{"_id":"681fb22faf2010a8f10cfe76","slug":"mining-and-construction-work-will-be-banned-near-14-monuments-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1010-705923-2025-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: 14 स्मारकों के पास खनन व निर्माण कार्यों पर लगेगी रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: 14 स्मारकों के पास खनन व निर्माण कार्यों पर लगेगी रोक
विज्ञापन
हरियाणा सरकार ने दो महीने के भीतर मांगें आपत्तियां व सुझाव
चंडीगढ़। हरियाणा की 14 संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन व निर्माण कार्यों पर रोक लगेगी। विरासत और पर्यटन विभाग ने इन संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर तक के क्षेत्र को प्रतिषिद्ध और 30 मीटर क्षेत्र को विनियमित घोषित करने के लिए दो महीने में आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं।
ये इमारतें रेवाड़ी की रानी की ड्योढ़ी व सोलह राही तालाब, बड़ा तालाब, नारनौल की बावड़ी, इस्लामपुर का किला इस्लामपुर,
फतेहाबाद की बोस्ती मस्जिद, होडल स्थित चौधरी काशीराम की हवेली व कचहरी, बिलासपुर स्थित पलवल जरासंध का टीला, जींद की खुंगा कोठी, पिहोवा का अतिथि गृह भाई उदय सिंह, झज्जर का बागावाली कोठी, कैथल का एसडीएम निवास, तोशाम की
पृथ्वीराज की कचहरी शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन और निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी और वहीं इससे आगे के 30 मीटर क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए सरकार से मंजूरी लेकर नक्शा पास कराना होगा। ऐसे नहीं करने पर भवन अवैध घोषित हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा की 14 संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन व निर्माण कार्यों पर रोक लगेगी। विरासत और पर्यटन विभाग ने इन संरक्षित स्मारकों के 15 मीटर तक के क्षेत्र को प्रतिषिद्ध और 30 मीटर क्षेत्र को विनियमित घोषित करने के लिए दो महीने में आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं।
ये इमारतें रेवाड़ी की रानी की ड्योढ़ी व सोलह राही तालाब, बड़ा तालाब, नारनौल की बावड़ी, इस्लामपुर का किला इस्लामपुर,
फतेहाबाद की बोस्ती मस्जिद, होडल स्थित चौधरी काशीराम की हवेली व कचहरी, बिलासपुर स्थित पलवल जरासंध का टीला, जींद की खुंगा कोठी, पिहोवा का अतिथि गृह भाई उदय सिंह, झज्जर का बागावाली कोठी, कैथल का एसडीएम निवास, तोशाम की
विज्ञापन
पृथ्वीराज की कचहरी शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन स्मारकों के 15 मीटर के दायरे में खनन और निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी और वहीं इससे आगे के 30 मीटर क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए सरकार से मंजूरी लेकर नक्शा पास कराना होगा। ऐसे नहीं करने पर भवन अवैध घोषित हो जाएगा।
विज्ञापन