फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   villagers did not open gate of CBLU

दूसरे दिन भी किसानों नहीं खोला सीबीएलयू का रास्ता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 12:47 AM IST
विज्ञापन
villagers did not open gate of CBLU
धरने पर बैठे किसानों को मनाने का प्रयास करते पुलिसकर्मी। विज्ञप्ति - फोटो : Bhiwani
भिवानी। सीबीएलयू में नौकरी और दाखिलों में आरक्षण की मांग को लेकर दूसरे दिन भी प्रेमनगर के किसानों ने विश्वविद्यालय का रास्ता नहीं खोला। पुलिस अधिकारियों के काफी मनाने के बाद भी किसान नहीं माने और आरक्षण नहीं मिलने तक रास्ता नहीं खोलने की जिद पर अड़े रहे।
विज्ञापन

बता दें कि गांव प्रेमनगर के किसानों ने गांव में यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए सरकार को निशुल्क जमीन दी थी। किसानों का कहना है कि इसकी एवज में सरकार ने उन्हें नौकरियों और दाखिलों में आरक्षण देने की बात कही थी। मगर दोनों ही वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज तो यहां से शिफ्ट ही कर दिया गया है। इन सभी मांगों को लेकर शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय में जाने के रास्ते को टैंकर खड़े करके बंद कर दिया था। शनिवार को भी रास्ता बंद रहा।
विज्ञापन

प्रेमनगर के पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह ने कहा कि गांव के साथ सरकार धोखा कर रही है। दाखिलों में सिर्फ एक फीसदी आरक्षण दिया गया है। गांव को दाखिलों में पांच फीसदी और नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण चाहिए। सुरेश फौजी और सुखबीर ढांडा ने कहा कि गांव के लोग कोई नाजायज मांग नहीं कर रहे हैं। सरकार के साथ तय हुई बात पर ही अमल करने की मांग कर रहे हैं, जब तक मांग नहीं मानी जाएंगी, तब तक विश्वविद्यालय का रास्ता नहीं खोला जाएगा। इस दौरान कैप्टन कलम सिंह, राजेश बूरा, प्रदीप, सुरेंद्र, कुलदीप धनाना, संदीप सिवाच और अशोक प्रधान भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed