फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   water cleaning

अब पॉलिथीन कचरा भी नहीं बनेगा शहर से सीवरेज पानी की निकासी में रोड़ा

Mon, 19 Aug 2019 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
water cleaning
14 डिस्पोजल के टैंक में कूड़ा निकालने के लिए लगाई गई मैकेनिकल स्क्रीन मशीन। - फोटो : Bhiwani
अब पॉलीथीन कचरा शहर की सीवरेज व्यवस्था को ठप नहीं कर पाएगा। और न ही पॉलिथीन गंदे पानी की निकासी में बाधा बन पाएंगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने करीबन 25 लाख रुपये की लागत से देवसर चुंगी स्थित मैन डिस्पोजल के अंदर दो मैकेनिकल स्क्रीन लगाई हैं। जो शहर से सीवरेज सिस्टम के जरिए आने वाले पॉलिथीन कचरे को साफ करने का काम करेंगी। इससे पहले रोजाना चार सफाई कर्मचारी मैन डिस्पोजल के टैंकों से पॉलिथीन कचरे को निकालने का काम मैनुअल करते थे। तीन टैंकों से दो ट्रॉली पॉलिथीन कचरा निकालने में कर्मचारियों को पूरा दिन लग जाता था। अब ये कार्य मैकेनिकल स्क्रीन से चंद मिनटों में हो जाएगा।
विज्ञापन

जिला प्रशासन द्वारा शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने का अभियान पिछले काफी अर्से से चलाया हुआ है। इसके बावजूद भी शहर के अंदर पॉलिथीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से चल रहा है। इतना ही नहीं पॉलिथीन ना केवल पर्यावरण प्रदूषण का र्प्याय बनी हैं, बल्कि शहर की पुराने सीवरेज सिस्टम की भी दुश्मन बनी है। क्योंकि शहर की सीवरेज व्यवस्था को ठप करने में पॉलिथीन कचरा सबसे मुख्य कारण है। इसी समस्या का हल खोजने के मकसद से जिला प्रशासन ने पर्यावरण प्रदूषण व सीवरेज सिस्टम को जाम होने से बचाने के लिए पॉलिथीन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है।
विज्ञापन

छह माह तक चला शहर में पॉलिथीन धरपकड़ का अभियान
जिला प्रशासन द्वारा जनवरी माह से लेकर जून माह तक शहर के अंदर पॉलिथीन की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। नगर परिषद सहित विभिन्न विभागों की नौ टीमों ने करीबन 12 क्विंटल पॉलिथीन को छह माह के अंतराल के दौरान जब्त कर डाला। इतना ही नहीं इतनी बड़ी तादाद में पॉलिथीन जब्त किए जाने के दौरान लाखों रुपयों का जुर्माना भी दुकानदारों पर लगाया गया। मगर इसके बावजूद भी पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं रुका।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीबन 80 साल पुराना है शहर का सीवरेज सिस्टम
भिवानी शहर का सीवरेज सिस्टम करीबन 80 साल पुराना है। इस सीवरेज सिस्टम का करोड़ों रुपयों के बजट से जीर्णोद्धार किया जा चुका है। जिसके बाद इसकी उम्र भी बढ़ गई है। हालांकि इतने पुराने सीवरेज सिस्टम के बावजूद शहर के निचले इलाकों में थोड़ी सी बारिश में ही बरसाती पानी जमा हो जाता है और कई हिस्सों में सीवरेज भी बैक मारने लगते हैं। पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी इसकी वजह सिर्फ पॉलिथीन कचरे को ही मान रहे हैं। क्योंकि पॉलिथीन कचरा सीवरेज में पहुंचने के बाद नष्ट नहीं होता, बल्कि सीवरेज को पूरी तरह से जाम कर देता है। यहीं वजह है कि जब पानी का दबाव सीवरेज पर ज्यादा होता है तो पॉलीथीन कचरा सीधा डिस्पोजल तक पहुंच जाता है।

शहर के मैन डिस्पोजल पर मैकेनिकल स्क्रीन लगाई गई हैं। ये लगातार सीवरेज के जरिए यहां तक आने वाले पॉलिथीन कचरे को टैंकों से साफ कर बाहर निकालती रहती है। बरसाती दिनों में तो रोजाना टैंक से ढाई से तीन ट्राली पॉलिथीन कचरा भी निकल जाता है, जबकि सामान्य दिनों में एक से डेढ़ ट्राली पॉलिथीन कचरा यहां निकलता है। मैनुअल तौर पर काम कराने में चार सफाई कर्मचारियों को पूरा दिन लग जाता था। मगर अब यह काम मिनटों में जब भी जरूरत हो झट से हो जाता है।
-महेंद्र सिंह, जेई मैन डिस्पोजल भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed