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Charkhi Dadri News: फर्जी लोन निकालने में आरोपी गिरफ्तार
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माई सिटी रिपोर्टर
चरखी दादरी। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत कर एक स्थानीय व्यापारी के नाम पर फर्जी लोन निकालने और रकम हड़पने के मामले में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मंगलवार को दूसरे आरोपी देवेंद्र को गिरफ्तार किया है। गांव कान्हड़ा निवासी आरोपी देवेंद्र फिलहाल में वार्ड-18 स्थित एमसी कॉलोनी में रह रहा था।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 13 नवंबर 2024 को शहर के व्यापारी धर्मपाल निवासी वार्ड-17 ने शिकायत दी थी कि उसकी जयश्री महाकालेश्वर एल्युमिनियम ट्रेडर्स नाम से दुकान है। इस दुकान के नाम पर धोखे से बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया गया है।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2016 में देवेंद्र और उसके पिता ईश्वर (सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर) ने धर्मपाल को विश्वास में लेकर उसकी फर्म के कागज, लेटरहेड और चेकबुक बैंक में जमा करवा लिए। बैंक मैनेजर करतार सिंह ने कथित तौर पर खाली चेकों पर हस्ताक्षर करवाकर रख लिए।
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कुछ वर्षों बाद जब बैंककर्मी लोन की रिकवरी के लिए धर्मपाल की दुकान पर पहुंचे तो उसे इस बारे में पता चला। इस पर धर्मपाल ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई। आरटीआई से पता चला कि बैंक अधिकारियों और आरोपियों ने मिलीभगत कर उसके दस्तावेज का दुरुपयोग करते हुए लोन की राशि निकाल ली।
इस मामले में पुलिस आरोपी करतार सिंह निवासी ढालियावास, रेवाड़ी को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने दूसरे आरोपी देवेंद्र को भी पकड़कर कोर्ट में पेशकर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
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चरखी दादरी। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत कर एक स्थानीय व्यापारी के नाम पर फर्जी लोन निकालने और रकम हड़पने के मामले में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मंगलवार को दूसरे आरोपी देवेंद्र को गिरफ्तार किया है। गांव कान्हड़ा निवासी आरोपी देवेंद्र फिलहाल में वार्ड-18 स्थित एमसी कॉलोनी में रह रहा था।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 13 नवंबर 2024 को शहर के व्यापारी धर्मपाल निवासी वार्ड-17 ने शिकायत दी थी कि उसकी जयश्री महाकालेश्वर एल्युमिनियम ट्रेडर्स नाम से दुकान है। इस दुकान के नाम पर धोखे से बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया गया है।
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शिकायत के अनुसार, वर्ष 2016 में देवेंद्र और उसके पिता ईश्वर (सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर) ने धर्मपाल को विश्वास में लेकर उसकी फर्म के कागज, लेटरहेड और चेकबुक बैंक में जमा करवा लिए। बैंक मैनेजर करतार सिंह ने कथित तौर पर खाली चेकों पर हस्ताक्षर करवाकर रख लिए।
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कुछ वर्षों बाद जब बैंककर्मी लोन की रिकवरी के लिए धर्मपाल की दुकान पर पहुंचे तो उसे इस बारे में पता चला। इस पर धर्मपाल ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई। आरटीआई से पता चला कि बैंक अधिकारियों और आरोपियों ने मिलीभगत कर उसके दस्तावेज का दुरुपयोग करते हुए लोन की राशि निकाल ली।
इस मामले में पुलिस आरोपी करतार सिंह निवासी ढालियावास, रेवाड़ी को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने दूसरे आरोपी देवेंद्र को भी पकड़कर कोर्ट में पेशकर एक दिन के रिमांड पर लिया है।