{"_id":"6aa162ac5d29daad310b4437","slug":"now-every-student-scoring-up-to-60-marks-will-take-the-super-100-entrance-exam-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-1118801-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: अब 60% तक अंक वाला हर विद्यार्थी देगा सुपर-100 की प्रवेश परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: अब 60% तक अंक वाला हर विद्यार्थी देगा सुपर-100 की प्रवेश परीक्षा
विज्ञापन
-स्कूल मुखिया कराएंगे पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण
- तीन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद 500 विद्यार्थियों को मिलेगा दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर मौका देने के लिए सुपर-100 योजना की चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब 10वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा में 60 फीसदी या इससे अधिक अंक हासिल करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुपर-100 की प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था में विद्यार्थियों के पंजीकरण की जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होगी। प्रधानाचार्य को अपने स्कूल के सभी पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को हस्ताक्षर और मुहर के साथ लिखित घोषणा भेजनी होगी। पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण नहीं कराने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
तीन चरणों में होगा चयन
पहले चरण में वस्तुनिष्ठ परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों की योग्यता व वैचारिक समझ जांची जाएगी। इसमें सफल विद्यार्थी दूसरे चरण की वर्णनात्मक परीक्षा में शामिल होंगे। इसके बाद 1,500 विद्यार्थियों को अंतिम चरण के लिए चुना जाएगा। यह चरण 750-750 विद्यार्थियों के दो समूहों में 15-15 दिन चलेगा। अंतिम मेरिट के आधार पर 500 विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा।
विज्ञापन
पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
विद्यार्थियों को परिवार के साथ रहने के लिए एक साल में पांच से दस दिन का अवकाश दिया जाएगा। रविवार को अभिभावक-विद्यार्थी बैठक होगी। सामान्य दिनों में मुलाकात केवल आपात स्थिति में शाम पांच बजे के बाद पहले से अनुमति के आधार पर हो सकेगी। पढ़ाई बीच में छोड़ने पर भी सख्त नियम तय किए गए हैं। बिना परामर्श के स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। अभिभावकों को जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित आवेदन देना होगा। इसके बाद मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ की काउंसलिंग के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
प्रदेश में सुपर-100 योजना के तहत बच्चों में उत्साह व लगातार बेहतर परिणाम के मद्देनजर सीटें बढ़ाने के अलावा नए प्रावधान भी किए गए है। अब ज्यादा से ज्यादा बच्चे योजना का लाभ लेकर भविष्य बना सकेंगे।
- महीपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री
विज्ञापन
- तीन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद 500 विद्यार्थियों को मिलेगा दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर मौका देने के लिए सुपर-100 योजना की चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब 10वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा में 60 फीसदी या इससे अधिक अंक हासिल करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुपर-100 की प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था में विद्यार्थियों के पंजीकरण की जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होगी। प्रधानाचार्य को अपने स्कूल के सभी पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को हस्ताक्षर और मुहर के साथ लिखित घोषणा भेजनी होगी। पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण नहीं कराने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
विज्ञापन
तीन चरणों में होगा चयन
पहले चरण में वस्तुनिष्ठ परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों की योग्यता व वैचारिक समझ जांची जाएगी। इसमें सफल विद्यार्थी दूसरे चरण की वर्णनात्मक परीक्षा में शामिल होंगे। इसके बाद 1,500 विद्यार्थियों को अंतिम चरण के लिए चुना जाएगा। यह चरण 750-750 विद्यार्थियों के दो समूहों में 15-15 दिन चलेगा। अंतिम मेरिट के आधार पर 500 विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा।
विज्ञापन
पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
विद्यार्थियों को परिवार के साथ रहने के लिए एक साल में पांच से दस दिन का अवकाश दिया जाएगा। रविवार को अभिभावक-विद्यार्थी बैठक होगी। सामान्य दिनों में मुलाकात केवल आपात स्थिति में शाम पांच बजे के बाद पहले से अनुमति के आधार पर हो सकेगी। पढ़ाई बीच में छोड़ने पर भी सख्त नियम तय किए गए हैं। बिना परामर्श के स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। अभिभावकों को जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित आवेदन देना होगा। इसके बाद मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ की काउंसलिंग के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
प्रदेश में सुपर-100 योजना के तहत बच्चों में उत्साह व लगातार बेहतर परिणाम के मद्देनजर सीटें बढ़ाने के अलावा नए प्रावधान भी किए गए है। अब ज्यादा से ज्यादा बच्चे योजना का लाभ लेकर भविष्य बना सकेंगे।
- महीपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री