{"_id":"69b9ac205deaec9bef08f345","slug":"47000-illegal-connections-in-the-city-have-become-a-big-challenge-now-the-department-will-take-action-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-152707-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: शहर में 47 हजार अवैध कनेक्शन बने बड़ी चुनौती, अब विभाग करेगा कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: शहर में 47 हजार अवैध कनेक्शन बने बड़ी चुनौती, अब विभाग करेगा कार्रवाई
Wed, 18 Mar 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। शहर में पानी की बर्बादी रोकने और पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। विभाग की ओर से अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। अधिकारियों का कहना है कि मेन लाइनों में बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन होने से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब 47 हजार अवैध पेयजल कनेक्शन हैं जो विभाग के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। इसके मुकाबले केवल लगभग 17 हजार ही वैध कनेक्शन दर्ज हैं। ऐसे में अवैध कनेक्शनों की संख्या वैध कनेक्शनों से कहीं अधिक है, जिससे पानी का दबाव लगातार कम हो रहा है। परिणामस्वरूप शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
केवल 55 प्रतिशत उपभोक्ता कर रहे भुगतान : वहीं, विभाग के लिए एक और चिंता की बात यह है कि वैध कनेक्शन धारकों में से भी करीब 55 प्रतिशत उपभोक्ता पानी के बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इससे विभाग को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और पेयजल व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभागीय आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब 47 हजार अवैध पेयजल कनेक्शन हैं जो विभाग के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। इसके मुकाबले केवल लगभग 17 हजार ही वैध कनेक्शन दर्ज हैं। ऐसे में अवैध कनेक्शनों की संख्या वैध कनेक्शनों से कहीं अधिक है, जिससे पानी का दबाव लगातार कम हो रहा है। परिणामस्वरूप शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
केवल 55 प्रतिशत उपभोक्ता कर रहे भुगतान : वहीं, विभाग के लिए एक और चिंता की बात यह है कि वैध कनेक्शन धारकों में से भी करीब 55 प्रतिशत उपभोक्ता पानी के बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इससे विभाग को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और पेयजल व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन