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Chandigarh-Haryana News: पूर्व विधायक सुरजाखेड़ा ने घोटाले की रकम से जजपा के टिकट पर लड़ा चुनाव
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एचएसवीपी घोटाला : पंचकूला की विशेष अदालत में ईडी ने पेश की चार्जशीट
मतदाताओं को प्रभावित करने, सामाजिक गतिविधियों में खर्च की गई राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 225 करोड़ के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा ने अर्जित धन का इस्तेमाल 2019 के विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) से टिकट हासिल करने और चुनाव प्रचार-प्रसार में किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंचकूला की विशेष अदालत में दायर चार्जशीट में यह दावा किया गया है। हालांकि, सुरजाखेड़ा के वकील अभिषेक राणा ने कहा कि ईडी ने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है। ईडी के आरोपों का कोर्ट की कार्यवाही में जवाब देंगे।
ईडी की चार्जशीट के मुताबिक राम निवास सुरजाखेड़ा नरवाना के अपने निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्हें स्थानीय मंदिरों और गोशालाओं को दान देने के लिए जाना जाता है। मामले की जांच के दौरान पता चला है कि सुरजाखेड़ा ने घोटाले से अर्जित अवैध रकम को अपनी सामाजिक छवि बनाने में खर्चा किया। इसी आधार पर 2019 में उनको नरवाना निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जजपा की ओर से टिकट दिया गया। ईडी के अनुसार सुरजाखेड़ा ने मुख्य रूप से मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए रकम खर्च की। अपने निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों को पैसे बांटे।
फॉर्च्यूनर खरीदी, पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर किए
चार्जशीट के मुताबिक घोटाले की रकम को सुरजाखेड़ा की पत्नी के बैंक खाते में जमा किया गया। इसके अलावा धनशोधन प्रक्रिया के तहत पूर्व विधायक ने स्वयं लाभार्थी के खाते से सीधे 2.5 लाख रुपये हासिल किए थे। साथ ही अवैध आय से एक महंगी गाड़ी (टोयोटा फॉर्च्यूनर) खरीदी गई और बाद में बिना किसी वैधता के राम निवास के नाम पर हस्तांतरित कर दी गई।
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पांच के खिलाफ चार्जशीट, बंसल की संपत्ति अटैच
ईडी ने छह अगस्त को पंचकूला की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की थी। इसमें एचएसवीपी के पूर्व अधिकारी सुनील बंसल, पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा, पंचकूला निवासी बलविंदर सिंह, पंचकूला निवासी हरविंदर पाल सिंह और अंबाला निवासी रंजीत सिंह के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने बंसल द्वारा घोटाले से अर्जित धन से बनाई संपत्ति को भी अटैच कर दिया है।
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मतदाताओं को प्रभावित करने, सामाजिक गतिविधियों में खर्च की गई राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 225 करोड़ के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा ने अर्जित धन का इस्तेमाल 2019 के विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) से टिकट हासिल करने और चुनाव प्रचार-प्रसार में किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंचकूला की विशेष अदालत में दायर चार्जशीट में यह दावा किया गया है। हालांकि, सुरजाखेड़ा के वकील अभिषेक राणा ने कहा कि ईडी ने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है। ईडी के आरोपों का कोर्ट की कार्यवाही में जवाब देंगे।
ईडी की चार्जशीट के मुताबिक राम निवास सुरजाखेड़ा नरवाना के अपने निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्हें स्थानीय मंदिरों और गोशालाओं को दान देने के लिए जाना जाता है। मामले की जांच के दौरान पता चला है कि सुरजाखेड़ा ने घोटाले से अर्जित अवैध रकम को अपनी सामाजिक छवि बनाने में खर्चा किया। इसी आधार पर 2019 में उनको नरवाना निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जजपा की ओर से टिकट दिया गया। ईडी के अनुसार सुरजाखेड़ा ने मुख्य रूप से मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए रकम खर्च की। अपने निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों को पैसे बांटे।
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फॉर्च्यूनर खरीदी, पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर किए
चार्जशीट के मुताबिक घोटाले की रकम को सुरजाखेड़ा की पत्नी के बैंक खाते में जमा किया गया। इसके अलावा धनशोधन प्रक्रिया के तहत पूर्व विधायक ने स्वयं लाभार्थी के खाते से सीधे 2.5 लाख रुपये हासिल किए थे। साथ ही अवैध आय से एक महंगी गाड़ी (टोयोटा फॉर्च्यूनर) खरीदी गई और बाद में बिना किसी वैधता के राम निवास के नाम पर हस्तांतरित कर दी गई।
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पांच के खिलाफ चार्जशीट, बंसल की संपत्ति अटैच
ईडी ने छह अगस्त को पंचकूला की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की थी। इसमें एचएसवीपी के पूर्व अधिकारी सुनील बंसल, पूर्व विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा, पंचकूला निवासी बलविंदर सिंह, पंचकूला निवासी हरविंदर पाल सिंह और अंबाला निवासी रंजीत सिंह के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने बंसल द्वारा घोटाले से अर्जित धन से बनाई संपत्ति को भी अटैच कर दिया है।