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14 घंटे में हुई 16 एमएम बारिश, 20 जगह लाइन हुई ब्रेक डाउन
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चरखी दादरी। जिले के विभिन्न भागों में बुधवार को दिनभर बूंदाबांदी होती रही। शाम पांच बजे तक जिले में 16 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से शहर में विभिन्न जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं, बिजली आपूर्ति में भी बारिश के चलते व्यवधान आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ताउते तूफान से बने चक्रवात के कारण मंगलवार रात से ही मौसम में बदलाव आ गया था। बुधवार सुबह करीब तीन बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई और यह दौर शाम करीब पांच बजे तक चलता रहा। इस 14 घंटे में 16 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से दोपहर बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई और तापमान में भी गिरावट आई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री लुढ़ककर 23.2 डिग्री पहुंच गया। दिन भर पूर्वी हवाओं का दबाव बना रहा मौसम विभाग ने जिले के लिए मंगलवार को येलो अलर्ट जारी करते हुए करीब 200 एमएम बारिश होने का अंदेशा जताया था।
सीवर व्यवस्था दे गई जवाब, सड़कों पर भरा पानी
बारिश से शहर की सीवर लाइनें पानी से ऊपर तक भर गई। कई भागों में लाइनें ब्लॉक होने से पानी की निकासी नहीं हो सकी। निचले भागों में सड़कों पर जलभराव हो गया। मेन बाजार, तिकोना पार्क, गांधी नगर, प्रेमनगर कॉलोनी, पूर्ण मार्केट सहित कई भागों में सीवर लाइनें भर गई जिससे पानी की निकासी रुक गई।
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20 फॉल्ट आने से आठ से दस घंटे बाधित रही बिजली आपूर्ति
बारिश के चलते जिले में 20 से ज्यादा स्थानों पर लाइन ब्रेक डाउन कर गई। शहर के बस स्टैंड रोड एरिया, गांधी नगर, प्रेमनगर, दिल्ली रोड, मेन बाजार, लोहारू चौक क्षेत्र, पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र सहित तकरीबन भागों में बिजली आपूर्ति ठप रही। ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे।
इन फसलों के लिए संजीवनी है बारिश
बारिश का खेती पर भी सकारात्मक असर हुआ है। बारिश से उन किसानों को फायदा हुआ है, जो कपास, ज्वार, मूंग, ढैंचा आदि की पहले से बिजाई कर चुके हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जिस बरानी भूमि में अभी पानी गिरा है, वे तीन-चार दिन के बाद खेतों में मोल्ड बोर्ड प्लफ यानि तोता हल चलाकर मिट्टी को ताजगी प्रदान कर सकते हैं। इससे आने वाले समय में फसल बिजाई के दौरान पौध का विकास अच्छा रहेगा। इस बारिश से बागवानी व सब्जी की फसलों को अवश्य फायदा हुआ है।
कृषि विशेषज्ञ की राय: बारिश के बाद खेत में जुताई के लिए हल चलाएं किसान
कृषि विशेषज्ञ राजेंद्र कौशिक ने कहा कि अभी दो-तीन और बारिश होने की संभावना है। उसके बाद किसान खेत की खाली जमीन पर जुताई के लिए एक बार हल चला दें और मिट्टी खुला पड़ा रहने दें। इस क्रिया से खेत की मिट्टी से अपशिष्ट पदार्थ बाहर होंगे व ताजा हवा लगने से बिजाई की जाने वाली उपज में फायदा होगा।
जिले में एक लाख 25 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि
कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें से 30 हजार 500 हेक्टेयर भूमि में कपास, साठ हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरा, 15 हजार हेक्टेयर भूमि में ईख, दो हजार हेक्टेयर भूमि में मूंग की बिजाई होने की संभावना है।
फोटो 09
बारिश के दौरान कोर्ट रोड पर भरा पानी।
फोटो 10
रोहतक रोड पर भरा बारिश।
फोटो 11
सरदार झाडू सिंह चौक रोड पर भरा पानी और गुजरते वाहन।
फोटो 12
बारिश के दौरान छतरी लेकर गुजरते राहगीर।
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ताउते तूफान से बने चक्रवात के कारण मंगलवार रात से ही मौसम में बदलाव आ गया था। बुधवार सुबह करीब तीन बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई और यह दौर शाम करीब पांच बजे तक चलता रहा। इस 14 घंटे में 16 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से दोपहर बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई और तापमान में भी गिरावट आई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री लुढ़ककर 23.2 डिग्री पहुंच गया। दिन भर पूर्वी हवाओं का दबाव बना रहा मौसम विभाग ने जिले के लिए मंगलवार को येलो अलर्ट जारी करते हुए करीब 200 एमएम बारिश होने का अंदेशा जताया था।
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सीवर व्यवस्था दे गई जवाब, सड़कों पर भरा पानी
बारिश से शहर की सीवर लाइनें पानी से ऊपर तक भर गई। कई भागों में लाइनें ब्लॉक होने से पानी की निकासी नहीं हो सकी। निचले भागों में सड़कों पर जलभराव हो गया। मेन बाजार, तिकोना पार्क, गांधी नगर, प्रेमनगर कॉलोनी, पूर्ण मार्केट सहित कई भागों में सीवर लाइनें भर गई जिससे पानी की निकासी रुक गई।
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20 फॉल्ट आने से आठ से दस घंटे बाधित रही बिजली आपूर्ति
बारिश के चलते जिले में 20 से ज्यादा स्थानों पर लाइन ब्रेक डाउन कर गई। शहर के बस स्टैंड रोड एरिया, गांधी नगर, प्रेमनगर, दिल्ली रोड, मेन बाजार, लोहारू चौक क्षेत्र, पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र सहित तकरीबन भागों में बिजली आपूर्ति ठप रही। ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे।
इन फसलों के लिए संजीवनी है बारिश
बारिश का खेती पर भी सकारात्मक असर हुआ है। बारिश से उन किसानों को फायदा हुआ है, जो कपास, ज्वार, मूंग, ढैंचा आदि की पहले से बिजाई कर चुके हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जिस बरानी भूमि में अभी पानी गिरा है, वे तीन-चार दिन के बाद खेतों में मोल्ड बोर्ड प्लफ यानि तोता हल चलाकर मिट्टी को ताजगी प्रदान कर सकते हैं। इससे आने वाले समय में फसल बिजाई के दौरान पौध का विकास अच्छा रहेगा। इस बारिश से बागवानी व सब्जी की फसलों को अवश्य फायदा हुआ है।
कृषि विशेषज्ञ की राय: बारिश के बाद खेत में जुताई के लिए हल चलाएं किसान
कृषि विशेषज्ञ राजेंद्र कौशिक ने कहा कि अभी दो-तीन और बारिश होने की संभावना है। उसके बाद किसान खेत की खाली जमीन पर जुताई के लिए एक बार हल चला दें और मिट्टी खुला पड़ा रहने दें। इस क्रिया से खेत की मिट्टी से अपशिष्ट पदार्थ बाहर होंगे व ताजा हवा लगने से बिजाई की जाने वाली उपज में फायदा होगा।
जिले में एक लाख 25 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि
कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें से 30 हजार 500 हेक्टेयर भूमि में कपास, साठ हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरा, 15 हजार हेक्टेयर भूमि में ईख, दो हजार हेक्टेयर भूमि में मूंग की बिजाई होने की संभावना है।
फोटो 09
बारिश के दौरान कोर्ट रोड पर भरा पानी।
फोटो 10
रोहतक रोड पर भरा बारिश।
फोटो 11
सरदार झाडू सिंह चौक रोड पर भरा पानी और गुजरते वाहन।
फोटो 12
बारिश के दौरान छतरी लेकर गुजरते राहगीर।