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Charkhi Dadri News: 36 साल पुरानी पेयजल लाइन टूटी, 12 दिन से आपूर्ति बंद
Mon, 21 Sep 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:44 AM IST
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चरखी दादरी। शहर के वार्ड 19 स्थित बैंकर कॉलोनी में करीब 36 साल पुरानी सीमेंट की पेयजल लाइन टूटने से पिछले 12 दिनों से आधे वार्ड में पेयजल आपूर्ति ठप है। करीब 225 घरों में नलों से पानी नहीं पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निजी स्तर पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। लंबे समय से बनी इस समस्या को लेकर वार्डवासियों में जनस्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष बना हुआ है।
गौरतलब है कि वार्ड 19 स्थित बैंकर कॉलोनी में पुरानी पेयजल लाइन अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप से पानी का बहाव इतना तेज था कि आसपास की जमीन में कटाव हो गया और एक मकान की नींव करीब दो फुट तक धंस गई। इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल भी बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लाइन को बदला नहीं गया तो दोबारा लीकेज होने पर आसपास के अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बैंकर कॉलोनी में करीब 350 फुट लंबी सीमेंट की पुरानी पेयजल लाइन बिछी हुई है।
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लंबे समय से इस्तेमाल में होने के कारण लाइन कई जगह से कमजोर हो चुकी है। टूट-फूट के कारण बार-बार लीकेज और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की समस्या सामने आती रहती है। इस बार लाइन टूटने के बाद स्थिति अधिक गंभीर हो गई और करीब 12 दिन बीतने के बावजूद प्रभावित हिस्से में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। परेशान लोगों का कहना है कि पेयजल रोजमर्रा की सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल है। घरों में पानी नहीं आने से खाना बनाने, कपड़े धोने, सफाई और अन्य घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं बदली लाइन
वार्ड पार्षद अजय सांगवान ने बताया कि पिछले 12 दिनों से वह जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में नई लोहे की पेयजल लाइन बिछाने की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिकारी समस्या का समाधान करने के बजाय जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। इसके कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा और लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद ने कहा कि पुरानी लाइन को अस्थायी रूप से ठीक करने के बजाय नई लाइन बिछाना जरूरी है। उन्होंने विभाग से प्रभावित 225 घरों की पेयजल समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की है।
करोड़ों खर्च के दावों के बीच पुरानी लाइन का सवाल
वार्डवासियों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद वार्ड 19 की बैंकर कॉलोनी में दशकों पुरानी सीमेंट की लाइन लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि नई पेयजल व्यवस्था और पुरानी जर्जर लाइनों के बीच तालमेल जरूरी है ताकि किसी एक हिस्से में पाइपलाइन टूटने से सैकड़ों परिवारों की आपूर्ति बाधित न हो। वार्डवासियों ने विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त लाइन को जल्द बदला जाए और तब तक प्रभावित घरों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करवाई जाए।
कोट:
पिछले 12 दिनों से घर में नियमित पानी नहीं आ रहा है। रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। मजबूरी में 500 रुपये प्रति टैंकर मंगवाकर परिवार की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। विभाग को समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
- प्रवीन यादव, स्थानीय निवासी
कोट:
पानी की लाइन टूटने के बाद तेज बहाव से जमीन धंस गई और मकान की नींव को भी नुकसान पहुंचा है। परिवार के लोग किसी बड़े हादसे को लेकर चिंतित हैं। पुरानी लाइन को बदलकर नई पाइपलाइन बिछाई जानी चाहिए।
-रामकुमार, स्थानीय निवासी
कोट:
कॉलोनी में 36 साल पुरानी लाइन होने के बावजूद इसे बदला नहीं गया। अब लाइन टूटने से करीब 225 घर प्रभावित हैं। अधिकारियों को मौके पर आकर स्थिति देखनी चाहिए और लोगों को जल्द राहत देनी चाहिए।
- महेंद्र सिंह, वार्डवासी
कोट:
पेयजल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। एक विभाग दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहा है। जब तक नई लाइन नहीं डाली जाती, तब तक ऐसी परेशानी दोबारा सामने आती रहेगी।
- इंद्रजीत सिंह
वर्सन:
जल्दी ही वार्ड में नई पेयजल लाइन बिछवाने का कार्य शुरू करवाया जाएगा, वहीं कॉलोनी के लोगों को घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए प्रतिदिन विभाग की ओर से पानी के टैंकर भिजवाने का काम किया जाएगा।
- सोहनलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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गौरतलब है कि वार्ड 19 स्थित बैंकर कॉलोनी में पुरानी पेयजल लाइन अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप से पानी का बहाव इतना तेज था कि आसपास की जमीन में कटाव हो गया और एक मकान की नींव करीब दो फुट तक धंस गई। इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल भी बना हुआ है।
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लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लाइन को बदला नहीं गया तो दोबारा लीकेज होने पर आसपास के अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बैंकर कॉलोनी में करीब 350 फुट लंबी सीमेंट की पुरानी पेयजल लाइन बिछी हुई है।
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लंबे समय से इस्तेमाल में होने के कारण लाइन कई जगह से कमजोर हो चुकी है। टूट-फूट के कारण बार-बार लीकेज और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की समस्या सामने आती रहती है। इस बार लाइन टूटने के बाद स्थिति अधिक गंभीर हो गई और करीब 12 दिन बीतने के बावजूद प्रभावित हिस्से में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। परेशान लोगों का कहना है कि पेयजल रोजमर्रा की सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल है। घरों में पानी नहीं आने से खाना बनाने, कपड़े धोने, सफाई और अन्य घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं बदली लाइन
वार्ड पार्षद अजय सांगवान ने बताया कि पिछले 12 दिनों से वह जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में नई लोहे की पेयजल लाइन बिछाने की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिकारी समस्या का समाधान करने के बजाय जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। इसके कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा और लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद ने कहा कि पुरानी लाइन को अस्थायी रूप से ठीक करने के बजाय नई लाइन बिछाना जरूरी है। उन्होंने विभाग से प्रभावित 225 घरों की पेयजल समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की है।
करोड़ों खर्च के दावों के बीच पुरानी लाइन का सवाल
वार्डवासियों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद वार्ड 19 की बैंकर कॉलोनी में दशकों पुरानी सीमेंट की लाइन लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि नई पेयजल व्यवस्था और पुरानी जर्जर लाइनों के बीच तालमेल जरूरी है ताकि किसी एक हिस्से में पाइपलाइन टूटने से सैकड़ों परिवारों की आपूर्ति बाधित न हो। वार्डवासियों ने विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त लाइन को जल्द बदला जाए और तब तक प्रभावित घरों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करवाई जाए।
कोट:
पिछले 12 दिनों से घर में नियमित पानी नहीं आ रहा है। रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। मजबूरी में 500 रुपये प्रति टैंकर मंगवाकर परिवार की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। विभाग को समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
- प्रवीन यादव, स्थानीय निवासी
कोट:
पानी की लाइन टूटने के बाद तेज बहाव से जमीन धंस गई और मकान की नींव को भी नुकसान पहुंचा है। परिवार के लोग किसी बड़े हादसे को लेकर चिंतित हैं। पुरानी लाइन को बदलकर नई पाइपलाइन बिछाई जानी चाहिए।
-रामकुमार, स्थानीय निवासी
कोट:
कॉलोनी में 36 साल पुरानी लाइन होने के बावजूद इसे बदला नहीं गया। अब लाइन टूटने से करीब 225 घर प्रभावित हैं। अधिकारियों को मौके पर आकर स्थिति देखनी चाहिए और लोगों को जल्द राहत देनी चाहिए।
- महेंद्र सिंह, वार्डवासी
कोट:
पेयजल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। एक विभाग दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहा है। जब तक नई लाइन नहीं डाली जाती, तब तक ऐसी परेशानी दोबारा सामने आती रहेगी।
- इंद्रजीत सिंह
वर्सन:
जल्दी ही वार्ड में नई पेयजल लाइन बिछवाने का कार्य शुरू करवाया जाएगा, वहीं कॉलोनी के लोगों को घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए प्रतिदिन विभाग की ओर से पानी के टैंकर भिजवाने का काम किया जाएगा।
- सोहनलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।