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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Water failing to reach the tail end due to wall construction in the minor canal; farmers from three villages call a meeting.

Bhiwani News: माइनर में दीवार बनाने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी, तीन गांवों के किसानों ने बुलाई बैठक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:15 AM IST
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Water failing to reach the tail end due to wall construction in the minor canal; farmers from three villages call a meeting.
बवानीखेड़ा मानइर में ​खिंची गई दीवार।
बवानीखेड़ा। सिंचाई विभाग भले ही नहरों और माइनरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के दावे कर रहा हो लेकिन बवानीखेड़ा माइनर में मोगा संख्या 8000 के पास ईंटों की दीवार बनाए जाने से जाटू लोहारी, सुमड़ा खेड़ा और बलियाली के किसानों में रोष है। किसानों का आरोप है कि दीवार बनने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके विरोध में तीनों गांवों के किसानों ने लामबंद होकर 29 जून को बैठक बुलाई है जिसमें दीवार हटवाने को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि इस बार 21 जून को नहरी पानी पहुंचा था। पानी मांग की अपेक्षा काफी कम था। कभी सुंदर डिस्ट्रिब्यूटरी में पानी आया तो कभी बंद रही। इसी दौरान सिंचाई विभाग ने बवानीखेड़ा माइनर में मोगा संख्या 8000 के पास ईंटों की दीवार बनवा दी। दीवार के बीच में करीब दो से ढाई फुट चौड़ा एक नाका छोड़ा गया। किसानों का कहना है कि यह नाका माइनर की तलहटी से करीब आधा फुट से अधिक ऊंचाई पर बनाया गया है। ऐसे में यदि माइनर में एक फुट तक ही पानी बहता है तो वह मोगा संख्या 8000 तक ही रुक जाएगा और संबंधित मोरी में पूरा पानी चलता रहेगा। इससे दीवार के आगे टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच पाएगा।
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दीवार बनाए जाने की जानकारी मिलने पर गांव जाटू लोहारी, सुमड़ा खेड़ा और बलियाली के किसानों ने इसकी तस्वीरें आपस में साझा कीं। इसके बाद किसान विरोध के लिए एकजुट होने लगे।
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दीवार से कुछ किसानों को लाभ पहुंचाने का आरोप
माइनर में दीवार बनाए जाने के बाद किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने यह कदम मोगा संख्या 8000 तक पड़ने वाले एक-दो गांवों के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया है। किसानों का कहना है कि सामान्यतः माइनर के बीच में न तो दीवार बनाई जाती है और न ही इस प्रकार का नाका निकाला जाता है। खासकर उन माइनरों में ऐसा नहीं किया जाता जिनके हेड पर शटर लगे होते हैं। माइनर टूटने की स्थिति में शटर बंद कर पानी रोका जा सकता है। बवानीखेड़ा माइनर के हेड पर भी शटर लगा हुआ है जिससे पानी की मात्रा नियंत्रित की जा सकती है। ऐसे में मोगा संख्या 8000 पर दीवार बनाए जाने को किसान समझ से परे बता रहे हैं।


माइनर के जिस क्षेत्र में दीवार की आड़ लगवाई है वहां के किसानों की मांग पर खिंचवाई गई है। उन किसानों का कहना था कि उनकी मोरी में पानी नहीं आता। अब पानी पहुंचने लगा है। वहीं आगे के गावों में भी पानी की कमी नहीं रहेगी क्योंकि दीवार के बीच में नाका छोड़ा हुआ है। -एसडीओ राकेश कुमार, सिंचाई विभाग।
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