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अदालती कर्मचारियों के लिए आवास का कोटा पूरा करें मुख्य सचिव : हाईकोर्ट
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कोर्ट ने कहा-अगले सप्ताह तक ऐसा नहीं किया गया तो कार्रवाई करेंगे
-अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को सरकारी आवास में 15 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। निचली अदालत के कर्मियों के लिए कुल सरकारी आवासों के 15 प्रतिशत आरक्षित कर इनका कब्जा एक सप्ताह के भीतर जिला जज को दिलाने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ एक सप्ताह तक कोई कठोर आदेश पारित न करने का आवमानना बेंच को आदेश दिया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो अपील खारिज कर दी जाएगी।
26 मई को अवमानना बेंच के समक्ष हरियाणा के मुख्य सचिव ने पेश होकर जानकारी दी थी कि निचली अदालत के कर्मचारियों व जजों को सरकारी आवास का अलॉटमेंट जल्द शुरू कर दी जाएगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करने पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए उनको पेश होने का आदेश दिया था। इसके बाद 15 जुलाई को अवमानना बेंच के समक्ष सुनवाई होेनी थी। किसी सख्त आदेश की आशंका के चलते सरकार ने खंडपीठ के समक्ष अपील दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि वर्तमान मामले में अदालती कर्मचारियों के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत सरकारी मकानाें में से अभी तक कितनों का कब्जा नहीं दिया गया है। कोर्ट को बताया गया कि पंचकूला में 58 सरकारी आवासों का कब्जा मिलना अभी भी बाकी है। कोर्ट ने कहा कि आप अपने कर्मियों व अधिकारियों से मकान खाली करवाकर हर हाल में एक सप्ताह के भीतर इनका कब्जा हमें दें। यदि अगले सप्ताह तक ऐसा नहीं किया गया तो हाईकोर्ट अपील खारिज कर देगा और मुख्य सचिव को कार्रवाई से कोई नहीं बचा सकेगा।
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-अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को सरकारी आवास में 15 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। निचली अदालत के कर्मियों के लिए कुल सरकारी आवासों के 15 प्रतिशत आरक्षित कर इनका कब्जा एक सप्ताह के भीतर जिला जज को दिलाने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ एक सप्ताह तक कोई कठोर आदेश पारित न करने का आवमानना बेंच को आदेश दिया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो अपील खारिज कर दी जाएगी।
26 मई को अवमानना बेंच के समक्ष हरियाणा के मुख्य सचिव ने पेश होकर जानकारी दी थी कि निचली अदालत के कर्मचारियों व जजों को सरकारी आवास का अलॉटमेंट जल्द शुरू कर दी जाएगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करने पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए उनको पेश होने का आदेश दिया था। इसके बाद 15 जुलाई को अवमानना बेंच के समक्ष सुनवाई होेनी थी। किसी सख्त आदेश की आशंका के चलते सरकार ने खंडपीठ के समक्ष अपील दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि वर्तमान मामले में अदालती कर्मचारियों के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत सरकारी मकानाें में से अभी तक कितनों का कब्जा नहीं दिया गया है। कोर्ट को बताया गया कि पंचकूला में 58 सरकारी आवासों का कब्जा मिलना अभी भी बाकी है। कोर्ट ने कहा कि आप अपने कर्मियों व अधिकारियों से मकान खाली करवाकर हर हाल में एक सप्ताह के भीतर इनका कब्जा हमें दें। यदि अगले सप्ताह तक ऐसा नहीं किया गया तो हाईकोर्ट अपील खारिज कर देगा और मुख्य सचिव को कार्रवाई से कोई नहीं बचा सकेगा।
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