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पहाड़ों में हुई बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, जुई नहर में छोड़ा पानी
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संजय वर्मा
भिवानी। पहाड़ों में हुई बारिश ने यमुना का जलस्तर बढ़ा दिया है। इसी के साथ मैदानी इलाकों में जलसंकट के बादल भी छंटने लगे हैं। यमुना का जलस्तर इस समय 40 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है, जिसके बाद जुई फीडर नहर में मंगलवार को 900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अब पूरे शहर की तीन लाख आबादी को जलसंकट से निजात मिलेगी। अभी शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति हो रही है। नहरी पानी मिलने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग अब नियमित पानी की आपूर्ति करेगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब लगातार तीन माह तक जलघर के टैंकों को नियमित पानी मिलता रहेगा, जिससे सितंबर माह तक पानी की कोई किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी।
पिछले दो माह से पूरा शहर जलसंकट से जूझ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी पीने के पानी को लोग तरस रहे हैं। हालत यह है कि न तो शहर की किसी कॉलोनी में नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में हफ्तों तक पानी आ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों का कंठ सूख रहा है तो उनका सब्र भी जवाब दे रहा है। अब तक पानी को लेकर दो बार जाम लग चुका है और दर्जन भर प्रदर्शन हो चुके हैं। शेड्यूल के हिसाब से 17 जुलाई को नहरों में पानी आना था, मगर पहाड़ों में हुई बारिश से 13 जुलाई को ही पानी जुई नहर में पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अतिरिक्त पानी की डिमांड मुख्यालय से की थी, क्योंकि शहर के तीनों जलघर जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही खाली होने के कगार पर पहुंच गए थे। पुराना जलघर तो हफ्ते भर पहले ही सूख चुका था।
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यमुना के जलस्तर में आ रहा था लगातार उतार चढ़ाव
दक्षिण हरियाणा में यमुना का पानी ही सिंचाई व पेयजल आपूर्ति के लिए नहरों के जरिये आता है। कुछ अर्से पहले यमुना का जलस्तर काफी कम था, इसी वजह से नहरों के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने में भी सिंचाई विभाग को काफी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब स्थिति काफी सुधर गई है। फिलहाल यमुना का जलस्तर 40 हजार क्यूसेक नापा गया है। अगर पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ हरियाणा में बारिश होती है तो यमुना का जलस्तर भी 60 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाएगा। जिसके बाद सभी नहरों में अतिरिक्त पानी मिलेगा। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि लगातार तीन माह तक नहरों में अतिरिक्त पानी मिलेगा, जिससे जलघर के वाटर टैंकों को भरने में आसानी होगी।
अब लगातार मिलेगा पानी
जुई नहर में 900 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की डिमांड की गई थी, डिमांड के अनुसार मंगलवार सुबह नहर में पानी मिला है। शहरी दायरे के सभी जलघरों को भरना प्राथमिकता रहेगी, इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के जलघरों तक भी पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अब लगातार नहरों में पानी मिलने की उम्मीद है, जिससे जलसंकट के निजात मिलेगी।
-नवीन देशवाल, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।
प्रतिदिन होगी आपूर्ति
जलघर के टैंकों में नाममात्र पानी बचा है। जुई नहर में पानी मिलने से जलघरों को भरा जाएगा। इसके बाद पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति नियमित कर दी जाएगी। फिलहाल राशनिंग के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। टैंक भरने के बाद प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जाएगी।
-प्रवीन जांगड़ा, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा जन स्वास्थ्य विभाग।
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भिवानी। पहाड़ों में हुई बारिश ने यमुना का जलस्तर बढ़ा दिया है। इसी के साथ मैदानी इलाकों में जलसंकट के बादल भी छंटने लगे हैं। यमुना का जलस्तर इस समय 40 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है, जिसके बाद जुई फीडर नहर में मंगलवार को 900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अब पूरे शहर की तीन लाख आबादी को जलसंकट से निजात मिलेगी। अभी शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति हो रही है। नहरी पानी मिलने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग अब नियमित पानी की आपूर्ति करेगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब लगातार तीन माह तक जलघर के टैंकों को नियमित पानी मिलता रहेगा, जिससे सितंबर माह तक पानी की कोई किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी।
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पिछले दो माह से पूरा शहर जलसंकट से जूझ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी पीने के पानी को लोग तरस रहे हैं। हालत यह है कि न तो शहर की किसी कॉलोनी में नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में हफ्तों तक पानी आ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों का कंठ सूख रहा है तो उनका सब्र भी जवाब दे रहा है। अब तक पानी को लेकर दो बार जाम लग चुका है और दर्जन भर प्रदर्शन हो चुके हैं। शेड्यूल के हिसाब से 17 जुलाई को नहरों में पानी आना था, मगर पहाड़ों में हुई बारिश से 13 जुलाई को ही पानी जुई नहर में पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अतिरिक्त पानी की डिमांड मुख्यालय से की थी, क्योंकि शहर के तीनों जलघर जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही खाली होने के कगार पर पहुंच गए थे। पुराना जलघर तो हफ्ते भर पहले ही सूख चुका था।
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यमुना के जलस्तर में आ रहा था लगातार उतार चढ़ाव
दक्षिण हरियाणा में यमुना का पानी ही सिंचाई व पेयजल आपूर्ति के लिए नहरों के जरिये आता है। कुछ अर्से पहले यमुना का जलस्तर काफी कम था, इसी वजह से नहरों के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने में भी सिंचाई विभाग को काफी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब स्थिति काफी सुधर गई है। फिलहाल यमुना का जलस्तर 40 हजार क्यूसेक नापा गया है। अगर पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ हरियाणा में बारिश होती है तो यमुना का जलस्तर भी 60 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाएगा। जिसके बाद सभी नहरों में अतिरिक्त पानी मिलेगा। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि लगातार तीन माह तक नहरों में अतिरिक्त पानी मिलेगा, जिससे जलघर के वाटर टैंकों को भरने में आसानी होगी।
अब लगातार मिलेगा पानी
जुई नहर में 900 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की डिमांड की गई थी, डिमांड के अनुसार मंगलवार सुबह नहर में पानी मिला है। शहरी दायरे के सभी जलघरों को भरना प्राथमिकता रहेगी, इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के जलघरों तक भी पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अब लगातार नहरों में पानी मिलने की उम्मीद है, जिससे जलसंकट के निजात मिलेगी।
-नवीन देशवाल, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।
प्रतिदिन होगी आपूर्ति
जलघर के टैंकों में नाममात्र पानी बचा है। जुई नहर में पानी मिलने से जलघरों को भरा जाएगा। इसके बाद पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति नियमित कर दी जाएगी। फिलहाल राशनिंग के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। टैंक भरने के बाद प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जाएगी।
-प्रवीन जांगड़ा, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा जन स्वास्थ्य विभाग।