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मां के लिए जीता नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड, खुशी से घर लौटा तो मां कह चुकी थी अलविदा
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अपनी मां के चित्र पर मेडल पहनाता बॉक्सर आकाश। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। कर्नाटक में हुए नेशनल बॉक्सिंग सर्विसेज टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले आकाश ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह जिस मेडल को जीतकर अपनी मां की झोली में डालेगा, वही मेडल उसकी मां की फोटो का हार बन जाएगा।
नेशनल चैंपियन आकाश ने अपनी मां के लिए कड़े मुकाबले में गोल्ड जीता था। मगर जब वह घर पहुंचा तो उसे मां नहीं मिली। उसकी मां उसके लौटने से पहले ही दुनिया को अलविदा कह चुकी थी। आकाश अपनी मां की मौत की खबर सुनकर फूट-फूटकर रोने लगा और जो मेडल वह अपनी मां की झोली में डालने के लिए लाया था उसे मां की फोटो पर चढ़ा दिया।
हाल ही में कर्नाटक के बेल्लारी में नेशनल बॉक्सिंग सर्विसेज टूर्नामेंट हुए थे। गांव पालुवास निवासी 20 वर्षीय मुक्केबाज आकाश 13 सितंबर को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अपनी बीमार मां संतोष को अस्पताल में छोड़ कर रवाना हुआ था। आकाश ने 21 सितंबर को गोल्ड मेडल हासिल किया। गोल्ड मिलते ही आकाश यह मेडल अपनी मां के चरणों में समर्पित करने के लिए घर को रवाना हुआ। 22 सितंबर की शाम आकाश गांव पहुंचा। घर आते समय आकाश की खुशियों का ठिकाना नहीं था, लेकिन घर पहुंचते ही सारी खुशियां मातम में बदल गईं। जब आकाश को घर पर मां नहीं मिली। आकाश की मां की मौत 14 सितंबर की रात को हो चुकी थी, लेकिन परिजनों के कहने पर कोच ने भी आकाश को यह जानकारी नहीं दी।
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आकाश ने बताया कि उसकी मां ने उसके गोल्ड लाने को लेकर बहुत संघर्ष व मेहनत की थी। अपनी मां के इस संघर्ष के कारण ही वह गोल्ड मेडल जीत पाया। आकाश ने कहा कि उसकी मां ने कहा था कि वह गोल्ड मेडल देखना चाहती है। आकाश ने बताया कि अब वह अगले महीने सर्बिया में आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहा है। उसके बाद कॉमनवेल्थ व एशियन और एक दिन ओलंपिक में गोल्ड जीतकर अपनी मां का सपना पूरा करना चाहता है। आकाश के चाचा भंवर सिंह ने बताया कि आकाश को मां की मौत की सूचना इसके भविष्य को देखते हुए नहीं दी थी। वहीं उनके कहने पर कोच ने भी बात मानी और आकाश व उसके साथी बॉक्सरों के फोन जमा कर लिए थे। उन्होने बताया कि आकाश के पिता की मौत साल 2008 में हो चुकी है। चाचा ने कहा कि आकाश ने अपनी मां के सपने को पूरा किया, लेकिन उसकी मां का गोल्ड देखने का सपना पूरा नहीं हो सका।
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नेशनल चैंपियन आकाश ने अपनी मां के लिए कड़े मुकाबले में गोल्ड जीता था। मगर जब वह घर पहुंचा तो उसे मां नहीं मिली। उसकी मां उसके लौटने से पहले ही दुनिया को अलविदा कह चुकी थी। आकाश अपनी मां की मौत की खबर सुनकर फूट-फूटकर रोने लगा और जो मेडल वह अपनी मां की झोली में डालने के लिए लाया था उसे मां की फोटो पर चढ़ा दिया।
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हाल ही में कर्नाटक के बेल्लारी में नेशनल बॉक्सिंग सर्विसेज टूर्नामेंट हुए थे। गांव पालुवास निवासी 20 वर्षीय मुक्केबाज आकाश 13 सितंबर को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अपनी बीमार मां संतोष को अस्पताल में छोड़ कर रवाना हुआ था। आकाश ने 21 सितंबर को गोल्ड मेडल हासिल किया। गोल्ड मिलते ही आकाश यह मेडल अपनी मां के चरणों में समर्पित करने के लिए घर को रवाना हुआ। 22 सितंबर की शाम आकाश गांव पहुंचा। घर आते समय आकाश की खुशियों का ठिकाना नहीं था, लेकिन घर पहुंचते ही सारी खुशियां मातम में बदल गईं। जब आकाश को घर पर मां नहीं मिली। आकाश की मां की मौत 14 सितंबर की रात को हो चुकी थी, लेकिन परिजनों के कहने पर कोच ने भी आकाश को यह जानकारी नहीं दी।
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आकाश ने बताया कि उसकी मां ने उसके गोल्ड लाने को लेकर बहुत संघर्ष व मेहनत की थी। अपनी मां के इस संघर्ष के कारण ही वह गोल्ड मेडल जीत पाया। आकाश ने कहा कि उसकी मां ने कहा था कि वह गोल्ड मेडल देखना चाहती है। आकाश ने बताया कि अब वह अगले महीने सर्बिया में आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहा है। उसके बाद कॉमनवेल्थ व एशियन और एक दिन ओलंपिक में गोल्ड जीतकर अपनी मां का सपना पूरा करना चाहता है। आकाश के चाचा भंवर सिंह ने बताया कि आकाश को मां की मौत की सूचना इसके भविष्य को देखते हुए नहीं दी थी। वहीं उनके कहने पर कोच ने भी बात मानी और आकाश व उसके साथी बॉक्सरों के फोन जमा कर लिए थे। उन्होने बताया कि आकाश के पिता की मौत साल 2008 में हो चुकी है। चाचा ने कहा कि आकाश ने अपनी मां के सपने को पूरा किया, लेकिन उसकी मां का गोल्ड देखने का सपना पूरा नहीं हो सका।