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Chandigarh-Haryana News: साइबर ठगी...हरियाणा ने राष्ट्रीय औसत के मुकाबले पीड़ितों के पांच गुना ज्यादा पैसे लौटाए
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साइबर अपराध के हॉटस्पॉट नूंह में पुलिस ने जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक 949 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को पैसे दिलाने और दूसरे राज्यों के साथ तालमेल में राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर रहा है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि 22 जुलाई 2026 तक सामने आए 14,731 साइबर अपराध मामलों में हरियाणा ने 38 प्रतिशत मामलों में पीड़ितों की धन वापसी कराई है। इस मामले में देश का औसत केवल 8 प्रतिशत है यानी हरियाणा में पैसे दिलाने की दर राष्ट्रीय औसत से करीब पांच गुना अधिक है। मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से अब तक साइबर ठगी के पीड़ितों को 2.51 करोड़ रुपये दिलाए जा चुके हैं।
अंतरराज्यीय साइबर अपराधों की जांच में भी हरियाणा पुलिस ने बेहतर काम किया है। दूसरे राज्यों से मिले 9,437 सहायता अनुरोधों में से 9,156 मामलों का निपटारा किया गया जो 97 प्रतिशत की सफलता दर है। साइबर ठगी रोकने के लिए शुरू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत एक लाख रुपये से अधिक की ठगी वाली शिकायतों को सीधे एफआईआर में बदला जा रहा है। अब तक 233 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं। साइबर अपराध के हॉटस्पॉट नूंह में पुलिस ने जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक 949 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और 491 स्वत: संज्ञान एफआईआर दर्ज कीं। इस दौरान 772 मोबाइल फोन और 1,481 सिम कार्ड बरामद किए गए।
हरियाणा में साइबर अपराध की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को भी लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही आम लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि साइबर अपराध रोकने के लिए तकनीक, प्रशिक्षण और जनभागीदारी पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को पैसे दिलाने और दूसरे राज्यों के साथ तालमेल में राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर रहा है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि 22 जुलाई 2026 तक सामने आए 14,731 साइबर अपराध मामलों में हरियाणा ने 38 प्रतिशत मामलों में पीड़ितों की धन वापसी कराई है। इस मामले में देश का औसत केवल 8 प्रतिशत है यानी हरियाणा में पैसे दिलाने की दर राष्ट्रीय औसत से करीब पांच गुना अधिक है। मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से अब तक साइबर ठगी के पीड़ितों को 2.51 करोड़ रुपये दिलाए जा चुके हैं।
अंतरराज्यीय साइबर अपराधों की जांच में भी हरियाणा पुलिस ने बेहतर काम किया है। दूसरे राज्यों से मिले 9,437 सहायता अनुरोधों में से 9,156 मामलों का निपटारा किया गया जो 97 प्रतिशत की सफलता दर है। साइबर ठगी रोकने के लिए शुरू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत एक लाख रुपये से अधिक की ठगी वाली शिकायतों को सीधे एफआईआर में बदला जा रहा है। अब तक 233 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं। साइबर अपराध के हॉटस्पॉट नूंह में पुलिस ने जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक 949 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और 491 स्वत: संज्ञान एफआईआर दर्ज कीं। इस दौरान 772 मोबाइल फोन और 1,481 सिम कार्ड बरामद किए गए।
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हरियाणा में साइबर अपराध की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को भी लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही आम लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि साइबर अपराध रोकने के लिए तकनीक, प्रशिक्षण और जनभागीदारी पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
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