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Charkhi Dadri News: खेतों में फाने जलाने पर 15 एफआईआर दर्ज, 15 अन्य मामलों में जांच जारी
Thu, 01 May 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 01 May 2025 11:52 PM IST
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गांव जयश्री के खेतों में लगी आग।
चरखी दादरी। जिले में बढ़ती आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी लगातार घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं। विभाग के अधिकारियों ने सेटेलाइट की मदद से मिली लोकेशन पर पहुंचकर फानों में आग लगाने के 15 मामले पकड़े हैं। इन पर संज्ञान लेकर अज्ञात 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, आग की अन्य 15 घटनाओं की जांच अभी चल रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अगर ग्रामीणों का पूर्ण रूप से सहयोग मिले तो खेतों में लगने वाली आग की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से फानों में लगी आग की सूचना तत्काल विभाग व प्रशासन को देने की अपील की है। ताकि, जान-माल के नुकसान और बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सके। डीसी मुनीश शर्मा ने भी गत दिनों अधिकारियों को फील्ड में उतारकर ऐसे मामलों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।
दरअसल, इन दिनों खेतों में फसल अवशेष को आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। जमीन की उपजाऊ क्षमता भी कम हो रही है। वहीं, हजारों की संख्या में पेड़-पौधे भी आग की चपेट में आ चुके हैं। इससे सीधे तौर पर जिले की हरियाली प्रभावित हुई है।
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दूसरी तरफ, आग की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने जिले में 43 कर्मचारियों को नियुक्त किया है। इसके अलावा, गांव-गांव में मुनादी करवाकर खेतों में बचे फसल अवशेषों को न जलाने की अपील की जा रही है। साथ ही किसानों को बताया जा रहा है कि फसल अवशेषों में आग लगाना दंडनीय अपराध है।
सेटेलाइट से मिलीं 30 लोकेशन, मौके पर पहुंची टीम
विभाग के अधिकारी सेटेलाइट से मिली लोकेशन के आधार पर आग वाली जगह पर पहुंचकर कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक कृषि विभाग के अधिकारियों ने 30 स्थानों को चिह्नित किया है। इन सभी स्थानों पर जाकर टीमों ने कार्रवाई अमल में लाई।
टीम में इन्हें भी किया गया शामिल
आग की घटना का पता लगाने के लिए प्रशासन की ओर से ग्राम सचिव, हलका पटवारी, सरपंच व कृषि अधिकारी की नियुक्ति की गई है। टीम के सदस्य मौके पर पहुंचकर किसान और संबंधित खेत की पहचान कर रहे हैं। ताकि, दोषी का पता लगाकर एफआईआर दर्ज करवाई जा सके।
किस खंड में कितने कर्मचारी नियुक्त
कृषि विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने के लिए बौंदकलां खंड में 16 कर्मचारी तैनात किए हैं। वहीं, दादरी द्वितीय खंड में 14 और बाढड़ा खंड में 13 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। सूचना मिलते ही टीम तत्काल दमकल विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर रही है।
6,000 से अधिक पौधे और पेड़ हुए नष्ट
जिले में लगातार सामने आ रहीं आग की घटनाओं के चलते हरियाली को नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग के आकलन के अनुसार करीब 6,000 पेड़-पौधे इस बार आग की चपेट में आकर नष्ट हुए हैं। इसके अलावा जीव-जंतुओं के भी जलने की आशंका है।
इन गांवों में की गई है कार्रवाई
कृषि विभाग को सैटेलाइट और टीम की मदद से गांव लोहरवाड़ा, भागवी, सरूपगढ़, चरखी, रावलधी में संदिग्ध 15 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है। अन्य बचे हुए क्षेत्रों में 15 मामलों की जांच चल रही है। इनमें भी जल्द एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है।
किसानों को जागरूक करने के लिए पहले ही मुनादी करवा दी गई थी। तीन खंडों में 43 कर्मचारी फसल अवशेष में आग लगाने वालों पर नजर रख रहे हैं। अब तक 15 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। 15 मामलों की अभी जांच जारी है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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अधिकारियों का कहना है कि अगर ग्रामीणों का पूर्ण रूप से सहयोग मिले तो खेतों में लगने वाली आग की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से फानों में लगी आग की सूचना तत्काल विभाग व प्रशासन को देने की अपील की है। ताकि, जान-माल के नुकसान और बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सके। डीसी मुनीश शर्मा ने भी गत दिनों अधिकारियों को फील्ड में उतारकर ऐसे मामलों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।
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दरअसल, इन दिनों खेतों में फसल अवशेष को आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। जमीन की उपजाऊ क्षमता भी कम हो रही है। वहीं, हजारों की संख्या में पेड़-पौधे भी आग की चपेट में आ चुके हैं। इससे सीधे तौर पर जिले की हरियाली प्रभावित हुई है।
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दूसरी तरफ, आग की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने जिले में 43 कर्मचारियों को नियुक्त किया है। इसके अलावा, गांव-गांव में मुनादी करवाकर खेतों में बचे फसल अवशेषों को न जलाने की अपील की जा रही है। साथ ही किसानों को बताया जा रहा है कि फसल अवशेषों में आग लगाना दंडनीय अपराध है।
सेटेलाइट से मिलीं 30 लोकेशन, मौके पर पहुंची टीम
विभाग के अधिकारी सेटेलाइट से मिली लोकेशन के आधार पर आग वाली जगह पर पहुंचकर कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक कृषि विभाग के अधिकारियों ने 30 स्थानों को चिह्नित किया है। इन सभी स्थानों पर जाकर टीमों ने कार्रवाई अमल में लाई।
टीम में इन्हें भी किया गया शामिल
आग की घटना का पता लगाने के लिए प्रशासन की ओर से ग्राम सचिव, हलका पटवारी, सरपंच व कृषि अधिकारी की नियुक्ति की गई है। टीम के सदस्य मौके पर पहुंचकर किसान और संबंधित खेत की पहचान कर रहे हैं। ताकि, दोषी का पता लगाकर एफआईआर दर्ज करवाई जा सके।
किस खंड में कितने कर्मचारी नियुक्त
कृषि विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने के लिए बौंदकलां खंड में 16 कर्मचारी तैनात किए हैं। वहीं, दादरी द्वितीय खंड में 14 और बाढड़ा खंड में 13 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। सूचना मिलते ही टीम तत्काल दमकल विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर रही है।
6,000 से अधिक पौधे और पेड़ हुए नष्ट
जिले में लगातार सामने आ रहीं आग की घटनाओं के चलते हरियाली को नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग के आकलन के अनुसार करीब 6,000 पेड़-पौधे इस बार आग की चपेट में आकर नष्ट हुए हैं। इसके अलावा जीव-जंतुओं के भी जलने की आशंका है।
इन गांवों में की गई है कार्रवाई
कृषि विभाग को सैटेलाइट और टीम की मदद से गांव लोहरवाड़ा, भागवी, सरूपगढ़, चरखी, रावलधी में संदिग्ध 15 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है। अन्य बचे हुए क्षेत्रों में 15 मामलों की जांच चल रही है। इनमें भी जल्द एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है।
किसानों को जागरूक करने के लिए पहले ही मुनादी करवा दी गई थी। तीन खंडों में 43 कर्मचारी फसल अवशेष में आग लगाने वालों पर नजर रख रहे हैं। अब तक 15 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। 15 मामलों की अभी जांच जारी है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग