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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Postgraduate studies in 14 subjects to be offered at the Ayurveda Institute; 70 seats approved.

Chandigarh-Haryana News: आयुर्वेद संस्थान में 14 विषयों में होगी पीजी की पढ़ाई, 70 सीटों को मंजूरी

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शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही शुरू होंगे दाखिले, पंचकर्म, कायचिकित्सा, स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र समेत अन्य विषय पढ़ाए जाएंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) में अब 14 विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई होगी। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने 70 सीटों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए आयुर्वेद के अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का रास्ता खुल गया है। संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू होंगे।
विद्यार्थियों को आयुर्वेद की 14 अलग-अलग विधाओं में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। इनमें पंचकर्म, कायचिकित्सा, स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र, शल्य तंत्र, बाल रोग, योग और नेत्र रोग समेत कई विषय शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में पांच सीटें रखी गई हैं। शालाक्य तंत्र की पांच सीटों में तीन कान, नाक और मुख संबंधी रोगों की चिकित्सा तथा दो नेत्र रोगों की चिकित्सा के लिए निर्धारित हैं। इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से विद्यार्थियों को बीएएमएस के बाद विशेषज्ञता हासिल करने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। साथ ही आयुर्वेद के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार करने व शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला में बीएएमएस की 100 सीटें हैं। अब पीजी पाठ्यक्रमों की मंजूरी से संस्थान में आयुर्वेद की उच्च शिक्षा का दायरा और बढ़ेगा।
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संस्थान के डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने बताया कि आयुष मंत्रालय के तहत संस्थान के कुलपति डॉ. संजीव शर्मा के प्रयासों से यह मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि इससे आयुर्वेद की पढ़ाई, विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रशिक्षण और शोध कार्यों को गति मिलेगी। कुलपति डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि पीजी पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और शोध के अवसर उपलब्ध कराना है।
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