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Bhiwani News: मनीषा की डीएनए रिपोर्ट का इंतजार, अब 27 को होगी श्रद्धांजलि सभा
Mon, 25 Aug 2025 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:09 PM IST
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मनीषा का फाइल फोटो।
भिवानी (ढिगावा)। शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में अब डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। अभी दिल्ली एम्स में कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी आना बाकी है। वहीं, अब 27 अगस्त को ढाणी लक्ष्मण में श्रद्धांजलि सभा होगी। वहीं, जजपा की महिला नेता एवं पूर्व विधायक नैना चोटाला ने मनीषा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
ढाणी लक्ष्मण की शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त को घर से स्कूल के लिए निकली थी। उसके शाम तक नहीं लौटने पर परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। पिता संजय ने मनीषा की 12 अगस्त को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को 13 अगस्त को सिंघानी में नहर के समीप मनीषा का शव मिला था। उसकी पहचान परिजनों ने चेहरे से नहीं बल्कि कपड़ों से की थी। उसका चेहरा बुरी तरह से नोचा हुआ था। चेहरे की चमड़ी, मॉस और आंखें तक गायब थी। उस समय विसरा रिपोर्ट में 10 तरह के सैंपल लिए गए थे। हालांकि डीएनए की जांच का सैंपल रोहतक पीजीआई में दूसरी रिपोर्ट के दौरान सरकारी लैब में भेजा गया। अब इस रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा है।
रोहतक पीजीआई में कराए गए दूसरे पोस्टमार्टम की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी मधुबन और सुनारिया लैब से आ चुकी हैं, जिसमें मनीषा की हत्या के बजाय आत्महत्या की तरफ इशारा किया जा रहा है। मृतका के परिजन इस रिपोर्ट से इत्तेफाक नहीं रखते थे। परिजनों की मांग पर ही 20 अगस्त को दिल्ली एम्स से तीसरी बार मनीषा का पोस्टमार्टम कराया गया था। प्रदेश सरकार इस मामले को अब सीबीआई को सौंपेगी। मनीषा की पहले पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए विसरा सैंपल और मृत शरीर से भी सैंपल लिए गए थे।
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नैना चौटाला ने कानून व्यवस्था के मसले पर सरकार को घेरा
वहीं, ढाणी लक्ष्मण में पूर्व विधायक नैना चौटाला ने मनीषा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था होती तो बेटियों की हत्या कर खेतों में फेंकने जैसी घटनाएं नहीं होती। मनीषा की घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है। मनीषा जिस दिन घर से निकली, फिर कभी नहीं लौटी। अफवाहों ने इस मामले को और जटिल बना दिया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि अब कोई भी फैसला आए, लेकिन बेटी मनीषा अब वापस नहीं आएगी। यह दर्द उसके माता-पिता को सदा बना रहेगा।
कॉलेज प्रबंधन ने मनीषा की मौत मामले में सफाई दी
मनीषा की मौत प्रकरण में परिजनों के आरोप लगे और सोशल मीडिया पर भी अफवाहें उड़ी। इस पर प्रबंधन ने अब खुद मनीषा की मौत के मामले में अपना पक्ष रखा है। नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन पदाधिकारियों ने कहा कि मनीषा की मौत मामले से उनका कोई सरोकार नहीं है, क्योंकि वह उनके कॉलेज में पूछताछ के लिए नहीं आई थी। कॉलेज में तैनात कर्मचारियों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कॉलेज प्रबंधन ने राजस्थान में दूसरे कॉलेज प्रबंधन पर उन्हें बदनाम करने और इस मामले से जोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि कॉलेज प्रबंधन का यह तक दावा है कि वह हर तरह से जांच के लिए तैयार हैं।
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ढाणी लक्ष्मण की शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त को घर से स्कूल के लिए निकली थी। उसके शाम तक नहीं लौटने पर परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। पिता संजय ने मनीषा की 12 अगस्त को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को 13 अगस्त को सिंघानी में नहर के समीप मनीषा का शव मिला था। उसकी पहचान परिजनों ने चेहरे से नहीं बल्कि कपड़ों से की थी। उसका चेहरा बुरी तरह से नोचा हुआ था। चेहरे की चमड़ी, मॉस और आंखें तक गायब थी। उस समय विसरा रिपोर्ट में 10 तरह के सैंपल लिए गए थे। हालांकि डीएनए की जांच का सैंपल रोहतक पीजीआई में दूसरी रिपोर्ट के दौरान सरकारी लैब में भेजा गया। अब इस रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा है।
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रोहतक पीजीआई में कराए गए दूसरे पोस्टमार्टम की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी मधुबन और सुनारिया लैब से आ चुकी हैं, जिसमें मनीषा की हत्या के बजाय आत्महत्या की तरफ इशारा किया जा रहा है। मृतका के परिजन इस रिपोर्ट से इत्तेफाक नहीं रखते थे। परिजनों की मांग पर ही 20 अगस्त को दिल्ली एम्स से तीसरी बार मनीषा का पोस्टमार्टम कराया गया था। प्रदेश सरकार इस मामले को अब सीबीआई को सौंपेगी। मनीषा की पहले पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए विसरा सैंपल और मृत शरीर से भी सैंपल लिए गए थे।
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नैना चौटाला ने कानून व्यवस्था के मसले पर सरकार को घेरा
वहीं, ढाणी लक्ष्मण में पूर्व विधायक नैना चौटाला ने मनीषा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था होती तो बेटियों की हत्या कर खेतों में फेंकने जैसी घटनाएं नहीं होती। मनीषा की घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है। मनीषा जिस दिन घर से निकली, फिर कभी नहीं लौटी। अफवाहों ने इस मामले को और जटिल बना दिया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि अब कोई भी फैसला आए, लेकिन बेटी मनीषा अब वापस नहीं आएगी। यह दर्द उसके माता-पिता को सदा बना रहेगा।
कॉलेज प्रबंधन ने मनीषा की मौत मामले में सफाई दी
मनीषा की मौत प्रकरण में परिजनों के आरोप लगे और सोशल मीडिया पर भी अफवाहें उड़ी। इस पर प्रबंधन ने अब खुद मनीषा की मौत के मामले में अपना पक्ष रखा है। नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन पदाधिकारियों ने कहा कि मनीषा की मौत मामले से उनका कोई सरोकार नहीं है, क्योंकि वह उनके कॉलेज में पूछताछ के लिए नहीं आई थी। कॉलेज में तैनात कर्मचारियों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कॉलेज प्रबंधन ने राजस्थान में दूसरे कॉलेज प्रबंधन पर उन्हें बदनाम करने और इस मामले से जोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि कॉलेज प्रबंधन का यह तक दावा है कि वह हर तरह से जांच के लिए तैयार हैं।