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Charkhi Dadri News: आरटीई के तहत सीटें न दर्शाने वाले 31 विद्यालयों के एमआईएस पोर्टल किए बंद
Sun, 11 May 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 11 May 2025 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई के तहत सीटों की संख्या न दर्शाने और मनमानी बरतने पर जिले के 31 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल व एसआरएन (छात्र पंजीकरण नंबर) बंद कर दिया गया है। अब निजी स्कूल बच्चों का दाखिला नहीं कर पाएंगे और न ही बच्चों को एसएलसी (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट) दे पाएंगे।
विभाग की ओर से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला करने के लिए 25 फीसदी सीटों की सूचना पोर्टल पर दर्शाने के लिए कहा गया था। इसके लिए विभाग ने पांच बार स्कूलों को रिमाइंडर भेजे, लेकिन, कुछ निजी स्कूलों ने मनमानी चलाई और विभाग नियमों को दरकिनार कर दाखिले किए। विभाग की ओर से आरक्षित सीटें नहीं दर्शाई गईं।
इसके कारण जिन बच्चों ने आरटीई का फाॅर्म भरा था, उन्हें अन्य स्कूलों में दाखिला लेना पड़ा। इससे कुछ विद्यार्थियों को दूर के स्थानों पर दाखिला मिला है।
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अब विभाग ने सख्ती बरती है। सीटें न दर्शाने पर स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया। इसका सीधा असर स्कूलों पर होगा। स्कूल अपने विद्यार्थियों का ऑनलाइन दाखिला नहीं कर पाएंगे और न ही स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का डाटा ही ऑनलाइन चढ़ा पाएंगे।
इससे विद्यार्थियों को परेशानी होगी और उनका एक साल भी बर्बाद हो सकता है। इसके अलावा, जो विद्यार्थी स्कूल त्याग प्रमाणपत्र यानी एसएलसी लेना चाहेंगे, वे भी असमर्थ रहेंगे और स्कूल प्रशासन उन्हें एसएलसी भी नहीं दे पाएगा। अब आगामी आदेशों तक पोर्टल बंद रहेंगे।
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चरखी दादरी। शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई के तहत सीटों की संख्या न दर्शाने और मनमानी बरतने पर जिले के 31 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल व एसआरएन (छात्र पंजीकरण नंबर) बंद कर दिया गया है। अब निजी स्कूल बच्चों का दाखिला नहीं कर पाएंगे और न ही बच्चों को एसएलसी (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट) दे पाएंगे।
विभाग की ओर से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला करने के लिए 25 फीसदी सीटों की सूचना पोर्टल पर दर्शाने के लिए कहा गया था। इसके लिए विभाग ने पांच बार स्कूलों को रिमाइंडर भेजे, लेकिन, कुछ निजी स्कूलों ने मनमानी चलाई और विभाग नियमों को दरकिनार कर दाखिले किए। विभाग की ओर से आरक्षित सीटें नहीं दर्शाई गईं।
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इसके कारण जिन बच्चों ने आरटीई का फाॅर्म भरा था, उन्हें अन्य स्कूलों में दाखिला लेना पड़ा। इससे कुछ विद्यार्थियों को दूर के स्थानों पर दाखिला मिला है।
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अब विभाग ने सख्ती बरती है। सीटें न दर्शाने पर स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया। इसका सीधा असर स्कूलों पर होगा। स्कूल अपने विद्यार्थियों का ऑनलाइन दाखिला नहीं कर पाएंगे और न ही स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का डाटा ही ऑनलाइन चढ़ा पाएंगे।
इससे विद्यार्थियों को परेशानी होगी और उनका एक साल भी बर्बाद हो सकता है। इसके अलावा, जो विद्यार्थी स्कूल त्याग प्रमाणपत्र यानी एसएलसी लेना चाहेंगे, वे भी असमर्थ रहेंगे और स्कूल प्रशासन उन्हें एसएलसी भी नहीं दे पाएगा। अब आगामी आदेशों तक पोर्टल बंद रहेंगे।