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बारिश के बाद मंडियों में सड़ा गेहूं और सरसों, बचाव के नहीं किए इंतजाम
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भिवानी की नई अनाजमंडी में बारिश के कारण भीगे गेहूं व सरसों के कट्टे।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। लगातार दो बार बारिश में भीग चुके सरसों और गेहूं के कट्टे अब मंडी में ही पड़े सड़ने लगे हैं। मंडियों से गेहूं और सरसों का उठान काफी धीमा चल रहा है। जबकि अनलोडिंग का काम भी काफी हद तक कछुआ चाल है। सबसे बड़ी लापरवाही तो यह भी है कि बारिश में भीगने से बचाव के मंडियों में कोई इंतजाम नहीं किए गए। इसका खामियाजा यह हुआ कि अब गेहूं और सरसों मंडी में ही सड़ने लगी है। अचरज तो इस बात का भी है कि भीगे हुए अनाज को ही कट्टों में भराई करा दी गई। जब मंडी से उठान के बाद सरसों वेयर हाउस के गोदाम में पहुंची और वहां जांच की गई तो उसकी गुणवत्ता काफी खराब पाई गई, जिस वजह से रविवार को 667 सरसों के कट्टों को वेयर हाउस अधिकारियों ने खराब होने की वजह से लौटा दिया। सभी मंडियों में धीमे चल रहे उठान को लेकर अब खरीद एजेंसियों के अधिकारियों ने भी खुद ही मंडियों से उठान की नई रणनीति बनाई है। इसके तहत मंडी से अधिकारी खुद ही उठान का इंतजाम कराएंगे। उठान पर आने वाले खर्च को ठेकेदार को किए जाने वाले भुगतान से काटा जाएगा। उठान धीमा होने की वजह से ही हैफेड ने 12 ग्रामीण मंडियों को फिलहाल बंद किया हुआ है।
जिलेभर में 25 मंडियों में गेहूं और 32 मंडियों में सरसों की खरीद का काम चल रहा था, लेकिन 12 ग्रामीण मंडी में सरसों खरीद पिछले कुछ दिनों से बंद कर दी गई है। इसकी वजह है पहले से ही वहां खरीद हो चुकी सरसों का उठान नहीं हुआ है। खरीद किए गए गेहूं का भंडारण खुले में किया जा रहा है। जबकि सरसों का भंडारण भिवानी व बवानीखेड़ा के वेयर हाउस गोदामों में किया जा रहा है। भिवानी वेयर हाउस में करीब एक लाख सरसों के कट्टों का भंडारण की क्षमता है। लॉकडाउन में शुरुआत से ही खरीद के मुकाबले उठान बहुत ही धीमा चला है। यही वजह रही कि करीब एक लाख किसान अपनी फसल बिक्री कर चुके हैं, जिनमें से अधिकांश मंडियों में ही खुले आसमान के नीचे पड़ी है। रविवार को सुबह और शाम हुई बारिश से गेहूं और सरसों के करीब तीन लाख कट्टे तो भिवानी मंडी में ही भीग गए। इन कट्टों के अंदर 24 घंटे बाद दुर्गंध आने लगी है। आढ़ती भी खराब हुई फसल की जिम्मेवारी से बच रहे हैं वहीं अधिकारी भी इसकी जवाबदेही आढ़ती पर ही थोप रहे हैं।
जिले में चार ढुलाई ठेकेदार, नहीं किसी के पास पर्याप्त लेबर
भिवानी जिले में चार ढुलाई ठेकेदार हैं, जिनके पास पर्याप्त लेबर तक नहीं है। भिवानी में लोकल ढुलाई ठेकेदार लगा है। उसके पास केवल 170 मजदूर हैं, जबकि भिवानी नई अनाज मंडी सहित आसपास की मंडियों में भी गेहूं व सरसों का उठान का जिम्मा है। इस कार्य के लिए उसे करीब 350 मजदूरों की जरूरत है। इसी तरह बवानीखेड़ा में हिसार का ढुलाई ठेकेदार है। इसके पास भी मात्र 15 मजदूर है। यहां पर भी 250 मजदूरों की जरूरत है। यहां तो सप्ताह भर से गाड़ियां खाली होने के इंतजार में खड़ी हैं। भिवानी वेयर हाउस में भी हिसार का ढुलाई ठेकेदार है। इसके पास भी 65 मजदूर हैं। यहां भी यही हालात हैं। कोहलावास में भी कुछ दर्जन मजदूर ही काम चला रहे हैं। जिले भर में इन ठेकेदारों पर एक हजार से 1200 मजदूरों की आवश्यकता है।
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नौ लाख सरसों के व सात लाख गेहूं के कट्टों का उठान
जिलेभर की मंडियों में अब तक सरकारी खरीद एजेंसियां करीब 16 लाख सरसों के कट्टों की खरीद कर चुकी हैं। जिसमें से सिर्फ नौ लाख सरसों के कट्टों का उठान हुआ है। इसी तरह जिले भर में 17 लाख गेहूं कट्टों की खरीद हो चुकी है। इसमें भी सात लाख 20 हजार गेहूं के कट्टों का उठान अब तक हुआ है। मंडियों में करीब सात लाख सरसों के कट्टे पड़े हैं। इसी तरह करीब दस लाख गेहूं के कट्टों का उठान अभी बाकी है।
मंडी में खरीद में कोई परेशानी नहीं, बल्कि उठान बहुत धीमा चल रहा है। कई मंडियों में ठेकेदार जहां मजदूरों की व्यवस्था नहीं करा पा रहा हैं वहां पर अधिकारी उठान कराएंगे, जिसका रिस्टन कोस्ट ठेकेदार के भुगतान से काटा जाएगा। ठेकेदार से किए गए अनुबंध में भी ये शर्त लागू होती है। - अनिल कालरा, नोडल आफिसर एवं जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।
लेबर की कमी हैं, फिर भी वेयर हाउस आने वाली सभी गाड़ियों को खाली कराया जा रहा है। गोदाम में आने वाली प्रत्येक गाड़ी की जांच कराई जा रही है। रविवार को जांच के दौरान 667 सरसों के कट्टों में भीगी हुई सरसों मिली, जिसे लौटाया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। - विकास अत्री, मैनेजर वेयर हाउस भिवानी।
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जिलेभर में 25 मंडियों में गेहूं और 32 मंडियों में सरसों की खरीद का काम चल रहा था, लेकिन 12 ग्रामीण मंडी में सरसों खरीद पिछले कुछ दिनों से बंद कर दी गई है। इसकी वजह है पहले से ही वहां खरीद हो चुकी सरसों का उठान नहीं हुआ है। खरीद किए गए गेहूं का भंडारण खुले में किया जा रहा है। जबकि सरसों का भंडारण भिवानी व बवानीखेड़ा के वेयर हाउस गोदामों में किया जा रहा है। भिवानी वेयर हाउस में करीब एक लाख सरसों के कट्टों का भंडारण की क्षमता है। लॉकडाउन में शुरुआत से ही खरीद के मुकाबले उठान बहुत ही धीमा चला है। यही वजह रही कि करीब एक लाख किसान अपनी फसल बिक्री कर चुके हैं, जिनमें से अधिकांश मंडियों में ही खुले आसमान के नीचे पड़ी है। रविवार को सुबह और शाम हुई बारिश से गेहूं और सरसों के करीब तीन लाख कट्टे तो भिवानी मंडी में ही भीग गए। इन कट्टों के अंदर 24 घंटे बाद दुर्गंध आने लगी है। आढ़ती भी खराब हुई फसल की जिम्मेवारी से बच रहे हैं वहीं अधिकारी भी इसकी जवाबदेही आढ़ती पर ही थोप रहे हैं।
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जिले में चार ढुलाई ठेकेदार, नहीं किसी के पास पर्याप्त लेबर
भिवानी जिले में चार ढुलाई ठेकेदार हैं, जिनके पास पर्याप्त लेबर तक नहीं है। भिवानी में लोकल ढुलाई ठेकेदार लगा है। उसके पास केवल 170 मजदूर हैं, जबकि भिवानी नई अनाज मंडी सहित आसपास की मंडियों में भी गेहूं व सरसों का उठान का जिम्मा है। इस कार्य के लिए उसे करीब 350 मजदूरों की जरूरत है। इसी तरह बवानीखेड़ा में हिसार का ढुलाई ठेकेदार है। इसके पास भी मात्र 15 मजदूर है। यहां पर भी 250 मजदूरों की जरूरत है। यहां तो सप्ताह भर से गाड़ियां खाली होने के इंतजार में खड़ी हैं। भिवानी वेयर हाउस में भी हिसार का ढुलाई ठेकेदार है। इसके पास भी 65 मजदूर हैं। यहां भी यही हालात हैं। कोहलावास में भी कुछ दर्जन मजदूर ही काम चला रहे हैं। जिले भर में इन ठेकेदारों पर एक हजार से 1200 मजदूरों की आवश्यकता है।
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नौ लाख सरसों के व सात लाख गेहूं के कट्टों का उठान
जिलेभर की मंडियों में अब तक सरकारी खरीद एजेंसियां करीब 16 लाख सरसों के कट्टों की खरीद कर चुकी हैं। जिसमें से सिर्फ नौ लाख सरसों के कट्टों का उठान हुआ है। इसी तरह जिले भर में 17 लाख गेहूं कट्टों की खरीद हो चुकी है। इसमें भी सात लाख 20 हजार गेहूं के कट्टों का उठान अब तक हुआ है। मंडियों में करीब सात लाख सरसों के कट्टे पड़े हैं। इसी तरह करीब दस लाख गेहूं के कट्टों का उठान अभी बाकी है।
मंडी में खरीद में कोई परेशानी नहीं, बल्कि उठान बहुत धीमा चल रहा है। कई मंडियों में ठेकेदार जहां मजदूरों की व्यवस्था नहीं करा पा रहा हैं वहां पर अधिकारी उठान कराएंगे, जिसका रिस्टन कोस्ट ठेकेदार के भुगतान से काटा जाएगा। ठेकेदार से किए गए अनुबंध में भी ये शर्त लागू होती है। - अनिल कालरा, नोडल आफिसर एवं जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।
लेबर की कमी हैं, फिर भी वेयर हाउस आने वाली सभी गाड़ियों को खाली कराया जा रहा है। गोदाम में आने वाली प्रत्येक गाड़ी की जांच कराई जा रही है। रविवार को जांच के दौरान 667 सरसों के कट्टों में भीगी हुई सरसों मिली, जिसे लौटाया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। - विकास अत्री, मैनेजर वेयर हाउस भिवानी।

नई अनाजमंडी में बारिश में भीगकर खराब हुई सरसों।- फोटो : Bhiwani