{"_id":"8bc326e9befe44af55ff60cda1ce3535","slug":"both-were-against-the-family-but-wanted-to-marry","type":"story","status":"publish","title_hn":"'अपनों' ने नहीं दिखाया इंट्रेस्ट तो काम आया ट्रस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'अपनों' ने नहीं दिखाया इंट्रेस्ट तो काम आया ट्रस्ट
हिसार/ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2013 07:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोनों के परिजन खिलाफ थे, मगर शादी करना चाहते थे, सनातन धर्म चेरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय में हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के तहत उनका अंतरजातीय विवाह करवा दिया गया।
विज्ञापन
ट्रस्ट के प्रधान संजय चौहान ने बताया कि लड़का-लड़की प्रेम विवाह करना चाहते थे, लेकिन लड़की के परिजन इससे खिलाफ थे। कार्यालय में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार उनका विवाह संपन्न करवाया।
विज्ञापन
चौहान ने बताया कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य ऑनरकिलिंग को रोकना और प्रेम विवाह के चलते ऑनरकिलिंग का शिकार होने वाले प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा मुहैया करवाना है।
विज्ञापन
जिन प्रेमी जोड़ों को अपनी सुरक्षा का डर है, उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करवाने में ट्रस्ट सहयोग कर रहा है।
ऑनरकिलिंग को रोकने के लिए ट्रस्ट ने 1 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा इसकी सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।