{"_id":"697cf67e4777014b9f0c9182","slug":"52-kanungos-and-patwaris-went-on-strike-demanding-the-reinstatement-of-six-suspended-patwaris-leaving-people-distressed-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1009-150781-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: निलंबित किए छह पटवारियों को बहाल करने की मांग पर हड़ताल पर रहे 52 कानूनगो व पटवारी, लोग रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: निलंबित किए छह पटवारियों को बहाल करने की मांग पर हड़ताल पर रहे 52 कानूनगो व पटवारी, लोग रहे परेशान
Fri, 30 Jan 2026 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
लघु सचिवालय की पार्किंग में धरने पर नारेबाजी करते कानूनगो एवं पटवारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी पटवारी एवं कानूनगो हड़ताल पर रहे। जिले के सभी पटवारी व कानूनगो स्थानीय लघु सचिवालय परिसर की पार्किंग में एकत्रित हुए। उन्होंने पिछले दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से निलंबित किए छह पटवारियों की बहाली की मांग के लिए सांकेतिक धरना दिया। धरने की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलबीर सांगवान ने की। हड़ताल से करीब 80 लाख रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ।
जिले में कार्यरत पटवारियों एवं कानूनगो के हड़ताल पर रहने से राजस्व संबंधित कार्य प्रभावित हुए और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निलंबित किए गए पटवारियों को पिछले काफी दिनों से वापस कार्य पर लिए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार द्वारा इस तरफ गंभीरता न दिखाने पर एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर शुक्रवार से प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना व प्रदर्शन शुरू किया गया है।
सभी पटवारी व कानूनगो रहे हड़ताल पर
बता दें कि दादरी जिले में कुल 52 कानूनगो व पटवारी कार्यरत हैं। इनमें सात कानूनगो व 45 पटवारी हैं। शुक्रवार को दादरी व बाढड़ा तहसील के साथ-साथ बौंद कलां उप-तहसील के पटवारी व कानूनगो भी सांकेतिक धरने व हड़ताल पर रहे। धरने पर बैठे एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि आगामी तीन कार्य दिवस में मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलबीर सांगवान ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी ने कई बार उच्च अधिकारियों के माध्यम से छह पटवारियों को बहाल करने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन सरकार द्वारा उक्त पटवारियों को अब तक बहाल नहीं किया गया है।
बाढड़ा तहसील प्रधान रामभगत ने कहा कि सरकार द्वारा पटवारियों को बिना किसी जांच के निलंबित किया गया है, जो अनुचित है। तहसील दादरी प्रधान कुलबीर छिल्लर ने बताया कि खरीफ 2025 की क्षति पूर्ति पोर्टल पर गिरदावरी के खराबे के संबंध में सरकार धरातल की यथा स्थिति से अनभिज्ञ है क्योंकि उस समय खेतों में जलभराव के कारण पानी भरा था और प्रत्येक खेत में जाकर फोटो लेना संभव नहीं था।
जिला सचिव प्रतीक जांघू ने कहा कि सरकार को अविलंब 6 पटवारियों को बहाल करना चाहिए क्योंकि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कार्य करते हुए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर हजारों की संख्या में शिकायतों का सत्यापन किया है।
80 लाख के राजस्व का हुआ नुकसान, काफी लोग हुए परेशान
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की हड़ताल के चलते शुक्रवार को दादरी, बाढड़ा व बौंद कलां तहसील कार्यालयों में राजस्व संबंधित कार्य ठप रहे। लोगों को जमीनों के इंतकाल, जमाबंदी आदि की नकल को सत्यापित करवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं रिहायश प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पैमाइश, आय प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड आदि से संबंधित कार्य भी प्रभावित रहे। एक अनुमान के अनुसार हड़ताल के चलते करीब 80 लाख रुपये का राजस्व भी प्रभावित हुआ।
निमली के पटवारी को भी किया गया था सस्पेंड
बता दें कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे की एक ही फोटो कई बार अपलोड करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गत पांच दिसंबर को प्रदेश के छह पटवारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। इनमें दादरी जिले के गांव निमली के पटवारी को भी सस्पेंड किया गया था।
विज्ञापन
जिले में कार्यरत पटवारियों एवं कानूनगो के हड़ताल पर रहने से राजस्व संबंधित कार्य प्रभावित हुए और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निलंबित किए गए पटवारियों को पिछले काफी दिनों से वापस कार्य पर लिए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार द्वारा इस तरफ गंभीरता न दिखाने पर एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर शुक्रवार से प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना व प्रदर्शन शुरू किया गया है।
विज्ञापन
सभी पटवारी व कानूनगो रहे हड़ताल पर
बता दें कि दादरी जिले में कुल 52 कानूनगो व पटवारी कार्यरत हैं। इनमें सात कानूनगो व 45 पटवारी हैं। शुक्रवार को दादरी व बाढड़ा तहसील के साथ-साथ बौंद कलां उप-तहसील के पटवारी व कानूनगो भी सांकेतिक धरने व हड़ताल पर रहे। धरने पर बैठे एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि आगामी तीन कार्य दिवस में मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलबीर सांगवान ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी ने कई बार उच्च अधिकारियों के माध्यम से छह पटवारियों को बहाल करने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन सरकार द्वारा उक्त पटवारियों को अब तक बहाल नहीं किया गया है।
बाढड़ा तहसील प्रधान रामभगत ने कहा कि सरकार द्वारा पटवारियों को बिना किसी जांच के निलंबित किया गया है, जो अनुचित है। तहसील दादरी प्रधान कुलबीर छिल्लर ने बताया कि खरीफ 2025 की क्षति पूर्ति पोर्टल पर गिरदावरी के खराबे के संबंध में सरकार धरातल की यथा स्थिति से अनभिज्ञ है क्योंकि उस समय खेतों में जलभराव के कारण पानी भरा था और प्रत्येक खेत में जाकर फोटो लेना संभव नहीं था।
जिला सचिव प्रतीक जांघू ने कहा कि सरकार को अविलंब 6 पटवारियों को बहाल करना चाहिए क्योंकि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कार्य करते हुए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर हजारों की संख्या में शिकायतों का सत्यापन किया है।
80 लाख के राजस्व का हुआ नुकसान, काफी लोग हुए परेशान
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की हड़ताल के चलते शुक्रवार को दादरी, बाढड़ा व बौंद कलां तहसील कार्यालयों में राजस्व संबंधित कार्य ठप रहे। लोगों को जमीनों के इंतकाल, जमाबंदी आदि की नकल को सत्यापित करवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं रिहायश प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पैमाइश, आय प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड आदि से संबंधित कार्य भी प्रभावित रहे। एक अनुमान के अनुसार हड़ताल के चलते करीब 80 लाख रुपये का राजस्व भी प्रभावित हुआ।
निमली के पटवारी को भी किया गया था सस्पेंड
बता दें कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे की एक ही फोटो कई बार अपलोड करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गत पांच दिसंबर को प्रदेश के छह पटवारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। इनमें दादरी जिले के गांव निमली के पटवारी को भी सस्पेंड किया गया था।