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सुरेंद्र हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा ग्रामीणों की बैठक
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पुलिस थाना में सुरेन्द्र मर्डर केस में जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन ग्रामीणों को देते ?
- फोटो : Bhiwani
बहल। तीन महीने पहले हरियावास गांव में हुए सुरेंद्र मर्डर केस में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा लोगों ने मंगलवार को अनाज मंडी में बैठक की। बैठक में शामिल हरियावास, गोपालवास व सिधनवा सहित अन्य गांवों के लोगों ने कहा कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। उनको अविलंब न्याय चाहिए। डीएसपी जगत सिंह मोर ने केस को सुलझाने के लिए लोगों से दो सप्ताह का समय मांगा। पर, लोगों ने कहा कि अगर दस दिन में आरोपी नहीं पकड़े गए तो वे 21 मई को फिर से आंदोलन करेंगे।
मंगलवार को हरियावास, सिधनवा, गोपालवास सहित अन्य गांव के लोग नई अनाज मंडी में एकत्रित हुए। लोगों ने कहा कि सुरेंद्र हत्याकांड को करीब तीन महीने का समय बीत चुका है। पर, पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। पुलिस जांच के नाम पर केवल लोगों को परेशान कर रही है, जबकि असली अपराधी पुलिस की पहुंच से दूर है। ऐसे में पुलिस जांच पर कैसे यकीन किया जा सकता है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करे, नहीं तो बड़े स्तर पर पुलिस, प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के रवि आजाद ने कहा कि मामले की जांच में शुरू से ही गंभीरता नहीं बरती गई वर्ना पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में इतना समय नहीं लगता।
बैठक के बाद एकत्रित लोग सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस थाने में मौजूद डीएसपी जगत सिंह मोर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस के लिए यह पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर केस है। मामले की जांच सीआईए भिवानी इंस्पेक्टर योगेश हुड्डा के नेतृत्व में की जा रही है, जिसे एसपी भिवानी डायरेक्ट मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनको यकीन है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएगी। लेकिन, लोग इस बात पर अड़े रहे कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का समय निर्धारित करे। इस पर डीएसपी ने लोगों से दो सप्ताह का समय मांगा। पर, लोगों ने पुलिस को दस दिन का समय देते हुए कहा कि अगर 20 मई तक आरोपी नहीं पकड़े गए तो 21 मई से फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।
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इस मौके पर प्रदीप मंढ़ोली, रवि आजाद, सुरत सिंह हरियावास, डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, सुमेर प्रधान, जयवीर गोपालवास, दयाचंद सिधनवा, रामसिंह जांगड़ा हरियावास, विजयपाल, काला मंढ़ोली, राजेन्द्र हरियावास सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
यह था मामला -
हरियावास गांव के सुरेंद्र की 7 और 8 फरवरी की रात को हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय सुरेंद्र खेत में अपने निर्माणाधीन मकान में सोया हुआ था। आरोपियों ने सुरेंद्र की हत्या करने के बाद उसका गुप्तांग काट कर उसके शरीर पर रख दिया था। सुरेंद्र अपने पिता के साथ ही खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था। वह हर रोज फसलों की रखवाली करने जाता था और निर्माणाधीन मकान में सो जाता था। घटना की रात को भी वह फसलों में पानी देने की बात कहकर घर से गया था।
नए नामों की सौंपी सूची -
पुलिस से मिलने आए लोगों ने केस की स्टेट्स रिपोर्ट जानी और कुछ नए नामों की सूची सौंपी। लोगों ने कहा कि पुलिस सूची में बताए गए इन नए लोगों को भी जांच के दायरे में लाए ताकि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके। लोगों ने कहा कि पुलिस की जांच संतोषजनक नहीं है और पुलिस अपनी कार्रवाई में तेजी लाए, ताकि मामले में दोषी लोगों की पहचान हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। डीएसपी जगत सिंह मोर ने लोगों को आश्वासन दिया कि पुलिस इन नामों को भी अपनी जांच में शामिल करेगी।
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मंगलवार को हरियावास, सिधनवा, गोपालवास सहित अन्य गांव के लोग नई अनाज मंडी में एकत्रित हुए। लोगों ने कहा कि सुरेंद्र हत्याकांड को करीब तीन महीने का समय बीत चुका है। पर, पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। पुलिस जांच के नाम पर केवल लोगों को परेशान कर रही है, जबकि असली अपराधी पुलिस की पहुंच से दूर है। ऐसे में पुलिस जांच पर कैसे यकीन किया जा सकता है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करे, नहीं तो बड़े स्तर पर पुलिस, प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के रवि आजाद ने कहा कि मामले की जांच में शुरू से ही गंभीरता नहीं बरती गई वर्ना पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में इतना समय नहीं लगता।
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बैठक के बाद एकत्रित लोग सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस थाने में मौजूद डीएसपी जगत सिंह मोर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस के लिए यह पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर केस है। मामले की जांच सीआईए भिवानी इंस्पेक्टर योगेश हुड्डा के नेतृत्व में की जा रही है, जिसे एसपी भिवानी डायरेक्ट मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनको यकीन है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएगी। लेकिन, लोग इस बात पर अड़े रहे कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का समय निर्धारित करे। इस पर डीएसपी ने लोगों से दो सप्ताह का समय मांगा। पर, लोगों ने पुलिस को दस दिन का समय देते हुए कहा कि अगर 20 मई तक आरोपी नहीं पकड़े गए तो 21 मई से फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।
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इस मौके पर प्रदीप मंढ़ोली, रवि आजाद, सुरत सिंह हरियावास, डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, सुमेर प्रधान, जयवीर गोपालवास, दयाचंद सिधनवा, रामसिंह जांगड़ा हरियावास, विजयपाल, काला मंढ़ोली, राजेन्द्र हरियावास सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
यह था मामला -
हरियावास गांव के सुरेंद्र की 7 और 8 फरवरी की रात को हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय सुरेंद्र खेत में अपने निर्माणाधीन मकान में सोया हुआ था। आरोपियों ने सुरेंद्र की हत्या करने के बाद उसका गुप्तांग काट कर उसके शरीर पर रख दिया था। सुरेंद्र अपने पिता के साथ ही खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था। वह हर रोज फसलों की रखवाली करने जाता था और निर्माणाधीन मकान में सो जाता था। घटना की रात को भी वह फसलों में पानी देने की बात कहकर घर से गया था।
नए नामों की सौंपी सूची -
पुलिस से मिलने आए लोगों ने केस की स्टेट्स रिपोर्ट जानी और कुछ नए नामों की सूची सौंपी। लोगों ने कहा कि पुलिस सूची में बताए गए इन नए लोगों को भी जांच के दायरे में लाए ताकि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके। लोगों ने कहा कि पुलिस की जांच संतोषजनक नहीं है और पुलिस अपनी कार्रवाई में तेजी लाए, ताकि मामले में दोषी लोगों की पहचान हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। डीएसपी जगत सिंह मोर ने लोगों को आश्वासन दिया कि पुलिस इन नामों को भी अपनी जांच में शामिल करेगी।