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Bhiwani News: महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर हो मतदान

Thu, 16 May 2024 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 16 May 2024 11:24 PM IST
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Voting should be held on the issue of women's education and security
 लोकसभा चुनाव के लिए महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करती  महिलाएं। 
भिवानी। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीति चर्चा गर्म होती जा रही है। राजनीति का रंग इस समय शहर की महिलाओं में भी खूब देखने को मिल रहा है। केवल पुरुष ही गंभीर मुद्दों पर बात नहीं कर रहे बल्कि महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपने मुद्दे सरकार के समक्ष लाने की कोशिश कर रही हैं और महिलाओं से जुड़ी जो समस्याएं हैं, उस पर चर्चा हो रही है।
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शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पीएमश्री विद्यालय में वीरवार को हमारा अपना फाउंडेशन की महिला विंग पदाधिकारियों से संवाद कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर शिक्षा विभाग से जुड़ी और कामकाजी महिलाओं ने अपनी बात रखी। इस दौरान महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा के मुद्दे मतदान की बात सभी ने कही। ये महिलाएं एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) को गलत और ओपीएस (पुरानी पेंशन) को सही मान रही हैं।
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हमारा अपना फाउंडेशन की महिला विंग सदस्या रीना, विभा, विजयलक्ष्मी, माया कुमारी, बबीता सिंह, दीप माला, कोमल, शालू, सुनीता, कुलवंत कौर, अर्चना, ईशु, सरोज, मोहिनी आहुजा, रेखा जैन ने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव में उनके पास ऐसे कई मुद्दे हैं जो वह सरकार की नजर में लाना चाहती हैं। खास तौर पर महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर जो योजनाएं बनाई गई है उस पर भी चर्चा हो रही है। क्योंकि यह योजनाएं केवल कागजों तक ही सिमट है ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो कुछ खास रिजल्ट सामने नहीं आ रहे हैं।
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विभिन्न क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि सरकार वादे बहुत बड़े-बड़े करती है लेकिन हकीकत में यह सिर्फ वादे ही हैं। जो महिलाएं सरकारी स्कूल और कॉलेज में पढ़ा रही हैं वह एक ही उम्मीद पर थी कि उन्हें पेंशन मिलेगी एनपीएस खत्म होगा। लेकिन सरकार द्वारा एनपीएस लाकर उनकी यह उम्मीद भी खत्म कर दी गई है। जो की बहुत ही गलत कदम है। लड़कियों के लिए योजनाएं तो कई सरकार ने चलाई है पर यह सभी योजनाएं महिलाओं को लाभ नहीं दे रही हैं। कागजों में कुछ और है और हकीकत में कुछ और ही चल रहा है। हम महिलाओं की जो मूलभूत जरूरतें हैं उस पर सरकार का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है।

मैं एनपीएस को बिल्कुल गलत मानती हूं। सरकारी काम का रुझान यही था कि इसमें पेंशन मिलती थी सबको सामाजिक सुरक्षा मिलनी जरूरी है, इसलिए एनपीएस को खत्म किया जाए। हम इतनी मेहनत कर रहे हैं पर सरकार अपनी मनमानी योजनाओं को चलकर हमसे हमारे हक छीन रही है।
- रीना कुमारी, अध्यापिका।


जिस तरीके से लगातार महंगाई बढ़ रही है यह आम लोगों को काफी परेशान करने वाला मुद्दा है। हम तो एनपीएस के फेवर में नहीं है। क्योंकि जब सरकार टैक्स ले रही है तो पेंशन देने में उसे क्या दिक्कत है। पेंशन हमारा अधिकार है।
- सुनीता, अध्यापिका।
महिलाओं की शिक्षा को बेहतर करने के लिए सरकार ने यूं तो अनेकों योजनाएं चलाई हुई हैं। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ योजना के तहत विभिन्न प्रकार की योजनाएं शिक्षा के लिए चल रही हैं। मगर इसका लाभ लेने से लड़कियां वंचित। जो योजनाएं हैं वह कागज में कुछ और असलियत में कुछ और है।

सरोज, अध्यापिका।
महिलाएं केवल घर तक ही सीमित हो रही है। क्योंकि अधिक पढ़ाई करके भी उन्हें मनचाही नौकरी प्राप्त नहीं हो रही है। सरकार को घरेलू महिलाओं के लिए भी कोई योजना लानी चाहिए। इससे उन्हें भी लाभ मिले। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घटनाओं काे रोकने के लिए इस पर सख्त कानून बनाने चाहिए।
- रेखा जैन, गृहिणी
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