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Chandigarh-Haryana News: हांसी में सफाईकर्मियों की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने प्रशासन व पुलिस से मांगी रिपोर्ट
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अगली सुनवाई से पहले जमा करानी होगी रिपोर्ट, आयोग ने मानव गरिमा और श्रमिक अधिकारों का घोर हनन माना
चंडीगढ़। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हांसी में सेप्टिक टैंक में दो सफाईकर्मियों की दम घुटने से हुई मौत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रशासन और पुलिस से इस मामले में जांच व कार्रवाई करने, मुआवजा और पीड़ितों को राहत देने के लिए उठाए गए कदमों की पूरी रिपोर्ट मांगी है जो अगली सुनवाई 17 दिसंबर से पहले जमा करानी होगी। मानवाधिकार आयोग का कहना है कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मानव गरिमा और श्रमिक अधिकारों का घोर हनन भी है।
20 अक्तूबर को हिसार के हांसी स्थित एक होटल में कार्यरत कर्मचारी सोमवीर निवासी गांव गढ़ी और वीरेंद्र निवासी गांव जमावरी को सीवर मोटर खराब होने पर बिना किसी सुरक्षात्मक उपकरणों के सेप्टिक टैंक में उतर दिया था। ऐसे में एक कर्मी टैंक में उतरते ही और दूसरा उसे बचाने की कोशिश में सेप्टिक टैंक के अंदर जाते ही बेहोश हो गया। दोनों की मौत टैंक के अंदर संभवत: जहरीली गैसों के संपर्क में आने से हुई। मृतकों के परिजनों ने होटल प्रबंधन पर लापरवाही और जबरदस्ती का आरोप लगाते हुए घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
आयोग के मुताबिक प्राथमिक रिपोर्ट से पता चलता है कि उक्त कर्मचारियों को बिना ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस जांच या सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतरने के निर्देश दिए गए। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि होटल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए उन्हें जहरीली गैस से भरे सेप्टिक टैंक में उतरने के लिए मजबूर किया गया।
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आयोग के जस्टिस ललित बत्रा व सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया को मिलाकर बने पूर्ण आयोग के मुताबिक नियोक्ता व राज्य प्राधिकरणों का यह कानूनी दायित्व है कि वे कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के जानलेवा खतरों से कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और गंभीर आरोपों को देखते हुए आयोग ने आदेश दिया है कि उपायुक्त, हिसार के उपायुक्त छह सप्ताह में मृतकों के परिजनों को दी गई या स्वीकृत राहत, क्षतिपूर्ति और पुनर्वास उपायों की विस्तृत रिपोर्ट दे।
नगर परिषद, हांसी छह सप्ताह में घटना के कारणों, होटल के लाइसेंस, निरीक्षण की स्थिति व अधिनियम 2013 के उल्लंघन की जानकारी प्रस्तुत करे। पुलिस अधीक्षक हांसी छह सप्ताह में दर्ज एफआईआर, आरोपित धाराएं व जांच की प्रगति पर प्रतिवेदन दें। होटल प्रबंधन तुरंत सेप्टिक या सीवर टैंकों में बिना सुरक्षात्मक उपकरण, गैस जांच, बचाव व्यवस्था, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि के मैनुअल एंट्री को प्रतिबंधित करें और छह सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट जमा करे।
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चंडीगढ़। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हांसी में सेप्टिक टैंक में दो सफाईकर्मियों की दम घुटने से हुई मौत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रशासन और पुलिस से इस मामले में जांच व कार्रवाई करने, मुआवजा और पीड़ितों को राहत देने के लिए उठाए गए कदमों की पूरी रिपोर्ट मांगी है जो अगली सुनवाई 17 दिसंबर से पहले जमा करानी होगी। मानवाधिकार आयोग का कहना है कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मानव गरिमा और श्रमिक अधिकारों का घोर हनन भी है।
20 अक्तूबर को हिसार के हांसी स्थित एक होटल में कार्यरत कर्मचारी सोमवीर निवासी गांव गढ़ी और वीरेंद्र निवासी गांव जमावरी को सीवर मोटर खराब होने पर बिना किसी सुरक्षात्मक उपकरणों के सेप्टिक टैंक में उतर दिया था। ऐसे में एक कर्मी टैंक में उतरते ही और दूसरा उसे बचाने की कोशिश में सेप्टिक टैंक के अंदर जाते ही बेहोश हो गया। दोनों की मौत टैंक के अंदर संभवत: जहरीली गैसों के संपर्क में आने से हुई। मृतकों के परिजनों ने होटल प्रबंधन पर लापरवाही और जबरदस्ती का आरोप लगाते हुए घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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आयोग के मुताबिक प्राथमिक रिपोर्ट से पता चलता है कि उक्त कर्मचारियों को बिना ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस जांच या सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतरने के निर्देश दिए गए। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि होटल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए उन्हें जहरीली गैस से भरे सेप्टिक टैंक में उतरने के लिए मजबूर किया गया।
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आयोग के जस्टिस ललित बत्रा व सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया को मिलाकर बने पूर्ण आयोग के मुताबिक नियोक्ता व राज्य प्राधिकरणों का यह कानूनी दायित्व है कि वे कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के जानलेवा खतरों से कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और गंभीर आरोपों को देखते हुए आयोग ने आदेश दिया है कि उपायुक्त, हिसार के उपायुक्त छह सप्ताह में मृतकों के परिजनों को दी गई या स्वीकृत राहत, क्षतिपूर्ति और पुनर्वास उपायों की विस्तृत रिपोर्ट दे।
नगर परिषद, हांसी छह सप्ताह में घटना के कारणों, होटल के लाइसेंस, निरीक्षण की स्थिति व अधिनियम 2013 के उल्लंघन की जानकारी प्रस्तुत करे। पुलिस अधीक्षक हांसी छह सप्ताह में दर्ज एफआईआर, आरोपित धाराएं व जांच की प्रगति पर प्रतिवेदन दें। होटल प्रबंधन तुरंत सेप्टिक या सीवर टैंकों में बिना सुरक्षात्मक उपकरण, गैस जांच, बचाव व्यवस्था, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि के मैनुअल एंट्री को प्रतिबंधित करें और छह सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट जमा करे।