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आयुष्मान योजना : 241 मरीजों ने अभी तक उठाया लाभ
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सिविल अस्पताल में बना आयुष्मान काउंटर।
- फोटो : CharkhiDadri
आयुष्मान योजना को शुरू हुए सोमवार को 358 दिन पूरे हो चुके हैं। अब तक पैनल में शामिल जिले के छह निजी अस्पतालों में 241 मरीजों ने पहुंचकर सेवा का लाभ उठाया है। ओपीडी संख्या कम रहने का कारण यह भी है कि दो माह पहले ही पैनल में चार निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं। जबकि दो अस्पताल पिछले करीब दस माह से पैनल में हैं। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों में से 110 को एडमिट किया गया और 30 के आंखों के ऑपरेशन हुए हैं। ऑपरेशन की मरीज से कोई फीस नहीं ली गई। निजी अस्पताल इसका क्लेम सीधा सरकार से करेंगे। सरकार ने आंख के एक ऑपरेशन की फीस साढ़े सात हजार रुपये निर्धारित कर रखी है।
ज्ञात रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान योजना की शुरुआत गत 23 सितंबर को की थी। एक सप्ताह बाद इस योजना को शुरू हुए एक साल हो जाएगा। योजना के एक साल पूरा होने पर अमर उजाला ने पैनल में शामिल शहर के सभी छह निजी अस्पतालों पर जाकर आयुष्मान ओपीडी की जायजा लिया। अस्पताल संचालकों के बताए आंकड़े अनुसार अब तक 241 आयुष्मान ओपीडी हुई हैं और इनमें ज्यादातर मरीजों को जरनल मेडिसन की सुविधा दी गई है। हालांकि नेत्र रोग से ग्रस्त तीस पात्र लोगों के ऑपरेशन दो निजी अस्पतालों में हुए हैं। प्रधान अस्पताल में बीस और कृष्ण आई केयर अस्पताल में दस ऑपरेशन किए गए हैं। अस्पताल संचालकों के अनुसार इसकी करीब डेढ़ लाख रुपये की क्लेम राशि बनेगी। क्लेम के लिए अभी अस्पताल संचालकों ने फाइल नहीं भेजी है।
वहीं, पैनल में शामिल चार अस्पतालों में माइनर सर्जरी और जरनल मेडिसिन की सुविधा है। करीब 60 फीसदी ओपीडी जरनल मेडिसिन (उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी व जुकाम) से संबंधित रही हैं। डीआईएम सतीश कुमार ने बताया कि पात्र मरीज को अगर अस्पताल में भर्ती किया जाता है तो ही उसे आयुष्मान योजना के तहत चार्ज नहीं देना पड़ेगा। अगर पात्र मरीज सामान्य बीमारी से पीड़ित है तो उसे ओपीडी चार्ज और दवाओं का खर्च वहन करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 23 हजार पात्र लोगों में से 18 हजार के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जल्द ही बाकी बचे पांच हजार पात्रों के गोल्डन कार्ड भी जारी कर दिए जाएंगे।
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ये निजी अस्पताल हैं पैनल में शामिल
डिप्टी सीएमओ एवं आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि छह निजी अस्पताल अब तक पैनल में शामिल किए जा चुके हैं। सातवें अस्पताल को पैनल में शामिल करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कृष्णा आई केयर, प्रधान अस्पताल, स्वाष्तिक अस्पताल, गीतांजलि अस्पताल व यादव अस्पताल इस समय पैनल में शामिल हैं। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि छह निजी अस्पताल पैनल से जोड़े जा चुके हैं, जबकि सातवें को जोड़ने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। जल्द ही पैनल में शामिल निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बचे हुए पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड जल्द जारी कर दिए जाएंगे।
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ज्ञात रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान योजना की शुरुआत गत 23 सितंबर को की थी। एक सप्ताह बाद इस योजना को शुरू हुए एक साल हो जाएगा। योजना के एक साल पूरा होने पर अमर उजाला ने पैनल में शामिल शहर के सभी छह निजी अस्पतालों पर जाकर आयुष्मान ओपीडी की जायजा लिया। अस्पताल संचालकों के बताए आंकड़े अनुसार अब तक 241 आयुष्मान ओपीडी हुई हैं और इनमें ज्यादातर मरीजों को जरनल मेडिसन की सुविधा दी गई है। हालांकि नेत्र रोग से ग्रस्त तीस पात्र लोगों के ऑपरेशन दो निजी अस्पतालों में हुए हैं। प्रधान अस्पताल में बीस और कृष्ण आई केयर अस्पताल में दस ऑपरेशन किए गए हैं। अस्पताल संचालकों के अनुसार इसकी करीब डेढ़ लाख रुपये की क्लेम राशि बनेगी। क्लेम के लिए अभी अस्पताल संचालकों ने फाइल नहीं भेजी है।
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वहीं, पैनल में शामिल चार अस्पतालों में माइनर सर्जरी और जरनल मेडिसिन की सुविधा है। करीब 60 फीसदी ओपीडी जरनल मेडिसिन (उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी व जुकाम) से संबंधित रही हैं। डीआईएम सतीश कुमार ने बताया कि पात्र मरीज को अगर अस्पताल में भर्ती किया जाता है तो ही उसे आयुष्मान योजना के तहत चार्ज नहीं देना पड़ेगा। अगर पात्र मरीज सामान्य बीमारी से पीड़ित है तो उसे ओपीडी चार्ज और दवाओं का खर्च वहन करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 23 हजार पात्र लोगों में से 18 हजार के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जल्द ही बाकी बचे पांच हजार पात्रों के गोल्डन कार्ड भी जारी कर दिए जाएंगे।
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ये निजी अस्पताल हैं पैनल में शामिल
डिप्टी सीएमओ एवं आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि छह निजी अस्पताल अब तक पैनल में शामिल किए जा चुके हैं। सातवें अस्पताल को पैनल में शामिल करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कृष्णा आई केयर, प्रधान अस्पताल, स्वाष्तिक अस्पताल, गीतांजलि अस्पताल व यादव अस्पताल इस समय पैनल में शामिल हैं। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि छह निजी अस्पताल पैनल से जोड़े जा चुके हैं, जबकि सातवें को जोड़ने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। जल्द ही पैनल में शामिल निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बचे हुए पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड जल्द जारी कर दिए जाएंगे।