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चुनावी चौपाल: गाम कै माणस ठौले गैल बैठ कर चुनावां की बात करणै में खाणा-पीणा भी भूलगे
Mon, 30 Sep 2024 03:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:42 AM IST
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कैरू। गाम कै माणस ठौले गैल बैठ कर चुनावां की बात करणै में खाणा-पीणा भी भूलगे। चुनाव का चाव इतना बढ़ गया इतना तौ ब्याह-शादी का भी कोनी हौवे। यो देखण नै मिल्या सै खासकर हरियाणा के माणसां मैं। ईसे लोग गांव देवराला में जो ठौले बनाकर और होक्के की गुड़गुड़ पर विकास का जिकरा चला रै सै।
ग्रामीण चुनाव पर घंटों तक चर्चा कर रहे हैं। गांव देवराला के ग्रामीण चाहते हैं कि पार्टी कोई भी जीते पर गांव की समस्या खत्म होनी चाहिए। चुनाव के समय नेता जो वायदे करते हैं उन्हें पूरा करें। चर्चा में यह बात सामने आई कि नेता चुनाव के समय तो खूब वादे करते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं।
देवराला करीब 721 वर्ष पहले बसा था और यहां पर तमाम बिरादरी है और सरकारी सुविधाएं है। अब सरकारी अस्पताल की समस्या बड़ी है। गांव के लोग खूब प्रयास कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जो प्रत्याशी इस समस्या को लिखित में देकर समाधान करेगा वोट उसी को देंगे।
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बुजुर्गों की चौपाल के साथ दुकानों और कामकाज पर चुनावी सिलसिला जारी है। वहां भी अपनी ढपली, अपने राग सुना रहे हैं। ग्रामीण अशोक उर्फ रेडु ने कहा कि जीत का ताज किसके सिर सजेगा यह तो चुनाव के नतीजे आने पर साफ हो ही जाएगा। बस सोच समझकर मतदान करना चाहिए। ग्रामीण मांगेराम पोटलिया ने कहा कि लोग जाति, धर्म के नाम पर वोट नहीं करेंगे। जो सरकार सर्वसमाज के हित में काम करेगा उसे ही वोट देंगे। वोट डालना हमारा अधिकार है। हम वोट जरूर करेंगे। ग्रामीण रामकुमार पूनियां और मा. करण सिंह ने कहा कि चुनाव में हम विकास को देखकर वोट करेंगे। वोट तो उसी को मिलेगी जो महंगाई कम करे। युवाओं को रोजगार देने की बात करे।
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ग्रामीण चुनाव पर घंटों तक चर्चा कर रहे हैं। गांव देवराला के ग्रामीण चाहते हैं कि पार्टी कोई भी जीते पर गांव की समस्या खत्म होनी चाहिए। चुनाव के समय नेता जो वायदे करते हैं उन्हें पूरा करें। चर्चा में यह बात सामने आई कि नेता चुनाव के समय तो खूब वादे करते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं।
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देवराला करीब 721 वर्ष पहले बसा था और यहां पर तमाम बिरादरी है और सरकारी सुविधाएं है। अब सरकारी अस्पताल की समस्या बड़ी है। गांव के लोग खूब प्रयास कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जो प्रत्याशी इस समस्या को लिखित में देकर समाधान करेगा वोट उसी को देंगे।
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बुजुर्गों की चौपाल के साथ दुकानों और कामकाज पर चुनावी सिलसिला जारी है। वहां भी अपनी ढपली, अपने राग सुना रहे हैं। ग्रामीण अशोक उर्फ रेडु ने कहा कि जीत का ताज किसके सिर सजेगा यह तो चुनाव के नतीजे आने पर साफ हो ही जाएगा। बस सोच समझकर मतदान करना चाहिए। ग्रामीण मांगेराम पोटलिया ने कहा कि लोग जाति, धर्म के नाम पर वोट नहीं करेंगे। जो सरकार सर्वसमाज के हित में काम करेगा उसे ही वोट देंगे। वोट डालना हमारा अधिकार है। हम वोट जरूर करेंगे। ग्रामीण रामकुमार पूनियां और मा. करण सिंह ने कहा कि चुनाव में हम विकास को देखकर वोट करेंगे। वोट तो उसी को मिलेगी जो महंगाई कम करे। युवाओं को रोजगार देने की बात करे।