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457 पहुंचा एक्यूआई, शहर पर छाई स्मॉग की चादर
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जिले के अरावली क्षेत्र में पेड़ों पर पानी का छिड़काव करती मशीन।
- फोटो : CharkhiDadri
जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़कर 457 एक्यूआई तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए जिले केे सभी पहाड़ों पर खनन कार्य पांच नवंबर तक बंद करने केे निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं, ईंट-भट्ठा मालिकों को जिगजैग तकनीक का इस्तेमाल करने की हिदायतें दी गई हैं। शुक्रवार को दिनभर आसमान स्मॉग की चादर से ढका रहा और लोगों को आंखों में जलन की शिकायत रही। प्रदूषण से बचाव के लिए विभाग ने अरावली की पहाड़ियों के आसपास गांवों में पानी का छिड़काव कराया।
दिवाली के बाद प्रदूषण का एक्यूआई स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटाखे फोड़ने व पराली जलाने से हवा ज्यादा खराब हुई। हालांकि जिले में पराली जलाने का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदूषण का ग्राफ इसके बावजूद नीचे आने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार सुबह आसमान थोड़ा साफ रहा, लेकिन दस बजे स्मॉग छा गया। हालांकि दोपहर तीन बजे तक धूप भी खिली, लेकिन इसके बाद भी प्रदूषण का कहर कम नहीं हुआ। दिनभर आंखों में जलन और श्वास संबंधी तकलीफें लोगों को महसूस हुईं। प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो अगले दो से तीन दिन प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहने के आसार हैं। इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले 96 घंटे खनन कार्य बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रदूषण के बढ़े स्तर को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड ने शुक्रवार को अरावली की पहाड़ियों में टैंकरों से पानी का छिड़काव भी कराया, ताकि धूल के कण पानी से नीचे आ सके।
क्रशर जोन पांच तक रहेगा बंद
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिकृत कमेटी ने एक से पांच नवंबर तक जिले की अरावली की पहाड़ियों पर खनन कार्य पर रोक लगा दी है। इस दौरान क्रशर जोन पर पत्थर आदि तोड़ने व पिसाई का काम नहीं होगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले क्रशर मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्पष्ट हिदायत है कि ईंट-भट्ठा संचालक भट्ठे पर लगी चिमनी का आकार गोल एवं अंडाकार न बनाएं। यह आयताकार सेफ में होना चाहिए, ताकि कार्बन तत्व आसानी से सेटल हो जाए और धुएं से प्रदूषण का स्तर न बढ़ने पाए।
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अधिकारी बोले- खतरनाक है स्थिति
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ हरीश कुमार का कहना है कि आने वाले तीन-चार रोज में प्रदूषण की यही स्थिति बनी रहने की आशंका है। एक्यआई इसी रेंज में बनने रहने के आसार हैं। उन्होंने बताया शुक्रवार शाम 3:45 बजे जिले का प्रदूषण स्तर 457 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो खतरनाक स्थिति में हैं। प्रदूषण स्तर की सामान्य रेंज 100 एक्यूआई तक मानी जाती है। उनका मानना है कि इस समय अगर बारिश हो जाती है तो स्मॉग खत्म हो सकता है। तेज हवाओं के दबाव से भी राहत मिल सकती है।
यहां किया गया पानी का छिड़काव
प्रदूषण विभाग की ओर से शुक्रवार को जिले के अरावली क्षेत्र में मशीन व टैंकर के जरिए पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया गया। गांव बिरही कलां, खेड़ी बत्तर, पिचौपा कलां, पिचौपा खुर्द, अटेला कलां व अटेला खुर्द आदि पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया गया।
एक्सपर्ट की राय : बुजुर्ग सुबह और शाम की सैर से करें गुरेज : सीएमओ
सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि दिवाली के बाद पांच-छह दिन प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता ही है। यह सावधानी बरतने का समय है। बुजुर्गों को चाहिए कि वे सुबह और शाम की सैर से गुरेज करें और श्वास रोगी घर से कम ही बाहर निकलें। घर से बाहर मास्क पहनकर ही निकलें और घर आते ही ठंडे पानी से नियमित अंतराल पर अपनी आंखों को धोएं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ हरीश कुमार ने कहा कि अगले तीन-चार दिनों तक एक्यूआई इसी रेेंज में बने रहने के आसार हैं। विभाग की ओर से बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। क्रशर जोन बंद करवा दिया गया है। पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
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दिवाली के बाद प्रदूषण का एक्यूआई स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटाखे फोड़ने व पराली जलाने से हवा ज्यादा खराब हुई। हालांकि जिले में पराली जलाने का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदूषण का ग्राफ इसके बावजूद नीचे आने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार सुबह आसमान थोड़ा साफ रहा, लेकिन दस बजे स्मॉग छा गया। हालांकि दोपहर तीन बजे तक धूप भी खिली, लेकिन इसके बाद भी प्रदूषण का कहर कम नहीं हुआ। दिनभर आंखों में जलन और श्वास संबंधी तकलीफें लोगों को महसूस हुईं। प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो अगले दो से तीन दिन प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहने के आसार हैं। इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले 96 घंटे खनन कार्य बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रदूषण के बढ़े स्तर को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड ने शुक्रवार को अरावली की पहाड़ियों में टैंकरों से पानी का छिड़काव भी कराया, ताकि धूल के कण पानी से नीचे आ सके।
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क्रशर जोन पांच तक रहेगा बंद
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिकृत कमेटी ने एक से पांच नवंबर तक जिले की अरावली की पहाड़ियों पर खनन कार्य पर रोक लगा दी है। इस दौरान क्रशर जोन पर पत्थर आदि तोड़ने व पिसाई का काम नहीं होगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले क्रशर मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्पष्ट हिदायत है कि ईंट-भट्ठा संचालक भट्ठे पर लगी चिमनी का आकार गोल एवं अंडाकार न बनाएं। यह आयताकार सेफ में होना चाहिए, ताकि कार्बन तत्व आसानी से सेटल हो जाए और धुएं से प्रदूषण का स्तर न बढ़ने पाए।
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अधिकारी बोले- खतरनाक है स्थिति
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ हरीश कुमार का कहना है कि आने वाले तीन-चार रोज में प्रदूषण की यही स्थिति बनी रहने की आशंका है। एक्यआई इसी रेंज में बनने रहने के आसार हैं। उन्होंने बताया शुक्रवार शाम 3:45 बजे जिले का प्रदूषण स्तर 457 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो खतरनाक स्थिति में हैं। प्रदूषण स्तर की सामान्य रेंज 100 एक्यूआई तक मानी जाती है। उनका मानना है कि इस समय अगर बारिश हो जाती है तो स्मॉग खत्म हो सकता है। तेज हवाओं के दबाव से भी राहत मिल सकती है।
यहां किया गया पानी का छिड़काव
प्रदूषण विभाग की ओर से शुक्रवार को जिले के अरावली क्षेत्र में मशीन व टैंकर के जरिए पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया गया। गांव बिरही कलां, खेड़ी बत्तर, पिचौपा कलां, पिचौपा खुर्द, अटेला कलां व अटेला खुर्द आदि पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया गया।
एक्सपर्ट की राय : बुजुर्ग सुबह और शाम की सैर से करें गुरेज : सीएमओ
सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि दिवाली के बाद पांच-छह दिन प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता ही है। यह सावधानी बरतने का समय है। बुजुर्गों को चाहिए कि वे सुबह और शाम की सैर से गुरेज करें और श्वास रोगी घर से कम ही बाहर निकलें। घर से बाहर मास्क पहनकर ही निकलें और घर आते ही ठंडे पानी से नियमित अंतराल पर अपनी आंखों को धोएं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ हरीश कुमार ने कहा कि अगले तीन-चार दिनों तक एक्यूआई इसी रेेंज में बने रहने के आसार हैं। विभाग की ओर से बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। क्रशर जोन बंद करवा दिया गया है। पानी का छिड़काव किया जा रहा है।