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प्रदेश में 50 हजार मंदबुद्धि, प्राइवेट कंपनियां और संस्थाएं मदद के लिए आएं आगे : मक्कड़

Sat, 18 Feb 2023 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 18 Feb 2023 11:57 PM IST
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50,000 mentally retarded, private companies and institutions should come forward to help in the state: Makkar
समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेते दिव्यांग आयोग के राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़। सं
चरखी दादरी। दिव्यांग आयोग के राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़ शनिवार को दादरी रेस्ट हाउस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगों की समस्याएं सुनकर मौके ही निराकरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 50 हजार मानसिक दिव्यांग हैं। उनके उपचार और देखभाल के लिए निजी कंपनियों और समाजसेवी संस्थाओं को आगे आना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिव्यांगों की सेवा, सुविधा और रोजगार का उचित प्रबंध किया हुआ है। दिव्यांगों को सरकारी नौकरियों में वर्ष 2017 से चार प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है और बैकलॉग की भरपाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने दिव्यांगों का आरक्षण खत्म कर दिया था। मौजूदा सरकार ने वर्ष 1996 से 2017 तक बैकलॉग की नौकरियों में तीन प्रतिशत और 2017 के बाद भरी जाने वाली नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया है। करीब 15 हजार दिव्यांग कर्मचारी बैकलॉग से लगाए जाएंगे। इसके अलावा पदोन्नति में भी दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि अभी चिकित्सा विभाग में 103 दिव्यांग डॉक्टर लगाए गए हैं और 297 विशेष अध्यापकों की नियुक्ति की गई है।
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राजकुमार मक्कड़ ने कहा कि सरकारी नौकरियों में नियुक्ति के लिए दिव्यांग युवकों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों में 32,500 दिव्यांग बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जा रहा है। ये विद्यार्थी काॅलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ने जाते हैं तो उनको 2.50 लाख रुपये या काॅलेज की फीस जो भी कम होगी वह संस्थान को सरकार की ओर से दी जाएगी। कोई दिव्यांग विदेश जाकर पढ़ना चाहता है तो उसको भी सरकारी खर्च पर भिजवाया जाएगा। प्रदेश के दस दिव्यांग बच्चे विदेश पढ़ने गए हुए हैं। दिव्यांगों का शारीरिक परीक्षण कर उनके प्रमाणपत्र बनाने के लिए दादरी जिले के बड़े गांवों में जल्दी ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाए जाएंगे। इस मौके पर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश राठौर, विजय कुमार, हंसराज कलियाणा, नरेश चुटानी, राधेश्याम गर्ग, एडवोकेट अशोक जांगड़ा, सतीश बजाज, अजय बागला, अनीता अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
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- मानसिक विकलांगों के लिए अंबाला में बन रहा 100 बेड का अस्पताल
राजकुमार मक्कड़ ने बताया कि अंबाला जिले में पांच एकड़ भूमि में 37 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से सौ बेड का अस्पताल मानसिक विकलांगों की देखभाल के लिए बनाया जा रहा है। इसके अलावा खेल स्टेडियम में अब यह प्रावधान कर दिया गया है कि दिव्यांग खिलाड़ियों को भी खेल विभाग की ओर से फ्री में सामान दिया जाएगा।
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