{"_id":"61a287f5b28ee4645d3f321b","slug":"water-released-after-40-years-in-minor-bhiwani-news-hsr6180007126","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर में 40 साल बाद छोड़ा गया पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर में 40 साल बाद छोड़ा गया पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहल। क्षेत्र की सिधनवा माइनर में सूखी पड़ी नहर में करीब 40 साल बाद पानी छोड़ा गया। नहर में पानी चलता देखने के लिए आसपास के गांवों के अनेक लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने कहा कि प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल प्रयासों से ही यह सब संभव हो सका है। लोगों ने कृषि मंत्री जेपी दलाल के अलावा नहर विभाग के अधिकारियों का आभार जताया है। लोगों ने कहा कि नहर में पानी आने से जहां फसलों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा वहीं क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर भी ऊंचा उठ सकेगा। इसके अलावा जलघरों में पानी की आपूर्ति होने से उनको स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी।
गौरतलब है कि नहर बनने के बाद से ही सूखी रही थी। कृषि मंत्री जेपी दलाल पिछले कुछ दिन पहले क्षेत्र की नहरों की वास्तविकता जांचने व निरीक्षण करवाने के लिए चंडीगढ़ से नहर विभाग के उच्चाधिकारियों को लेकर आए थे। तब लोगों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा था कि अगर नहर में पानी नहीं आया तो यह उनके लिए किसी सपने से कम नहीं होगा। शनिवार को जैसे ही नहर में पानी आने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कृषि मंत्री को फोन कर उनका आभार जताया। मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि वर्ष 2020 से पहले इस माइनर का अस्तित्व ही खत्म हो चुका था। यह माइनर अबांडेड पड़ी थी। धरातल पर यह माइनर मिट्टी व पेड़ पौधों से ढंक चुकी थी। सलेमपुर डिस्ट्रीब्यूटरी में से निकलने वाली इस माइनर का सवा करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण करवाया गया है। इस अवसर पर एक्सईएन पवन वर्मा, एसडीओ परमवीर सिंह, जेई विवेक, जेई परमजीत सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि नहर बनने के बाद से ही सूखी रही थी। कृषि मंत्री जेपी दलाल पिछले कुछ दिन पहले क्षेत्र की नहरों की वास्तविकता जांचने व निरीक्षण करवाने के लिए चंडीगढ़ से नहर विभाग के उच्चाधिकारियों को लेकर आए थे। तब लोगों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा था कि अगर नहर में पानी नहीं आया तो यह उनके लिए किसी सपने से कम नहीं होगा। शनिवार को जैसे ही नहर में पानी आने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कृषि मंत्री को फोन कर उनका आभार जताया। मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि वर्ष 2020 से पहले इस माइनर का अस्तित्व ही खत्म हो चुका था। यह माइनर अबांडेड पड़ी थी। धरातल पर यह माइनर मिट्टी व पेड़ पौधों से ढंक चुकी थी। सलेमपुर डिस्ट्रीब्यूटरी में से निकलने वाली इस माइनर का सवा करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण करवाया गया है। इस अवसर पर एक्सईएन पवन वर्मा, एसडीओ परमवीर सिंह, जेई विवेक, जेई परमजीत सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन