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Charkhi Dadri News: 18 इंच पाइपलाइन दोबारा लीक, एसटीपी में फिर से हालात बेकाबू
Sat, 05 Jul 2025 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 05 Jul 2025 10:19 PM IST
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एसटीपी से आगे किसानों के खेतों तक पहुंचा दूषित पानी। संवाद
फोटो 20
समसपुर एसटीपी में भरा दूषित पानी। संवाद
फोटो 21
एसटीपी से आगे किसानों के खेतों तक पहुंचा दूषित पानी। संवाद
फोटो 22
एसटीपी के सेप्टिक टैंक से पानी की उठान करने वाला पाइप। संवाद
- एक दिन पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग ने ठीक की थी लीक पाइपलाइन, दोबारा लीकेज ठीक करने के लिए बंद करनी पड़ीं एसटीपी की मोटरें
- समसपुर एसटीपी परिसर समेत खेतों में भरा दूषित पानी, किसानों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से आगे छुछकवास स्थित ड्रेन-8 तक पानी पहुंचाने वाली मुख्य 18 इंच लाइन दोबारा से लीक कर गई। इससे जनस्वास्थ्य विभाग को एसटीपी की मोटरें बंद करनी पड़ीं। इसका सीधे तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा। वहीं, विभाग की ओर से पाइपलाइन को दोबारा ठीक कर दिया गया है।
हाल ही में हुई बारिश से शहर में विभिन्न जगहों पर जलभराव हुआ था। इसके बाद एसटीपी की मोटरें लगातार चलाकर सीवर व स्टॉर्म वाटर लाइनों से पानी की उठान की गई। सामान्य दिनों के मुकाबले सीवर लाइनों में पानी का दबाव बढ़ गया। इस पानी को एसटीपी से आगे 18 इंच लाइन के जरिये विभाग छुछकवास ड्रेन-8 तक पहुंचाया जा रहा है।
पानी का दबाव ज्यादा होने पर बुधवार रात भी 18 इंच लाइन लीक कर गई थी। इसे विभाग ने वीरवार को ठीक कराया था। इसके बाद मोटरें चलाकर ड्रेन नंबर-8 में पानी की निकासी शुरू की। विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ही ली थी कि 18 इंच लाइन दोबारा से लीक कर गई।
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इसका पता चलते ही एसटीपी की मोटरें फिर से बंद कराई गईं। इसके चलते शुक्रवार से ही एसटीपी के हालात बुरे बने हुए हैं। एसटीपी परिसर में दूषित पानी भरने से माहौल दुर्गंधमय बना हुआ है। वहीं, विभाग के पास लीक लाइन के ठीक होने तक पानी को आगे भेजने का कोई विकल्प नहीं है।
- खेतों में भरा दूषित पानी, किसानों में रोष
एसटीपी के समीप ढाणी फोगाट व समसपुर गांव के किसानों के खेत हैं। फिलहाल, दूषित पानी बहकर एसटीपी के पीछे स्थित ढाणी फोगाट गांव के किसानों के खेतों तक पहुंच चुका है। खेतों में जलभराव होने पर ढाणी फोगाट गांव के किसानों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताया। किसान युद्धवीर, संदीप, लीला, जगदेव सिंह, पप्पू, नवरत्न व कृष्ण आदि ने बताया कि चार दिनों से दूषित पानी खेतों में भरा रहा है, लेकिन, विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा।
- बार-बार कैसे लीक कर रही है मुख्य लाइन
करीब एक साल पहले समसपुर एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने के लिए ड्रेन नंबर-8 तक 18 इंच पाइपलाइन डाली गई थी। इस पर करीब 37 करोड़ रुपये का बजट खर्च हुआ था। मानसून सीजन में एसटीपी तक शहर का दूषित पानी पहुंचाने वाली 22 इंच, 8 इंच, 18 इंच और एक 355 इंच पाइपलाइन में पानी का दबाव ज्यादा है। इस कारण एसटीपी की मोटरें ज्यादा चलानी पड़ रही हैं। वहीं, आगे पानी पहुंचाने के लिए केवल 18 इंच पाइपलाइन का सहारा है। इसमें पानी का दबाव बढ़ने पर यह बार-बार लीक कर रही है।
वर्सन
ड्रेन नंबर-8 तक जाने वाली लाइन दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई और इसके चलते समस्या बनी। लाइन ठीक कर दी गई है। अब व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।
-सचिन, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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समसपुर एसटीपी में भरा दूषित पानी। संवाद
फोटो 21
एसटीपी से आगे किसानों के खेतों तक पहुंचा दूषित पानी। संवाद
फोटो 22
एसटीपी के सेप्टिक टैंक से पानी की उठान करने वाला पाइप। संवाद
- एक दिन पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग ने ठीक की थी लीक पाइपलाइन, दोबारा लीकेज ठीक करने के लिए बंद करनी पड़ीं एसटीपी की मोटरें
- समसपुर एसटीपी परिसर समेत खेतों में भरा दूषित पानी, किसानों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से आगे छुछकवास स्थित ड्रेन-8 तक पानी पहुंचाने वाली मुख्य 18 इंच लाइन दोबारा से लीक कर गई। इससे जनस्वास्थ्य विभाग को एसटीपी की मोटरें बंद करनी पड़ीं। इसका सीधे तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा। वहीं, विभाग की ओर से पाइपलाइन को दोबारा ठीक कर दिया गया है।
हाल ही में हुई बारिश से शहर में विभिन्न जगहों पर जलभराव हुआ था। इसके बाद एसटीपी की मोटरें लगातार चलाकर सीवर व स्टॉर्म वाटर लाइनों से पानी की उठान की गई। सामान्य दिनों के मुकाबले सीवर लाइनों में पानी का दबाव बढ़ गया। इस पानी को एसटीपी से आगे 18 इंच लाइन के जरिये विभाग छुछकवास ड्रेन-8 तक पहुंचाया जा रहा है।
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पानी का दबाव ज्यादा होने पर बुधवार रात भी 18 इंच लाइन लीक कर गई थी। इसे विभाग ने वीरवार को ठीक कराया था। इसके बाद मोटरें चलाकर ड्रेन नंबर-8 में पानी की निकासी शुरू की। विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ही ली थी कि 18 इंच लाइन दोबारा से लीक कर गई।
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इसका पता चलते ही एसटीपी की मोटरें फिर से बंद कराई गईं। इसके चलते शुक्रवार से ही एसटीपी के हालात बुरे बने हुए हैं। एसटीपी परिसर में दूषित पानी भरने से माहौल दुर्गंधमय बना हुआ है। वहीं, विभाग के पास लीक लाइन के ठीक होने तक पानी को आगे भेजने का कोई विकल्प नहीं है।
- खेतों में भरा दूषित पानी, किसानों में रोष
एसटीपी के समीप ढाणी फोगाट व समसपुर गांव के किसानों के खेत हैं। फिलहाल, दूषित पानी बहकर एसटीपी के पीछे स्थित ढाणी फोगाट गांव के किसानों के खेतों तक पहुंच चुका है। खेतों में जलभराव होने पर ढाणी फोगाट गांव के किसानों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताया। किसान युद्धवीर, संदीप, लीला, जगदेव सिंह, पप्पू, नवरत्न व कृष्ण आदि ने बताया कि चार दिनों से दूषित पानी खेतों में भरा रहा है, लेकिन, विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा।
- बार-बार कैसे लीक कर रही है मुख्य लाइन
करीब एक साल पहले समसपुर एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने के लिए ड्रेन नंबर-8 तक 18 इंच पाइपलाइन डाली गई थी। इस पर करीब 37 करोड़ रुपये का बजट खर्च हुआ था। मानसून सीजन में एसटीपी तक शहर का दूषित पानी पहुंचाने वाली 22 इंच, 8 इंच, 18 इंच और एक 355 इंच पाइपलाइन में पानी का दबाव ज्यादा है। इस कारण एसटीपी की मोटरें ज्यादा चलानी पड़ रही हैं। वहीं, आगे पानी पहुंचाने के लिए केवल 18 इंच पाइपलाइन का सहारा है। इसमें पानी का दबाव बढ़ने पर यह बार-बार लीक कर रही है।
वर्सन
ड्रेन नंबर-8 तक जाने वाली लाइन दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई और इसके चलते समस्या बनी। लाइन ठीक कर दी गई है। अब व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।
-सचिन, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग