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Charkhi Dadri News: 3 हजार बैग खाद वितरित की 10 हजार एमटी की है जरूरत
Thu, 04 Dec 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 04 Dec 2025 01:28 AM IST
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चरखी दादरी। दादरी जिले में विभिन्न केंद्रों पर बुधवार को भी यूरिया खाद वितरित की गई। किसान सुबह से ही लाइन में लग गए। शाम तक लाइन लगी रही। नगर में दो दिन में तीन हजार बैग खाद बांटी गईं। जिले में रविवार को 12 हजार बैग यूरिया खाद पहुंची थी। दादरी नगर में तीन हजार बैग आए थे। प्राइवेट विक्रेताओं व पैक्स समिति कार्यालयों में भी यूरिया खाद भेजी गई।
इस माह में यूरिया की 10 हजार एमटी की खपत है। जिले में 22 पैक्स समितियों व शहर में जमीदारा सोसायटी की ओर से बारी-बारी से खाद का वितरण किया जाता है। जिले में करीब एक माह में यूरिया खाद पहुंची थी। अधिकतर किसानों ने रबी की गेहूं व सरसों की बिजाई का कार्य पूरा कर लिया है। अब तो सरसों की पहली सिंचाई का समय है।
ऐसे में सिंचाई के दौरान किसान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं। अब यूरिया खाद के लिए मारा-मारी हो रही है। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जमीन के विवरण के हिसाब से यूरिया वितरित की जा रही है। मौजूदा रबी सीजन में जिले में मार्च 2026 तक 33000 मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत रहेगी।
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जिले का कृषि योग्य कुल रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है। अब तो गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई 25 दिसंबर तक की जा सकेगी। ऐसे में यूरिया खाद की जरूरत दिसंबर व जनवरी माह तक बनी रहेगी।
दिसंबर में यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा रहेगी क्योंकि इस माह में फसलों की सिंचाई का कार्य शुरू हो जाता है। जनवरी माह में 10 हजार एमटी यूरिया खाद की जरूरत रहेगी।
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इस माह में यूरिया की 10 हजार एमटी की खपत है। जिले में 22 पैक्स समितियों व शहर में जमीदारा सोसायटी की ओर से बारी-बारी से खाद का वितरण किया जाता है। जिले में करीब एक माह में यूरिया खाद पहुंची थी। अधिकतर किसानों ने रबी की गेहूं व सरसों की बिजाई का कार्य पूरा कर लिया है। अब तो सरसों की पहली सिंचाई का समय है।
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ऐसे में सिंचाई के दौरान किसान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं। अब यूरिया खाद के लिए मारा-मारी हो रही है। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जमीन के विवरण के हिसाब से यूरिया वितरित की जा रही है। मौजूदा रबी सीजन में जिले में मार्च 2026 तक 33000 मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत रहेगी।
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जिले का कृषि योग्य कुल रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है। अब तो गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई 25 दिसंबर तक की जा सकेगी। ऐसे में यूरिया खाद की जरूरत दिसंबर व जनवरी माह तक बनी रहेगी।
दिसंबर में यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा रहेगी क्योंकि इस माह में फसलों की सिंचाई का कार्य शुरू हो जाता है। जनवरी माह में 10 हजार एमटी यूरिया खाद की जरूरत रहेगी।