहां ओपीडी 800 से 900 तक रहती हैं, वहीं सोमवार को केव 590 मरीज की उपचार करवाने पहुंचे। जो मरीज पहुंचे, उनका उपचार किया गया।
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नसबंदी के हुए तीन ऑपरेशन, एक महिला की हुई सिजेरियन डिलीवरी
सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि सोमवार को हड़ताल के बावजूद नागरिक अस्पताल में नसबंदी के तीन ऑपरेशन हुए। इनके अलावा एक महिला की सिजेरियन डिलीवरी करवाई गई। वहीं दो महिलाओं की सामान्य डिलीवरी करवाई गई। इनके अलावा अस्पताल में एक्स-रे, आईसीयू, आपातकालीन वार्ड, लैब आदि में सामान्य दिनों की तरह सेवाएं जारी रहीं।
ये चिकित्सक रहे तैनात
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनएचएम के तहत कार्यरत 12 चिकित्सक, आयुष विभाग से 10 चिकित्सक, चार कंसलटेंट इनमें एक गुरुग्राम व एक रोहतक से, 34 कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम आदि में तैनात किए गए थे। इनके अलावा 15 जूनियर रेजिडेंट स्टूडेंट और 6 सीनियर रेजिडेंट स्टूडेंट भी तैनात रहे।
उपायुक्त, एसडीएम पहुंचे अस्पताल
उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम योगेश सैनी ने भी नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंच कर मरीजों से बात की और स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी सेवाएं बिना किसी अवरोध के जारी रहें और मरीजों की आवश्यकताओं के अनुसार दवाइयों व चिकित्सकीय सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मरीजों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़ : डॉ. राजीव
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन दादरी के अध्यक्ष डॉ. राजीव बेनीवाल ने कहा कि चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान एएमओ, सीएचओ व मेडिकल कॉलेज से विद्यार्थियों को बुलाया गया है। यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। एमएलसी नहीं बनीं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की मांगों में मुख्य रूप से एसएमओ पद पर सीधी भर्ती को तुरंत बंद करना तथा संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना जारी करना है।
वर्सन :
सभी महत्वपूर्ण सेवाएं पूर्व की भांति सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई।- डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।