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Charkhi Dadri News: 222 पेड़, 152 पोल और एक ट्रांसफार्मर गिरा, रातभर अंधेरे में डूबा रहा जिला
Sat, 08 Jun 2024 04:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 08 Jun 2024 04:34 AM IST
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झींझर-सांवड़ मार्ग पर गिरा पेड़।
चरखी दादरी। जिले में वीरवार रात आए आंधी ने काफी तबाही मचाई। इससे वन संपत्ति के साथ बिजली निगम को करीब 9 लाख रुपये का नुकसान हुआ। आंधी से जिले में 222 पेड़ गिर गए जबकि 80 पेड़ों की मोटी टहनियां टूटकर सड़क पर आ गिरे। इससे सात मुख्य और लिंक मार्गाें पर 3 से 8 घंटे तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। शुक्रवार सुबह तक वन विभाग की टीमों ने सड़कों पर गिरे सभी पेड़ व टहनियां हटाकर यातायात व्यवस्था को बहाल कराया।
इसी प्रकार आंधी से बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई। तेज आंधी से 152 बिजली पोल गिर गए जबकि एक 25 केवीए क्षमता का एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते रातभर जिला अंधेरे में डूबा रहा और सुबह चार बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। वहीं, 5 गांवों की बिजली आपूर्ति 16 घंटे बाद बहाल हो सकी। रातभर बत्ती गुल रहने से दादरी जिला अंधेरे में डूबा रहा।
बता दें कि रात साढ़े 9 बजे तक मौसम सामान्य था। इसके बाद एकाएक तेज हवा चली जिससे आसमान में धूल की परत छा गई। करीब 30 मिनट तक आंधी चली और इससे मिट्टी उड़कर लोगों के घरों में कमरों के अंदर तक पहुंच गई। वहीं, सड़क मार्गाें और खेतों में भी इसका असर पड़ा। सड़क किनारे लगे कई भारी-भरकम पेड़ आंधी में गिर गए जबकि कुछ पेड़ों के मोटी टहनियां टूट गईं। सर्वाधिक 56 बिजली पोल झोझूकलां क्षेत्र में गिरे। दादरी शहर में 36 पोल और एक बिजली ट्रांसफार्मर गिर गया। बाढड़ा में 18 बिजली पोल टूटे। इसी प्रकार पेड़ों की स्थिति देखें तो सर्वाधिक 65 पेड़ सांजरवास सब डिविजन में गिरे। ये पेड़ सड़क से शुक्रवार सुबह तक हटाए जा सके। इसके बाद ही कुछ लिंकमार्गाें पर यातायात व्यवस्था बहाल हो पाई।
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इन्वर्टर मार गए सिटी, रातभर हेल्पलाइन नंबर पर आती रहीं शिकायतें
रात करीब साढ़े 9 बजे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जो सुबह 4 बजे और इसके बाद बहाल हो पाई। इस समय अवधि के अंदर लोगों के घरों में रखे इन्वर्टर सिटी मार गए। इतना ही नहीं रातभर बिजली निगम के हेल्पलाइन नंबर पर लोग शिकायतें दर्ज करवाने से लेकर अपडेट लेते रहे। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक उनकी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई जबकि हेल्पलाइन नंबर कॉल रिसीव करने वाला कर्मचारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
इन मुख्य मार्गाें पर प्रभावित हुई यातायात व्यवस्था
पेड़ और मोटी टहनियां गिरने से जिले के 7 मुख्य और लिंकमार्गाें पर यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। इनमें दादरी-रोहतक मुख्यमार्ग, सौंप-कासनी-मिर्च संपर्क मार्ग, सांवड़-हिंडोल-मानहेरु मार्ग, रानीला-बास रोड,आदमपुर-झोझूकलां रोड, दादरी-पातुवास रोड व दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग शामिल है। यहां से तीन से आठ घंटे तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने से वाहन चालकों को परेशानी हुई और उन्हें दूसरे लंबे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा।
इन गांवों में 16 घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
खुडाना फीडर के अधीन आने वाले गांवों में बिजली आपूर्ति करीब 16 घंटे बाद बहाल हो पाई। लंबी समय अवधि के अनशेड्यूल कट से पैंतावास कलां, पैंतवास खुर्द, कितलाना, मानकावास, डोहकी व अखत्यारपुरा समेत विभिन्न गांवों के ग्रामीण परेशान रहे।
जानिये...किस क्षेत्र में गिरे कितने बिजली पोल
क्षेत्र- बिजली पोल गिरे- ट्रांसफार्मर गिरे
दादरी शहर- 36-1
सब अर्बन दादरी- 14-0
झोझूकलां- 56-0
अटेला कलां- 16-0
बाढड़ा-18-0
सांजरवास- 12-0
- वन संपत्ति को यूं पहुंचा नुकसान
क्षेत्र- पेड़ गिरे
दादरी- 37
झोझूकलां- 40
सांजरवास-65
(नोट: इनके अलावा बड़े पेड़ों के 80 मोटी टहनियां भी टूटी हैं।)
आंधी रुकते ही फॉल्ट रिमूविंग टीमें अपने काम में जुट गई थीं। सुबह चार बजे तक ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। कुछ ही जगह इससे ज्यादा समय तक बिजली आपूर्ति बहाल रही। आंधी में करीब 156 पोल गिर गए जबकि एक ट्रांसफार्मर को क्षति पहुंची है।
-प्रदीप नांदल, जेई, बिजली निगम
विभिन्न मार्गाें पर पेड़ और मोटी टहनियां टूटकर गिरने की सूचना मिली थीं। इसके बाद टीमों को मौके पर भेजा गया और सड़क से पेड़ व टहनियां हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल करवाई गई।
-हेमंत कुमार, रेंज अधिकारी, वन विभाग
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इसी प्रकार आंधी से बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई। तेज आंधी से 152 बिजली पोल गिर गए जबकि एक 25 केवीए क्षमता का एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते रातभर जिला अंधेरे में डूबा रहा और सुबह चार बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। वहीं, 5 गांवों की बिजली आपूर्ति 16 घंटे बाद बहाल हो सकी। रातभर बत्ती गुल रहने से दादरी जिला अंधेरे में डूबा रहा।
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बता दें कि रात साढ़े 9 बजे तक मौसम सामान्य था। इसके बाद एकाएक तेज हवा चली जिससे आसमान में धूल की परत छा गई। करीब 30 मिनट तक आंधी चली और इससे मिट्टी उड़कर लोगों के घरों में कमरों के अंदर तक पहुंच गई। वहीं, सड़क मार्गाें और खेतों में भी इसका असर पड़ा। सड़क किनारे लगे कई भारी-भरकम पेड़ आंधी में गिर गए जबकि कुछ पेड़ों के मोटी टहनियां टूट गईं। सर्वाधिक 56 बिजली पोल झोझूकलां क्षेत्र में गिरे। दादरी शहर में 36 पोल और एक बिजली ट्रांसफार्मर गिर गया। बाढड़ा में 18 बिजली पोल टूटे। इसी प्रकार पेड़ों की स्थिति देखें तो सर्वाधिक 65 पेड़ सांजरवास सब डिविजन में गिरे। ये पेड़ सड़क से शुक्रवार सुबह तक हटाए जा सके। इसके बाद ही कुछ लिंकमार्गाें पर यातायात व्यवस्था बहाल हो पाई।
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इन्वर्टर मार गए सिटी, रातभर हेल्पलाइन नंबर पर आती रहीं शिकायतें
रात करीब साढ़े 9 बजे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जो सुबह 4 बजे और इसके बाद बहाल हो पाई। इस समय अवधि के अंदर लोगों के घरों में रखे इन्वर्टर सिटी मार गए। इतना ही नहीं रातभर बिजली निगम के हेल्पलाइन नंबर पर लोग शिकायतें दर्ज करवाने से लेकर अपडेट लेते रहे। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक उनकी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई जबकि हेल्पलाइन नंबर कॉल रिसीव करने वाला कर्मचारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
इन मुख्य मार्गाें पर प्रभावित हुई यातायात व्यवस्था
पेड़ और मोटी टहनियां गिरने से जिले के 7 मुख्य और लिंकमार्गाें पर यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। इनमें दादरी-रोहतक मुख्यमार्ग, सौंप-कासनी-मिर्च संपर्क मार्ग, सांवड़-हिंडोल-मानहेरु मार्ग, रानीला-बास रोड,आदमपुर-झोझूकलां रोड, दादरी-पातुवास रोड व दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग शामिल है। यहां से तीन से आठ घंटे तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने से वाहन चालकों को परेशानी हुई और उन्हें दूसरे लंबे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा।
इन गांवों में 16 घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
खुडाना फीडर के अधीन आने वाले गांवों में बिजली आपूर्ति करीब 16 घंटे बाद बहाल हो पाई। लंबी समय अवधि के अनशेड्यूल कट से पैंतावास कलां, पैंतवास खुर्द, कितलाना, मानकावास, डोहकी व अखत्यारपुरा समेत विभिन्न गांवों के ग्रामीण परेशान रहे।
जानिये...किस क्षेत्र में गिरे कितने बिजली पोल
क्षेत्र- बिजली पोल गिरे- ट्रांसफार्मर गिरे
दादरी शहर- 36-1
सब अर्बन दादरी- 14-0
झोझूकलां- 56-0
अटेला कलां- 16-0
बाढड़ा-18-0
सांजरवास- 12-0
- वन संपत्ति को यूं पहुंचा नुकसान
क्षेत्र- पेड़ गिरे
दादरी- 37
झोझूकलां- 40
सांजरवास-65
(नोट: इनके अलावा बड़े पेड़ों के 80 मोटी टहनियां भी टूटी हैं।)
आंधी रुकते ही फॉल्ट रिमूविंग टीमें अपने काम में जुट गई थीं। सुबह चार बजे तक ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। कुछ ही जगह इससे ज्यादा समय तक बिजली आपूर्ति बहाल रही। आंधी में करीब 156 पोल गिर गए जबकि एक ट्रांसफार्मर को क्षति पहुंची है।
-प्रदीप नांदल, जेई, बिजली निगम
विभिन्न मार्गाें पर पेड़ और मोटी टहनियां टूटकर गिरने की सूचना मिली थीं। इसके बाद टीमों को मौके पर भेजा गया और सड़क से पेड़ व टहनियां हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल करवाई गई।
-हेमंत कुमार, रेंज अधिकारी, वन विभाग