फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   One section of the bureaucracy is lobbying in support of Puran Kumar while another is in a state of panic

हरियाणा की अफसरशाही में हड़कंप: दिवंगत एडीजीपी के समर्थन में लाॅबिंग शुरू, कोताही बरतने के मूड में नहीं सरकार

Thu, 09 Oct 2025 02:01 AM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो Updated Thu, 09 Oct 2025 02:01 AM IST
सार

हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने घर के बेसमेंट में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व आईएएस टीवीएसएन प्रसाद, डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लों, एडीजीपी संजय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों पर सुनियोजित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन
One section of the bureaucracy is lobbying in support of Puran Kumar while another is in a state of panic
एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के बाद हरियाणा की अफसरशाही में भूचाल आ गया है। पूरण कुमार के समर्थन में अफसरशाही में लॉबिंग शुरू हो गई है। 
विज्ञापन


कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार के चंडीगढ़ पहुंचने पर अनुसूचित जाति के कई अफसर उनके पास पहुंचे और बातचीत भी की। उन्होंने मजबूती से कहा कि सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम लिखे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सुसाइड नोट में लिखे अफसरों के नाम भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में कुछ पुलिस अफसरों पर गाज गिरना तय है।

यह भी पढ़ें: माैत के बाद तो सामने आए सच्चाई: IAS वाई पूरण कुमार के फाइनल नोट में छलका दर्द, लिखा-मेरे साथ सिर्फ भेदभाव हुआ
विज्ञापन

एकजुट हुए कई अफसर

पोस्टिंग या फिर किसी मामले में खुद पर आरोप या प्रत्यारोप के कारण नाराज चल रहे कई अफसरों में वाई पूरण कुमार के प्रकरण के बाद सुगबुगाहट है और अब वह एकजुट होकर इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई चाह रहे हैं। अमनीत पी कुमार भी चाहती हैं कि सुसाइड नोट में उनके पति ने जिन अफसरों का नाम लिखा है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। अफसरों के इन रुख से अफसरशाही के एक वर्ग में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार भी चाहती है कि इस मामले में कोई कोताही न बरती जाए। इससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

सरकार को नहीं दी जानकारी

एक अफसर का कहना है कि शराब ठेकेदार से मंथली के मामले में जिस तरह से रोहतक के एसपी ने बयान दिया है कि आरोपी ने पूछताछ में वाई पूरण कुमार का नाम लिया है, वह किसी के गले से उतर नहीं रहा है। एक जिम्मेदार पुलिस अफसर को मीडिया में कम से कम ऐसा बयान तो नहीं देना चाहिए था, वह भी तब जब पूरण कुमार ने सुसाइड कर लिया हो।

वहीं सूत्र बताते हैं कि सरकार को भी इस बात की जानकारी नहीं थी। हरियाणा सरकार के एक बड़े अफसर ने इस बात से इंकार किया है कि उन्हें रोहतक प्रकरण की कोई जानकारी थी। वहीं एफआईआर दर्ज करने की टाइमिंग पर भी सवाल खड़े गए हैं। इतने बड़े मामले में एफआईआर तब दर्ज की गई जब सीएम राज्य से बाहर थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed