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1720 बुजुर्गों को अभी भी पेंशन की टेंशन, काट रहे चक्कर
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चरखी दादरी। सितबंर 2021 से लेकर अब तक 1720 बुजुर्गों को बुढ़ापा सम्मान पेंशन की टेंशन है। इनमें से कई ऐसे हैं जो पहले पेंशन लेते थे, लेकिन पोर्टल के परिवार पहचान पत्र का डाटा उठाने के बाद से इनकी पेंशन रुकी हुई है। वहीं, इनमें पहली बार पेंशन के लिए आवेदन करने वाले पात्र भी शामिल हैं। परिवार पहचान पत्र में दर्ज डाटा के विवरण के अनुसार विभिन्न कारणों से इनकी पेंशन शुरू नहीं हो पा रही है। इनकी पेंशन शुरू करने के लिए अधिकारियों को मुख्यालय से सूची मिलने का इंतजार है। दूसरी ओर ये बुजुर्ग पेंशन के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक बात नहीं बन रही।
जब संवाददाता ने समाज कल्याण विभाग में पहुंचे बुजुर्गाें से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि पेंशन लेने के योग्य होने के बावजूद वो इससे वंचित हैं। कई बुजुर्गों ने कहा कि उन्हें पहले पेंशन मिलती थी, लेकिन सितंबर 2021 के बाद से नहीं मिली है। दूसरी ओर जब इस बारे में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछा गया तो उनका कहना है कि जो लिस्ट हेड ऑफिस से बनकर आती है वो सिर्फ उनकी ही पेंशन बना सकते है। जिनके नाम लिस्ट के अंदर होते हैं विभागीय कर्मचारी उनसे ही बातचीत कर पेंशन बनवाने की राय पूछते हैं। अगर वो पेंशन बनवाने की सहमति देते हैं तो उनकी पेंशन बना दी जाती है। अगर वो पेंशन नहीं लेना चाहते है तो उनसे इस बारे में एक सहमति पत्र लिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इनकी लिस्ट कब तक आएगी, कहा नहीं जा सकता।
बुजुर्ग परेशान : जल्द पेंशन शुरू होने की आस, चक्कर काटने से फूल रहीं सांस
दस्तावेजों के अनुसार मैं बुजुर्ग सम्मान भत्ता पेंशन लेने के योग्य हूं। पेंशन बनवाने के लिए मैंने कई बार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट लिए हैं। कर्मचारी हमारे हाथ में नहीं है कहकर वापस घर भेज देते हैं। ऐसा लग रहा है टेंशन में मर जाऊंगा तब पेंशन बनेगी।
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धर्मबीर, समसपुर
मुझे पेंशन मिलती थी लेकिन अप्रैल से मेरी पेंशन आनी बंद हो गई। मैंने विभाग में आकर अपने दस्तावेजों की जांच करवाई लेकिन अब भी मुझे पेंशन मिलनी शुरू नहीं हुई है। यहां लगातार चक्कर काट रहा हूं और इसमें मेरी सांसें फूल रही हैं, लेकिन असमंजस बरकरार है।
ओमप्रकाश, नीमली
जिले में 70 हजार लोग लेते हैं विभिन्न पेंशन
जिले में सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन लेने वालों की संख्या 69685 है। इनमें से सबसे ज्यादा बुजुर्ग सम्मान भत्ता के तहत पेंशन प्राप्त करते हैं। इनकी संख्या जिले में 44282 है। दूसरे नंबर पर विधवा श्रेणी के तहत पेंशन प्राप्तकर्ता हैं और इनकी संख्या 16213 है। इसके बाद दिव्यांग, निर्धन बच्चे को आर्थिक मदद, लाडली योजना, स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चों के श्रेणी में पेंशन प्राप्तकर्ताओं की संख्या क्रमश: 3955, 4198, 818 व 218 है। इसके अलावा जिले में बोना के तौर पर एक पेंशन प्राप्त कर्ता भी है।
इस श्रेणी में इतनों की रुकी पेंशन
वर्ग- संख्या
1. बुजुर्ग सम्मान भत्ता- 917
2. दिव्यांग - 27
3. विधवा- 288
4. आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले बच्चें- 9
5.लाडली योजना के केस- 32
6.स्कूल न जाने वाले दिव्यांग- 13-
जिन पेंशन उपभोक्ताओं की पेंशन रुकी हुई है, उनके दस्तोवेजों की जांच करके फिर से शुरू कर दी गई है। वहीं नए सिरे से पेंशन बनाने के लिए उच्च कार्यालय से लिस्ट बनकर आती है जिनके नाम इस लिस्ट में होते हैं, उनकी पेंशन बना दी जाती है।
ओमप्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चरखी दादरी
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जब संवाददाता ने समाज कल्याण विभाग में पहुंचे बुजुर्गाें से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि पेंशन लेने के योग्य होने के बावजूद वो इससे वंचित हैं। कई बुजुर्गों ने कहा कि उन्हें पहले पेंशन मिलती थी, लेकिन सितंबर 2021 के बाद से नहीं मिली है। दूसरी ओर जब इस बारे में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछा गया तो उनका कहना है कि जो लिस्ट हेड ऑफिस से बनकर आती है वो सिर्फ उनकी ही पेंशन बना सकते है। जिनके नाम लिस्ट के अंदर होते हैं विभागीय कर्मचारी उनसे ही बातचीत कर पेंशन बनवाने की राय पूछते हैं। अगर वो पेंशन बनवाने की सहमति देते हैं तो उनकी पेंशन बना दी जाती है। अगर वो पेंशन नहीं लेना चाहते है तो उनसे इस बारे में एक सहमति पत्र लिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इनकी लिस्ट कब तक आएगी, कहा नहीं जा सकता।
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बुजुर्ग परेशान : जल्द पेंशन शुरू होने की आस, चक्कर काटने से फूल रहीं सांस
दस्तावेजों के अनुसार मैं बुजुर्ग सम्मान भत्ता पेंशन लेने के योग्य हूं। पेंशन बनवाने के लिए मैंने कई बार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट लिए हैं। कर्मचारी हमारे हाथ में नहीं है कहकर वापस घर भेज देते हैं। ऐसा लग रहा है टेंशन में मर जाऊंगा तब पेंशन बनेगी।
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धर्मबीर, समसपुर
मुझे पेंशन मिलती थी लेकिन अप्रैल से मेरी पेंशन आनी बंद हो गई। मैंने विभाग में आकर अपने दस्तावेजों की जांच करवाई लेकिन अब भी मुझे पेंशन मिलनी शुरू नहीं हुई है। यहां लगातार चक्कर काट रहा हूं और इसमें मेरी सांसें फूल रही हैं, लेकिन असमंजस बरकरार है।
ओमप्रकाश, नीमली
जिले में 70 हजार लोग लेते हैं विभिन्न पेंशन
जिले में सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन लेने वालों की संख्या 69685 है। इनमें से सबसे ज्यादा बुजुर्ग सम्मान भत्ता के तहत पेंशन प्राप्त करते हैं। इनकी संख्या जिले में 44282 है। दूसरे नंबर पर विधवा श्रेणी के तहत पेंशन प्राप्तकर्ता हैं और इनकी संख्या 16213 है। इसके बाद दिव्यांग, निर्धन बच्चे को आर्थिक मदद, लाडली योजना, स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चों के श्रेणी में पेंशन प्राप्तकर्ताओं की संख्या क्रमश: 3955, 4198, 818 व 218 है। इसके अलावा जिले में बोना के तौर पर एक पेंशन प्राप्त कर्ता भी है।
इस श्रेणी में इतनों की रुकी पेंशन
वर्ग- संख्या
1. बुजुर्ग सम्मान भत्ता- 917
2. दिव्यांग - 27
3. विधवा- 288
4. आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले बच्चें- 9
5.लाडली योजना के केस- 32
6.स्कूल न जाने वाले दिव्यांग- 13-
जिन पेंशन उपभोक्ताओं की पेंशन रुकी हुई है, उनके दस्तोवेजों की जांच करके फिर से शुरू कर दी गई है। वहीं नए सिरे से पेंशन बनाने के लिए उच्च कार्यालय से लिस्ट बनकर आती है जिनके नाम इस लिस्ट में होते हैं, उनकी पेंशन बना दी जाती है।
ओमप्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चरखी दादरी