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Bhiwani News: विभिन्न संगठनों ने लघु सचिवालय के बाहर शुरू किया दो दिवसीय पड़ाव
Wed, 09 Aug 2023 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 09 Aug 2023 11:38 PM IST
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लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ रोष जताते विभिन्न जनसंगठनों के लोग।
भिवानी। विभिन्न संगठनों ने राज्य सरकार के विरोध में जिला हेडक्वार्टर पर दो दिन का पड़ाव शुरू किया। सीटू, एटक, इंटक, ऑल इंडिया यूटीयूसी, सर्व कर्मचारी संघ, कर्मचारी महासंघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय किसान सभा व अन्य कर्मचारी संगठन इसमें शामिल हुए।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता साधुराम, मास्टर बस्तीराम, सज्जन सांगा, रामफल देशवाल, सुजीत, ईश्वर शर्मा, शुशीला, सुशील आलमपुर ने संयुक्त रूप से की। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि देश में कॉर्पोरेट परस्त नीतियां लागू करके केंद्र सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और आमदनी में गैर बराबरी बढ़ा दी है। संयुक्त आंदोलन ने लिपिकों व आशा वर्करों की हड़ताल का भी समर्थन किया और उनकी मांगे लागू करने की मांग की।
विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने न्यूनतम मजदूरी 26000 रुपये प्रति माह, पुरानी पेंशन बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, महकमों में रिक्त पद भरने, परियोजना वर्करों को पक्का कर के कर्मचारी बनाना, मजदूरों के हित के कानून को बहाल करने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। पड़ाव को ट्रेड यूनियन नेता कामरेड अनिल कुमार, धर्मबीर, रामोतार खोरड़ा, फूल सिंह इंदौरा, राममेहर सिंह, कर्मचारी नेता ओमबीर राणा, सुखदर्शन सरोहा, किसान नेता कामरेड ओमप्रकाश मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता साधुराम, मास्टर बस्तीराम, सज्जन सांगा, रामफल देशवाल, सुजीत, ईश्वर शर्मा, शुशीला, सुशील आलमपुर ने संयुक्त रूप से की। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि देश में कॉर्पोरेट परस्त नीतियां लागू करके केंद्र सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और आमदनी में गैर बराबरी बढ़ा दी है। संयुक्त आंदोलन ने लिपिकों व आशा वर्करों की हड़ताल का भी समर्थन किया और उनकी मांगे लागू करने की मांग की।
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विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने न्यूनतम मजदूरी 26000 रुपये प्रति माह, पुरानी पेंशन बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, महकमों में रिक्त पद भरने, परियोजना वर्करों को पक्का कर के कर्मचारी बनाना, मजदूरों के हित के कानून को बहाल करने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। पड़ाव को ट्रेड यूनियन नेता कामरेड अनिल कुमार, धर्मबीर, रामोतार खोरड़ा, फूल सिंह इंदौरा, राममेहर सिंह, कर्मचारी नेता ओमबीर राणा, सुखदर्शन सरोहा, किसान नेता कामरेड ओमप्रकाश मौजूद रहे।
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