Haryana: निकाय चुनाव के उम्मीदवारों की खर्च सीमा बढ़ी, 30 लाख तक खर्च कर सकेंगे मेयर प्रत्याशी
निगम पार्षद के उम्मीदवार अपने चुनाव में अधिकतम साढ़े सात लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा छह लाख रुपये थी। इस बार आयोग ने संशोधन कर डेढ़ लाख रुपये की बढ़ोतरी की है। वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 20 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।
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निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी है। जनवरी के दूसरे या तीसरे हफ्ते में चुनाव की तारीखें घोषित होने की संभावना है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इस बार निकाय चुनाव के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की सीमा बढ़ा दी है।
नगर निगमों में मेयर का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 30 लाख तय की गई है। साल 2022 के चुनाव में खर्च सीमा 25 लाख रुपये थी। इसी तरह से अन्य उम्मीदवारों की भी खर्च सीमा में बढ़ोतरी की गई है। राज्य चुनाव आयोग समय-समय पर उम्मीदवारों के खर्च सीमा संशोधित करता है। इससे पहले यह संशोधन मार्च 2022 में हुआ था।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार निगम पार्षद के उम्मीदवार अपने चुनाव में अधिकतम साढ़े सात लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा छह लाख रुपये थी। इस बार आयोग ने संशोधन कर डेढ़ लाख रुपये की बढ़ोतरी की है। वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 20 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। पहले इन उम्मीदवारों की खर्च सीमा 16 लाख रुपये थी।
नगर परिषद के पार्षद उम्मीदवार अब चुनाव में साढ़े चार लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा साढ़े तीन लाख रुपये थी। आयोग ने नगर पालिका अध्यक्ष व सदस्यों के चुनावी खर्च की भी सीमा बढ़ाई है। नगर पालिका के अध्यक्ष के उम्मीदवार चुनाव में अब साढ़े 12 लाख रुपये खर्च कर पाएंगे। पहले इनकी खर्च सीमा साढ़े दस लाख रुपये थी। नगर पालिका के पार्षद के उम्मीदवारों की अधिकतम खर्च सीमा तीन लाख तय की गई है। पहले यह खर्च सीमा ढाई लाख रुपये थी। हालांकि निर्वाचन आयोग ने अभी तक पंचायती राज संस्थाओं के उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय नहीं की है।
खर्च का ब्योरा नहीं दिया तो अयोग्य घोषित हो सकते हैं
उम्मीदवारों को निर्धारित प्रोफार्मा में अपने चुनावी खर्च का ब्योरा भरना होगा। इसके साथ परिणाम घोषित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का ब्योरा उपायुक्त के सामने पेश करना होगा। यदि कोई उम्मीदवार तय समय में खर्च का ब्योरा जमा करने में असफल रहता है तो उसके खिलाफ चुनाव आयोग कड़ी कार्रवाई कर सकता है। कार्रवाई के तहत पांच साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा।
किसकी कितनी राशि बढ़ी
पद मौजूदा राशि संशोधित राशि
मेयर 25 लाख 30 लाख
सदस्य छह लाख साढ़े सात लाख
नगर परिषद अध्यक्ष 16 लाख 20 लाख
सदस्य साढ़े तीन लाख साढ़े चार लाख
नगर पालिका अध्यक्ष साढ़े दस लाख साढ़े 12 लाख
सदस्य ढाई लाख तीन लाख