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पहले पिता फिर बेटे ने दी जान: एक माह में पति और लड़के के शव पर रोने के बाद बुजुर्ग बोलीं- मेरी दुनिया उजड़ गई

Fri, 28 Feb 2025 10:44 AM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, हिसार
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 28 Feb 2025 10:44 AM IST
सार

पीड़ित सरोज ने आरोप लगाया कि हमने कसाबां मोहल्ले में अपना मकान सिसाय बोलान निवासी प्रॉपर्टी डीलर सचिन को 19 नवंबर 2024 को बेचा था। सचिन ने धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली और सौदे के 42.50 लाख रुपये भी नहीं दिए।

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Troubled by property dealer in Hisar after father son also commits suicide
पति और बेटे की मौत के बाद बुजुर्ग महिला का छलका दर्द - फोटो : AI Generated

विस्तार

धोखे से मकान की रजिस्ट्री करवाकर पूरा भुगतान नहीं करने से तनाव में आकर 30 वर्षीय एक युवक ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना कसाबां मोहल्ले में बुधवार शाम की है। इससे पहले युवक के पिता विशंभर ने 23 जनवरी को फंदा लगाकर जान दे दी थी। एचटीएम थाना पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर सचिव व अक्षय के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

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थाना प्रभारी मोहम्मद रफीक के मुताबिक कसाबां मोहल्ला निवासी रिटायर्ड प्रिंसिपल सरोज ने शिकायत दी कि बेटा केशव मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहता था। बुधवार दोपहर करीब एक बजे खाना खाकर कमरे में चला गया। मैं और बड़ा बेटा सचिन उर्फ सूर्यकांत मकान की पहली मंजिल पर थे। शाम करीब 5 बजे केशव को चाय पीने के लिए आवाज लगाई तो वह नहीं आया। नीचे जाकर देखा तो केशव कमरे के गेट के पास रोशनदान से बंधे फंदे से लटका था। चिल्लाने पर बड़ा बेटा दौड़कर नीचे आया और केशव को फंदे से उतारा। डायल 112 पर पुलिस को फोन किया। कुछ ही देर में पुलिस व सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंची और केशव को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। सरोज ने आरोप लगाया कि हमने कसाबां मोहल्ले में अपना मकान सिसाय बोलान निवासी प्रॉपर्टी डीलर सचिन को 19 नवंबर 2024 को बेचा था। 

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धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री कराई और सौदे के रुपये भी न दिए
सचिन ने धोखे में रखकर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली और सौदे के 42.50 लाख रुपये भी नहीं दिए। कई बार पंचायती तौर पर पैसे देने के लिए कहा, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। बजाय इसके वह और उसका साथी अक्षय मकान खाली करने के लिए धमकाते थे। इन्हीं से परेशान होकर 23 जनवरी को पति विशंभर (66) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उस दिन के बाद से केशव भी तनाव में रहने लगा। वह कहता था पिता की मौत हो गई, हमारी दुकानें बिक गईं, मकान भी बिक गया। सचिन व अक्षय ने पैसे नहीं दिए। हमें बर्बाद कर दिया, हमें रोड पर ला दिया। अब जीकर क्या करेंगे। इसी अवसाद के कारण उसने आत्महत्या कर ली। सरोज ने बताया कि सचिन ने मुलतानी चौक पर अपना दफ्तर बना रखा है। सचिन से 39 लाख और अक्षय मलिक से 3.50 लाख रुपये लेने हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों पर विशंभर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस पहले से चल रहा है।

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एक माह में पति और बेटे को खोया
सरोज ने बताया उसकी दुनिया उजड़ गई है। प्रॉपर्टी डीलर सचिन व अक्षय के कारण एक ही माह में पति और बेटे को खो चुकी हूं। आरोपियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस निष्पक्ष जांच कर मुझे न्याय दिलाए।

पिछले दो महीने से मैं केशव से नहीं मिला: अक्षय
अक्षय मलिक ने कहा, पिछले दो महीने से मैं केशव से नहीं मिला। यह लेनदेन का मामला नहीं है। दरअसल विशंभर 10-12 साल से अपने बेटों से अलग रहता था। उसकी पत्नी अलग रहती है। विशंभर की दो दुकानें, एक मकान का मैंने सौदा कराया था। दुकानों की रजिस्ट्री हो चुकी थी, जिसके कमीशन के मुझे दो लाख रुपये लेने थे। मकान की रजिस्ट्री 20 जनवरी को होनी थी। मां-बेटे ने एक दूसरे पर केस दर्ज करा रखे हैं। इसी विवाद के चलते पहले विशंभर ने आत्महत्या की और अब केशव ने।

पूरा भुगतान कर रजिस्ट्री कराई: सचिन
सचिन ने कहा, मैंने दो दुकानें व एक मकान खरीदा था। पूरी पेमेंट देकर दोनों रजिस्ट्री कराई थी। सरोज ने मकान खाली करने के लिए एक महीने का समय मांगा था। सरोज का पति विशंभर के साथ विवाद चल रहा था। विशंभर बेटे केशव के साथ दुकान में रहता था। बुधवार सुबह केशव ने अपनी मां के साथ मारपीट की थी। इस विवाद के बाद केशव ने सुसाइड की है।

एक माह में पिता-पुत्र सहित तीन ने की आत्महत्या
बीते एक माह में प्रॉपर्टी डीलर से तंग आकर पिता-पुत्र सहित तीन लोग आत्महत्या कर चुके हैं। 23 जनवरी को कसाबां मोहल्ला निवासी विशंभर और 26 फरवरी को विशंभर के बेटे केशव ने फंदा लगाकर जान दे दी। इसी बीच 8 फरवरी को विराट नगर एक्सटेंशन निवासी पेंटिंग करने वाले ठेकेदार अनिल ने जहर खाकर जान दे दी थी। सुसाइड करने से पहले अनिल ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखा था। इसमें लिखा कि मेरी मौत का कारण प्रॉपर्टी डीलर राजू और कर्ण है। कर्ण से प्लॉट और एक दुकान खरीदी थी। एग्रीमेंट पर साइन कर दिए थे। रुपये देने के बावजूद दोनों ने न तो प्लाॅट नाम करवाया और न ही दुकान। आजाद नगर थाना पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

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