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Chandigarh-Haryana News: युवाओं के शौक पूरा कर हरियाणा में स्लीपर सेल बना रहा आईएसआई
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चंडीगढ़। सैन्य शक्ति में हमेशा मुंह की खाने वाला पाकिस्तान आईएसआई की मदद से योजनाबद्ध तरीके से भारत को अंदर ही अंदर खोखला करने की मंशा से काम कर रहा है। आईएसआई हरियाणा में युवाओं के शौक पूरा करने के साथ उन्हें भ्रमित करके स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आईएसआई के जरिए प्रदेश में सक्रिय स्लीपर सेल युवाओं से मदद लेने में तेजी आने के बाद केंद्रीय एजेंसियों ने हरियाणा सरकार को अलर्ट किया है।
इसके बाद इनपुट के आधार पर हरियाणा पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य साइबर पुलिस, इंटेलिजेंस, साइबर सेल और खुफिया विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अब एक-एक करके आईएसआई के इशारे पर बॉर्डर क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और जानकारी भेजने वाले युवाओं की गिरफ्तारी शुरू हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्रीय एजेंसियों की तरफ इनपुट के आधार पर पुलिस ने पाक प्रेम रखने वाले युवाओं का सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। केंद्रीय एजेंसियों ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंट धार्मिक स्थलों, कॉलेज-यूनिवर्सिटी, पासपोर्ट, वीजा दफ्तर, हॉस्टल, सोशल मीडिया पर सक्रिय नए-नए युवक-युवतियों की रेकी करने के बाद योजना तैयार करते हैं। इसके बाद किसी तरह एजेंट युवाओं से संपर्क करके उनकी मदद करने के साथ-साथ उनके शौक पूरा करने में निवेश भी करते हैं।
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आईएसआई करता है युवाओं का माइंडवॉश
सूत्रों के मुताबिक आईएसआई के एजेंट युवाओं को फंसाने के बाद उनकी अपने आकाओं से मुलाकात करवाते हैं। इस दौरान भारत में अपना नेटवर्क पसारने और गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए युवाओं को उत्साहित करते हैं। ये पूरा गैंग युवाओं का माइंडवॉश करता है, इसके बाद आईएसआई एजेंटों के इशारे पर युवा उन तक किसी भी जगह की जानकारी पहुंचाने लगते हैं।
शिकंजा कसा तो धरे जाने लगे जासूस
प्रदेश में युवाओं के स्लीपर सेल बनने के इनपुट पर एजेंसियों ने साइबर पुलिस की मदद से जांच शुरू करवा दी। इस दौरान पिछले 10 वर्षों में पाकिस्तान घूमने, किसी धार्मिक स्थल जाने वाले या सोशल मीडिया पर पाक के पक्ष में कमेंट्स, लाइक या विचारधारा पेश कर पाठ पढ़ाने वाले युवाओं की हिस्ट्री खंगालना शुरू किया। इसमें संदिग्ध मिलने वाले युवाओं की ट्रैवेल हिस्ट्री, बैंक बैलेंस, गतिविधियां, कॉल व चैट हिस्ट्री निकालने से मामला साफ होने लगा है।
नौकरी व अपने काम में कर रहे मदद
आईएसआई की तरफ से युवाओं को नौकरी और अपने काम में भी पूरा मदद किया जा रहा है। आईएसआई अपने जरूरत के आधार पर बेरोजगार युवाओं को हरियाणा या पंजाब के जिलों में नौकरी दिलाने के साथ अपना काम करने वालों को भी फंडिंग कर रही हैं।
कोट्स -
ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रदेश में अचानक से जासूस सक्रिय हुए हैं। इसके बाद ही जासूस सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आ गए। राज्य पुलिस सभी से पूछताछ करने में लगी है। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा भी सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। इसकी वजह से भी जासूसों को पुलिस दबोच रही है।
शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा
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इसके बाद इनपुट के आधार पर हरियाणा पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य साइबर पुलिस, इंटेलिजेंस, साइबर सेल और खुफिया विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अब एक-एक करके आईएसआई के इशारे पर बॉर्डर क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और जानकारी भेजने वाले युवाओं की गिरफ्तारी शुरू हो गई है।
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सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्रीय एजेंसियों की तरफ इनपुट के आधार पर पुलिस ने पाक प्रेम रखने वाले युवाओं का सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। केंद्रीय एजेंसियों ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंट धार्मिक स्थलों, कॉलेज-यूनिवर्सिटी, पासपोर्ट, वीजा दफ्तर, हॉस्टल, सोशल मीडिया पर सक्रिय नए-नए युवक-युवतियों की रेकी करने के बाद योजना तैयार करते हैं। इसके बाद किसी तरह एजेंट युवाओं से संपर्क करके उनकी मदद करने के साथ-साथ उनके शौक पूरा करने में निवेश भी करते हैं।
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आईएसआई करता है युवाओं का माइंडवॉश
सूत्रों के मुताबिक आईएसआई के एजेंट युवाओं को फंसाने के बाद उनकी अपने आकाओं से मुलाकात करवाते हैं। इस दौरान भारत में अपना नेटवर्क पसारने और गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए युवाओं को उत्साहित करते हैं। ये पूरा गैंग युवाओं का माइंडवॉश करता है, इसके बाद आईएसआई एजेंटों के इशारे पर युवा उन तक किसी भी जगह की जानकारी पहुंचाने लगते हैं।
शिकंजा कसा तो धरे जाने लगे जासूस
प्रदेश में युवाओं के स्लीपर सेल बनने के इनपुट पर एजेंसियों ने साइबर पुलिस की मदद से जांच शुरू करवा दी। इस दौरान पिछले 10 वर्षों में पाकिस्तान घूमने, किसी धार्मिक स्थल जाने वाले या सोशल मीडिया पर पाक के पक्ष में कमेंट्स, लाइक या विचारधारा पेश कर पाठ पढ़ाने वाले युवाओं की हिस्ट्री खंगालना शुरू किया। इसमें संदिग्ध मिलने वाले युवाओं की ट्रैवेल हिस्ट्री, बैंक बैलेंस, गतिविधियां, कॉल व चैट हिस्ट्री निकालने से मामला साफ होने लगा है।
नौकरी व अपने काम में कर रहे मदद
आईएसआई की तरफ से युवाओं को नौकरी और अपने काम में भी पूरा मदद किया जा रहा है। आईएसआई अपने जरूरत के आधार पर बेरोजगार युवाओं को हरियाणा या पंजाब के जिलों में नौकरी दिलाने के साथ अपना काम करने वालों को भी फंडिंग कर रही हैं।
कोट्स -
ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रदेश में अचानक से जासूस सक्रिय हुए हैं। इसके बाद ही जासूस सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आ गए। राज्य पुलिस सभी से पूछताछ करने में लगी है। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा भी सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। इसकी वजह से भी जासूसों को पुलिस दबोच रही है।
शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा