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Chandigarh-Haryana News: नमो भारत के साथ दौड़ेगा विकास, दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर टीओडी नीति में शामिल
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सार्वजनिक परिवहन को केंद्र में रखकर कॉरिडोर के आसपास होगा योजनाबद्ध विकास
आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास अब विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है। हरियाणा सरकार ने इस कॉरिडोर को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति में शामिल कर लिया है। इसके बाद कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों का विकास सार्वजनिक परिवहन को केंद्र में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
सरकार ने यह फैसला वर्ष 2016 में लागू टीओडी नीति में संशोधन के तहत लिया है। टीओडी नीति के तहत मेट्रो, रेलवे स्टेशन या बस कॉरिडोर जैसे सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास ऐसे क्षेत्र विकसित किए जाते हैं जहां लोगों को आवास, रोजगार, बाजार व अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। इसका उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को टीओडी नीति में शामिल किए जाने के बाद इसके आसपास आवासीय, व्यावसायिक और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को परिवहन व्यवस्था के अनुरूप विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
पहले से था नीति में प्रावधान
टीओडी नीति की धारा 10 (8) में नए एमआरटीएस कॉरिडोर को नीति में शामिल करने का प्रावधान पहले से मौजूद है। इसके तहत सरकार की मंजूरी और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) की सिफारिश मिलने पर किसी नए कॉरिडोर को टीओडी नीति में शामिल किया जा सकता है।
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आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास अब विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है। हरियाणा सरकार ने इस कॉरिडोर को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति में शामिल कर लिया है। इसके बाद कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों का विकास सार्वजनिक परिवहन को केंद्र में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
सरकार ने यह फैसला वर्ष 2016 में लागू टीओडी नीति में संशोधन के तहत लिया है। टीओडी नीति के तहत मेट्रो, रेलवे स्टेशन या बस कॉरिडोर जैसे सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास ऐसे क्षेत्र विकसित किए जाते हैं जहां लोगों को आवास, रोजगार, बाजार व अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। इसका उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को टीओडी नीति में शामिल किए जाने के बाद इसके आसपास आवासीय, व्यावसायिक और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को परिवहन व्यवस्था के अनुरूप विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
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पहले से था नीति में प्रावधान
टीओडी नीति की धारा 10 (8) में नए एमआरटीएस कॉरिडोर को नीति में शामिल करने का प्रावधान पहले से मौजूद है। इसके तहत सरकार की मंजूरी और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) की सिफारिश मिलने पर किसी नए कॉरिडोर को टीओडी नीति में शामिल किया जा सकता है।
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