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Bhiwani News: निजी क्षेत्र की कामकाजी महिलाएं भी कर सकेंगी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की शिकायत
Sat, 21 Oct 2023 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 21 Oct 2023 11:13 PM IST
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हिसार।
अब निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं भी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगी। 24 जुलाई 2017 को पहली बार यह सुविधा केवल सरकारी महिला कर्मचारियों को दी गई थी, लेकिन अब व्यवस्था निजी क्षेत्र में भी प्रभावी तरीके से लागू करवाई जा रही है। कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल और लैंगिक समानता का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन शिकायत की सुविधा को विस्तार देते हुए यह व्यवस्था दी है।
केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक निजी कंपनियों को भी कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण एसएच अधिनियम, 2013 अनिवार्य रूप से लागू करना है। इस अधिनियम के तहत निजी प्रतिष्ठानों को चार सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी है। इसके मद्देनजर अब निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को जागरूक करने लगी हैं। बताया जा रहा है कि महिला कर्मियों से मजाक भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है। किसी भी तरीके से परेशान करना, किसी भी रूप में असहज स्थिति पैदा करना, आपत्तिजनक टिप्पणी करना समेत अन्य तरह की शिकायतें भी अब कहीं से भी की जा सकती हैं।
जिंदल स्टीलनेस कंपनी में भी पॉश एक्ट के अनुपालन के लिए कमेटी बनी हुई है। कंपनी ने हाल में ईमेल भेजकर अपने कर्मचारियों को कॉमिक्स सीरीज बनाकर जागरूक किया है। जिन कर्मचारियों के पास ईमेल की सुविधा नहीं है, उन्हें भी अन्य कार्यक्रमों के जरिए दिशानिर्देश की जानकारी दी गई है।
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बता दें कि शी-बॉक्स ( सेक्सुअल ह्रासमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) महिला और बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट है। इसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए बनाया गया है। इस बॉक्स में शिकायत आने पर उसे संबंधित विभाग या संस्थान की अंदरूनी शिकायत समिति के पास भेजी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कमेटी कार्रवाई की संस्तुति करेगी। साथ कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी इस वेबसाइट पर अपडेट करेगी।
इस तरह से की जा सकती है ऑनलाइन शिकायत
पीड़िता को शिकायत http://shebox.nic.in वेबसाइट पर दर्ज करानी होगी। रजिस्टर योर कंप्लेंट टैब पर क्लिक करना होगा। उसके बाद गवर्नमेंट या प्राइवेट इम्प्लाई का विकल्प आएगा। गवर्नमेंट सेक्शन में केंद्र सरकार या राज्य सरकार का विकल्प पूछा जाएगा। उसके बाद सभी जानकारी देते हुए रजिस्ट्रेशन फाॅर्म सबमिट बटन दबाना होगा। इसके साथ शिकायत दर्ज की पुष्टि का संदेश पीड़िता के पास आ जाएगा।
पंजीकरण की सुविधा
यह यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (SHe-Box) प्रत्येक महिला को एकल खिड़की प्रदान करने का ऑनलाइन माध्यम है। चाहे पीड़िता संगठित या असंगठित, निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में काम कर रही हो। संबंधित शिकायत के पंजीकरण की सुविधा इस बॉक्स के माध्यम से दी गई है। एक बार शिकायत ''''''''''''''''शी-बॉक्स'''''''''''''''' में जमा होने के बाद, इसे सीधे मामले में कार्रवाई करने के अधिकार क्षेत्र वाले संबंधित प्राधिकारी को भेजा जाएगा।
ई मेल के जरिए भी आती है शिकायत
ई मेल के जरिए भी हर महीने दो से तीन महिला उत्पीड़न की शिकायतें मिलती हैं। ईमेल के माध्यम से आने वाली शिकायतों को पढ़ने के बाद दोनों पक्षों को बुलाया जाता है। उसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- बबीता चौधरी, महिला संरक्षण अधिकारी, हिसार
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अब निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं भी शी-बॉक्स में उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगी। 24 जुलाई 2017 को पहली बार यह सुविधा केवल सरकारी महिला कर्मचारियों को दी गई थी, लेकिन अब व्यवस्था निजी क्षेत्र में भी प्रभावी तरीके से लागू करवाई जा रही है। कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल और लैंगिक समानता का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन शिकायत की सुविधा को विस्तार देते हुए यह व्यवस्था दी है।
केंद्र सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक निजी कंपनियों को भी कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण एसएच अधिनियम, 2013 अनिवार्य रूप से लागू करना है। इस अधिनियम के तहत निजी प्रतिष्ठानों को चार सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी है। इसके मद्देनजर अब निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को जागरूक करने लगी हैं। बताया जा रहा है कि महिला कर्मियों से मजाक भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है। किसी भी तरीके से परेशान करना, किसी भी रूप में असहज स्थिति पैदा करना, आपत्तिजनक टिप्पणी करना समेत अन्य तरह की शिकायतें भी अब कहीं से भी की जा सकती हैं।
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जिंदल स्टीलनेस कंपनी में भी पॉश एक्ट के अनुपालन के लिए कमेटी बनी हुई है। कंपनी ने हाल में ईमेल भेजकर अपने कर्मचारियों को कॉमिक्स सीरीज बनाकर जागरूक किया है। जिन कर्मचारियों के पास ईमेल की सुविधा नहीं है, उन्हें भी अन्य कार्यक्रमों के जरिए दिशानिर्देश की जानकारी दी गई है।
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बता दें कि शी-बॉक्स ( सेक्सुअल ह्रासमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) महिला और बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट है। इसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए बनाया गया है। इस बॉक्स में शिकायत आने पर उसे संबंधित विभाग या संस्थान की अंदरूनी शिकायत समिति के पास भेजी जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कमेटी कार्रवाई की संस्तुति करेगी। साथ कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी इस वेबसाइट पर अपडेट करेगी।
इस तरह से की जा सकती है ऑनलाइन शिकायत
पीड़िता को शिकायत http://shebox.nic.in वेबसाइट पर दर्ज करानी होगी। रजिस्टर योर कंप्लेंट टैब पर क्लिक करना होगा। उसके बाद गवर्नमेंट या प्राइवेट इम्प्लाई का विकल्प आएगा। गवर्नमेंट सेक्शन में केंद्र सरकार या राज्य सरकार का विकल्प पूछा जाएगा। उसके बाद सभी जानकारी देते हुए रजिस्ट्रेशन फाॅर्म सबमिट बटन दबाना होगा। इसके साथ शिकायत दर्ज की पुष्टि का संदेश पीड़िता के पास आ जाएगा।
पंजीकरण की सुविधा
यह यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (SHe-Box) प्रत्येक महिला को एकल खिड़की प्रदान करने का ऑनलाइन माध्यम है। चाहे पीड़िता संगठित या असंगठित, निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में काम कर रही हो। संबंधित शिकायत के पंजीकरण की सुविधा इस बॉक्स के माध्यम से दी गई है। एक बार शिकायत ''''''''''''''''शी-बॉक्स'''''''''''''''' में जमा होने के बाद, इसे सीधे मामले में कार्रवाई करने के अधिकार क्षेत्र वाले संबंधित प्राधिकारी को भेजा जाएगा।
ई मेल के जरिए भी आती है शिकायत
ई मेल के जरिए भी हर महीने दो से तीन महिला उत्पीड़न की शिकायतें मिलती हैं। ईमेल के माध्यम से आने वाली शिकायतों को पढ़ने के बाद दोनों पक्षों को बुलाया जाता है। उसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- बबीता चौधरी, महिला संरक्षण अधिकारी, हिसार