{"_id":"6a69ed9b6acbd4ff490b88b1","slug":"guest-teachers-raised-the-issue-of-availing-the-benefit-of-the-couple-case-policy-in-transfers-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-1082876-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: अतिथि शिक्षकों ने स्थानांतरण में कपल केस का लाभ देने का मुद्दा उठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: अतिथि शिक्षकों ने स्थानांतरण में कपल केस का लाभ देने का मुद्दा उठाया
विज्ञापन
सीएम-मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की उठाई मांग, कार्यरत शिक्षकों के पदों को रिक्त मानने पर भी जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ ने नई स्थानांतरण नीति में अतिथि शिक्षकों को कपल केस के दायरे से बाहर रखने पर कड़ा विरोध जताया है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करते हुए अतिथि शिक्षकों के लिए यह सुविधा बहाल करने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा कि पिछली स्थानांतरण नीति में अतिथि शिक्षकों को कपल केस का लाभ मिलता था लेकिन नई व्यवस्था में इसे समाप्त कर दिया गया है। इससे हजारों शिक्षकों को पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक नियमित शिक्षकों की तरह शैक्षणिक कार्यों के साथ चुनाव, जनगणना, सर्वेक्षण और अन्य सरकारी जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें समान अधिकार नहीं दिए जा रहे। संघ ने कार्यरत शिक्षकों के पदों को भी रिक्त मानकर स्थानांतरण प्रक्रिया चलाने पर आपत्ति जताई और अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान स्थानांतरण सुविधाएं देने तथा नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ ने नई स्थानांतरण नीति में अतिथि शिक्षकों को कपल केस के दायरे से बाहर रखने पर कड़ा विरोध जताया है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करते हुए अतिथि शिक्षकों के लिए यह सुविधा बहाल करने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा कि पिछली स्थानांतरण नीति में अतिथि शिक्षकों को कपल केस का लाभ मिलता था लेकिन नई व्यवस्था में इसे समाप्त कर दिया गया है। इससे हजारों शिक्षकों को पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक नियमित शिक्षकों की तरह शैक्षणिक कार्यों के साथ चुनाव, जनगणना, सर्वेक्षण और अन्य सरकारी जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें समान अधिकार नहीं दिए जा रहे। संघ ने कार्यरत शिक्षकों के पदों को भी रिक्त मानकर स्थानांतरण प्रक्रिया चलाने पर आपत्ति जताई और अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान स्थानांतरण सुविधाएं देने तथा नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
विज्ञापन