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Chandigarh-Haryana News: संबद्धता अटकी तो भी नहीं रुकेगी विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा
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- 514 निजी स्कूलों को मिला विस्तार, अनुमति न मिलने पर नजदीकी सरकारी स्कूल में विद्यार्थी दे सकेंगे परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। निजी स्कूल की संबद्धता किसी कारण से आगे नहीं बढ़ पाई तो भी इसका खामियाजा अब विद्यार्थियों को नहीं भुगतना पड़ेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 514 निजी स्कूलों को सत्र 2026-27 के लिए सालाना आधार पर अस्थायी संबद्धता विस्तार देने के साथ बोर्ड परीक्षा को लेकर भी वैकल्पिक व्यवस्था तय कर दी है।
शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार यदि किसी निजी स्कूल की संबद्धता आगे नहीं बढ़ती और इससे वहां पढ़ने वाले विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी उनकी परीक्षा नजदीकी सरकारी स्कूल से दिलाना सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए निजी स्कूल को विद्यार्थियों से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। परीक्षा के लिए बोर्ड के निर्धारित नियमों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
आदेश के अनुसार इन स्कूलों को संबद्धता शुल्क जमा कराने के लिए बोर्ड पोर्टल खोलेगा। सूची में नाम नहीं होने पर ये स्कूल पुराने संबद्धता, मान्यता या स्थापना अनुमति के दस्तावेज देकर आवेदन कर सकेंगे। आदेश में साफ किया गया है कि संबद्धता संबंधी प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने इसके लिए सीएम नायब सिंह सैनी, शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा व शिक्षा अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। निजी स्कूल की संबद्धता किसी कारण से आगे नहीं बढ़ पाई तो भी इसका खामियाजा अब विद्यार्थियों को नहीं भुगतना पड़ेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 514 निजी स्कूलों को सत्र 2026-27 के लिए सालाना आधार पर अस्थायी संबद्धता विस्तार देने के साथ बोर्ड परीक्षा को लेकर भी वैकल्पिक व्यवस्था तय कर दी है।
शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार यदि किसी निजी स्कूल की संबद्धता आगे नहीं बढ़ती और इससे वहां पढ़ने वाले विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी उनकी परीक्षा नजदीकी सरकारी स्कूल से दिलाना सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए निजी स्कूल को विद्यार्थियों से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। परीक्षा के लिए बोर्ड के निर्धारित नियमों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
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आदेश के अनुसार इन स्कूलों को संबद्धता शुल्क जमा कराने के लिए बोर्ड पोर्टल खोलेगा। सूची में नाम नहीं होने पर ये स्कूल पुराने संबद्धता, मान्यता या स्थापना अनुमति के दस्तावेज देकर आवेदन कर सकेंगे। आदेश में साफ किया गया है कि संबद्धता संबंधी प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने इसके लिए सीएम नायब सिंह सैनी, शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा व शिक्षा अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
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